Unsold Cars: भारतीय कार मार्केट दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी कार मार्केट है और इस वक्त यह काफी अजीबो-गरीब समस्या का सामना कर रही है। फेडरेशन ऑफ ऑटोमोबाइल डीलर्स एसोसिएशन (FADA) ने हाल ही में जानकारी देते हुए बताया है कि कारों की मांग में कमी की वजह से डीलर्स के पास मौजूद इन्वेंटरी में कारों की संख्या में बढ़ोत्तरी देखने को मिल रही है। डीलर्स के पास मौजूद कारों की संख्या 7 लाख के पार जा पहुंची है और इन कारों की कीमत लगभग 73,000 करोड़ रुपये है।
बिक्री हुई कम
कार डीलर्स के पास इन्वेंटरी में मौजूद कारों की संख्या बढ़ रही है और दूसरी तरफ बिक्री में भी कमी हुई है जिसकी वजह से इस वक्त डीलरशिप पर प्रेशर बहुत ही ज्यादा है। FADA ने जानकारी देते हुए यह भी बताया है कि पहले इन्वेंटरी में कारों को 65-67 दिनों के लिए रोककर रखा जाता था लेकिन अब यह समय सीमा 70-75 दिनों तक जा पहुंची है।
इन कारों का क्या होगा?
फिलहाल सभी डीलर्स फेस्टिव सीजन की तरफ आशा भरी नजरों से देख रहे हैं। फेस्टिव सीजन में इन कारों पर डिस्काउंट ऑफर करके इन्वेंटरी को थोड़ा खाली किया जा सकता है जिससे डीलरशिप पर मौजूद प्रेशर कम होगा। साथ ही कार निर्माता कंपनियों को भी अपने प्रोडक्शन की रफ्तार में कमी करनी होगी ताकि मार्केट में मौजूद इस स्थिति को सुलझाया जा सके। देश की सबसे बड़ी कंपनी मारूति सुजुकी ने हाल ही में जानकारी देते हुए बताया था कि वह अपने प्रोडक्शन में कमी करने वाली है।
