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Unsold Cars: डीलर्स के पास पड़ी हैं 7 लाख से ज्यादा कारें, 73,000 करोड़ की कारों का आखिर क्या होगा

भारतीय ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री इस वक्त एक बहुत ही अजब गजब समस्या से जूझ रही है। कारों की मांग में कमी की वजह से डीलर्स के पास इन्वेंटरी में पड़ी कारों की संख्या बढ़ने लगी है। हाल ही में फेडरेशन ऑफ ऑटोमोबाइल डीलर्स एसोसिएशन (FADA) ने जानकारी देते हुए बताया है कि इस वक्त भारत में डीलर्स के पास इन्वेंटरी में 7 लाख से ज्यादा कारें मौजूद हैं जिनकी कीमत लगभग 73,000 करोड़ रुपये है।

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डीलर्स के पास पड़ी हैं 7 लाख से ज्यादा कारें, 73,000 करोड़ की कारों का आखिर क्या होगा

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Unsold Cars: भारतीय कार मार्केट दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी कार मार्केट है और इस वक्त यह काफी अजीबो-गरीब समस्या का सामना कर रही है। फेडरेशन ऑफ ऑटोमोबाइल डीलर्स एसोसिएशन (FADA) ने हाल ही में जानकारी देते हुए बताया है कि कारों की मांग में कमी की वजह से डीलर्स के पास मौजूद इन्वेंटरी में कारों की संख्या में बढ़ोत्तरी देखने को मिल रही है। डीलर्स के पास मौजूद कारों की संख्या 7 लाख के पार जा पहुंची है और इन कारों की कीमत लगभग 73,000 करोड़ रुपये है।

बिक्री हुई कम

कार डीलर्स के पास इन्वेंटरी में मौजूद कारों की संख्या बढ़ रही है और दूसरी तरफ बिक्री में भी कमी हुई है जिसकी वजह से इस वक्त डीलरशिप पर प्रेशर बहुत ही ज्यादा है। FADA ने जानकारी देते हुए यह भी बताया है कि पहले इन्वेंटरी में कारों को 65-67 दिनों के लिए रोककर रखा जाता था लेकिन अब यह समय सीमा 70-75 दिनों तक जा पहुंची है।

इन कारों का क्या होगा?

फिलहाल सभी डीलर्स फेस्टिव सीजन की तरफ आशा भरी नजरों से देख रहे हैं। फेस्टिव सीजन में इन कारों पर डिस्काउंट ऑफर करके इन्वेंटरी को थोड़ा खाली किया जा सकता है जिससे डीलरशिप पर मौजूद प्रेशर कम होगा। साथ ही कार निर्माता कंपनियों को भी अपने प्रोडक्शन की रफ्तार में कमी करनी होगी ताकि मार्केट में मौजूद इस स्थिति को सुलझाया जा सके। देश की सबसे बड़ी कंपनी मारूति सुजुकी ने हाल ही में जानकारी देते हुए बताया था कि वह अपने प्रोडक्शन में कमी करने वाली है।

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पवन कुमार मिश्रा Timesnowhindi.com के साथ फरवरी 2024 से बतौर सीनियर कॉपी एडिटर के रूप में जुड़े हैं। जन्म दिल्ली में हुआ और शिक्षा भी यहीं से पूरी की है। कारों से खास प्रेम है और ऑटोमोबाइल जगत से संबंधित हर छोटी-बड़ी अपडेट पर अपनी नजर रखते हैं और लोगों को गाड़ियों से संबंधित आवश्यक जानकारी प्रदान करते हैं। इसके साथ ही लोगों की आम समस्याओं और समस्याओं के समाधान के बारे में यूटिलिटी सेक्शन में भी लिखते हैं। संगीत में काफी रूचि है और व्यस्त न होने पर गाने गुनगुनाते या सुनते हुए नजर आते हैं। घूमने का भी काफी शौक है और प्रकृति से काफी लगाव भी। रामजस कॉलेज से हिंदी साहित्य में स्नातक की डिग्री प्राप्त की है और इससे पहले बिजनेसवर्ल्ड हिंदी में बतौर सब-एडिटर भी काम कर चुके हैं। पिछले 3.5 सालों से मीडिया इंडस्ट्री में मौजूद हैं।

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