Second Hand Car Buying Tips: भारत में त्योहारों का समय हमेशा नए सामान खरीदने का शुभ माना जाता है। यही वजह है कि इस सीजन में कारों की डिमांड भी तेजी से बढ़ती है। लेकिन हर कोई नई कार खरीदने का बजट नहीं रखता, ऐसे में सेकेंड हैंड कार एक बेहतरीन विकल्प बन जाती है, हालांकि सेकेंड हैंड कार खरीदते समय कई लोग जल्दबाजी या जानकारी की कमी के कारण बड़ी गलतियां कर बैठते हैं, जिनका खामियाजा उन्हें बाद में भुगतना पड़ता है। अगर आप भी इस त्योहार पर सेकेंड हैंड कार लेने की सोच रहे हैं, तो इन 3 गलतियों से जरूर बचें।
1. कार का पूरा हिस्ट्री चेक न करना
अक्सर लोग गाड़ी का मॉडल, माइलेज और लुक देखकर तुरंत डील फाइनल कर देते हैं, लेकिन जरूरी है कि आप कार का पूरा सर्विस रिकॉर्ड, इंश्योरेंस हिस्ट्री और एक्सीडेंट रिपोर्ट चेक करें। इससे आपको पता चलेगा कि गाड़ी पहले किस हालत में रही है।
2. टेस्ट ड्राइव को हल्के में लेना
कई लोग सोचते हैं कि कार ठीक दिख रही है तो टेस्ट ड्राइव की क्या जरूरत। यह सबसे बड़ी गलती है। टेस्ट ड्राइव से आपको इंजन की स्मूदनेस, ब्रेक की परफॉर्मेंस, सस्पेंशन और गियर की स्थिति का अंदाजा लगेगा।
3. कागजात की ठीक से जांच न करना
सेकेंड हैंड कार लेते समय RTO से रजिस्ट्रेशन, इंश्योरेंस पेपर, पॉल्यूशन सर्टिफिकेट और लोन क्लियरेंस डॉक्यूमेंट्स की जांच करना बेहद जरूरी है। अगर कागजात पूरे नहीं हैं तो आगे चलकर आपको कानूनी परेशानी हो सकती है।
