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कार सर्विस का बिल हो जाएगा आधा, बस अपनाएं ये आसान टिप्स और ट्रिक्स

  • Authored by: अंशुमन साकल्ले
  • Updated Apr 3, 2023, 04:07 PM IST

कार खरीदने के बाद लोगों को पेट्रोल भरवाना तय हो चुका खर्च लगता है, इसके अलावा जो तय नहीं होता वो मेंटेनेंस पर होने वाला एक्सपेंस होता है। यहां हम आपको बता रहे हैं कैसे आप सर्विसिंग की लागत आधी कर सकते हैं।

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कार की सर्विस में कितना खर्च आएगा, इसकी जानकारी वर्कशॉप पहुंचने के बाद ही मिलती है।

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KEY HIGHLIGHTS
  • सर्विसिंग पर खर्च हो जाएगा आधा
  • रखना होगा बस इन बातों का ध्यान
  • कार की उम्र में हो जाएगा इजाफा

How To Reduce Car Service Cost Tips And Tricks: भारतीय परिवार में घर खरीदने के बाद शायद जो दूसरी सबसे बड़ी खरीद होती है वो कार होती है। कार खरीदने से लेकर उसे मेंटेन करके रखना देश के लोगों के लिए बड़ा खर्च माना जाता है और ग्राहक इसे खरीदते समय ही ईंधन, टैक्स और मेंटेनेंस के अलावा कार फाइनेंस और महंगे इंश्योरेंस को अपने बजट में लेकर चलते हैं। जितनी कार चलेगी, उतना पेट्रोल लगेगा जो ग्राहक को पता होता है और आसानी से इसका बजट निर्धारित किया जा सकता है। लेकिन कार की सर्विस में कितना खर्च आएगा, इसकी जानकारी वर्कशॉप पहुंचने के बाद ही मिलती है। तो यहां हम आपको बता रहे हैं कैसे आप कार के मेंटेनेंस पर होने वाले खर्च को बहुत कम कर सकते हैं।

इंजन ऑयल पर ध्यान दें

कार का मेंटेनेंस घटाना चाहते हैं तो आपको इसके इंजन ऑयल पर विशेष ध्यान देना होगा। यहीं से कार की बेहतर और बेकार स्थिति का फैसला होता है। हर 6 महीने के अंतराल या करीब 10,000 किमी पूरा होने पर अगर आप कार का इंजन ऑयल बदलते हैं तो आगे मेंटेनेंस पर बहुत कम खर्च होगा। इसके अलावा जानकार की राय और इंटरनेट पर देखकर आप अपनी कार के सही इंजन ऑयल भी चुनें।

टायर्स का भी है अहम रोल

बेहतर स्थिति में टायर्स ना सिर्फ आपकी कार की सेहत बेहतर बनाए रखते हैं, बल्कि यात्रियों की सेफ्टी में भी इनका अहम रोल होता है। एक्सपर्ट सलाह देते हैं कि हर 15 दिन में टायर प्रेशर की जांच करवाना चाहिए, हवा कम या ज्यादा होने पर इसका सीधा असर कार के इंजन पर पड़ता है। घिस जाने पर टायर्स को बदलने में देरी ना करें, इसके अलावा कार के अलाइनमेंट को भी बैलेंस रखेंगे तो टायर्स ज्यादा नहीं घिसेगा।

जितनी जरूरत उतना सामान लादें

कार के अंदर अगर आप जरूरत से ज्यादा या गैर जरूरी सामान लादकर रखेंगे तो इसका बुरा प्रभाव इंजन पर पड़ेगा। इसके अलावा वजन बढ़ा हुआ होगा तो कार के टायर्स भी समय से पहले घिस जाएंगे। ऐसे में कार के अंदर सिर्फ जरूरत की चीजें रखें जिससे बिना किसी एक्स्ट्रा दबाव के कार चलती रहे। ऐसा करने पर सर्विसिंग की लागत भी लगभग आधी हो जाती है।

स्पीड लिमिट पर दें खासा ध्यान

अगर आप तेज रफ्तार पर गाड़ी चलाना पसंद करते हैं तो इसके बारे में अच्छी तरह जान लें। हाई स्पीड में गाड़ी के चलने वाले हिस्से तो घिसते ही हैं, इसके इंजन, ट्रांसमिशन और सस्पेंशन की प्रभावित होते हैं। इसके अलावा तेजी से कार को एक्सेलरेट करने से भी बचना चाहिए, इससे इंजन पर दबाव पड़ता है और टायर्स भी फिजूल में घिसते हैं।

कूलिंग सिस्टम और स्पार्क प्लग

कार की सर्विसिंग में खर्च घटाना चाहते हैं तो आपको इसके कूलिंग सिस्टम पर भी ध्यान देना होगा। रेडिएटर में पर्याप्त पानी भरें, इसके अलावा पानी के साथ अगर एंटीफ्रीज फ्लूड का इस्तेमाल करेंगे तो इंजन को ओवरहीटिंग से बचाने में काफी मदद मिलेगी। इंजन टेंपरेचर इंडिकेटर पर भी नजर बनाए रखें। कार के प्रदर्शन में स्पार्क प्लग का भी बड़ा रोल होता है और इसे समय-समय पर साफ करने और बदलने से गाड़ी की हेल्थ बेहतर बनी रहती है।

अंशुमन साकल्ले
अंशुमन साकल्लेauthor

अंशुमन साकल्ले जून 2022 से टाइम्स नाउ नवभारत (www.timesnowhindi.com/) में बतौर सीनियर स्पेशल करेस्पॉन्डेंट कार्यरत हैं। ये ईएमएमसी, दैनिक भास्कर, एनडीटीवी और जी न्यूज डिजिटल में काम करने के बाद संस्थान से जुड़े। इन्हें सभी मुख्य बीट्स पर काम करने का अनुभव है और ये 12 वर्ष से भी ज्यादा इसी पेशे में गुजार चुके हैं। एक्सपर्टीज की बात करें तो ऑटो और टेक से जुड़ी तमाम खबरों का जिम्मा यही संभाल रहे हैं। ऑन ग्राउंड रिपोर्ट हो या वीडियो या फिर गाड़ियों का रिव्यू, ये हमेशा अलग-अलग एंगल से खबरों को रोचक बनाने में कोई कसर नहीं छोड़ते। भोपाल के रहने वाले अंशुमन बड़े घुमक्कड़ हैं और ये देश की लगभग सभी प्रचलित जगहों पर अपनी मौजूदगी दर्ज कर चुके हैं। एनडीटीवी से लेकर अब तक इन्होंने सिर्फ ऑटोमोबाइल जगत से जुड़ी खबरों पर ही काम किया है, हालांकि कोर बीट से इतर चुनाव, बजट या किसी भी बडे इवेंट पर इन्हें बड़ी और महत्वपूर्ण खबरों की जिम्मेदारी भी दी जाती है। इन सबके अलावा राजनीति में भी इन्हें खासी दिलचस्पी है, यही वजह है कि मध्यप्रदेश की पॉलिटिक्स को ये बहुत गहराई से जानते हैं।

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