अगर आपकी बाइक या कार 15 साल पुरानी हो चुकी है और अब उसे चलाने या संभालकर रखने में खर्च ज्यादा आने लगा है, तो उसे स्क्रैप कराना एक अच्छा ऑप्शन हो सकता है। सरकार की Vehicle Scrappage Policy का मकसद पुराने और अनफिट वाहनों को सड़क से हटाकर नए, सुरक्षित और कम प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों को बढ़ावा देना है।
15 साल पुरानी गाड़ी को स्क्रैप कराने का सबसे बड़ा फायदा यह है कि पुरानी गाड़ी को स्क्रैप सेंटर पर जमा करने के बाद आपको Certificate of Deposit (COD) या वाहन स्क्रैपिंग से जुड़ा प्रमाणपत्र मिलता है। इसी प्रमाणपत्र के आधार पर नई गाड़ी खरीदते समय अलग-अलग तरह की छूट का फायदा मिल सकता है। हालांकि, छूट कितना मिलेगी यह उस राज्य और गाड़ी के प्रकार पर निर्भर करती है।
रजिस्ट्रेशन फीस में छूट
अगर आप पुरानी गाड़ी को Registered Vehicle Scrapping Facility (RVSF) में स्क्रैप कराते हैं और उसके बाद स्क्रैपिंग प्रमाणपत्र के आधार पर नई गाड़ी खरीदते हैं, तो नई गाड़ी का रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट जारी करने की फीस माफ की जा सकती है। यह सुविधा केंद्र सरकार के नियमों में दी गई है। यानी पुरानी गाड़ी स्क्रैप कराने का फायदा सिर्फ पुरानी गाड़ी से छुटकारा पाने तक सीमित नहीं है, बल्कि नई गाड़ी खरीदते समय भी जेब पर पड़ने वाला खर्च कम हो सकता है।
टैक्स में भी मिल सकती है छूट
नई गाड़ी खरीदते समय स्क्रैपिंग प्रमाणपत्र जमा करने पर नॉन-ट्रांसपोर्ट वाहन यानी निजी कार/बाइक के मामले में मोटर व्हीकल टैक्स में 25% तक की छूट का प्रावधान है। वहीं ट्रांसपोर्ट वाहनों के लिए यह छूट 15% तक हो सकती है। लेकिन यहां एक जरूरी बात समझना जरूरी है—यह छूट हर जगह अपने आप एक जैसी नहीं मिलती। मोटर व्हीकल टैक्स राज्य सरकारों के अधिकार क्षेत्र में आता है, इसलिए वास्तविक लाभ आपके राज्य के नियमों पर निर्भर करेगा।
स्क्रैप कराने पर गाड़ी की कीमत भी मिलती है
स्क्रैप सेंटर पर गाड़ी देने का मतलब यह नहीं है कि आपको सिर्फ प्रमाणपत्र मिलेगा। स्क्रैप की गई गाड़ी की स्क्रैप वैल्यू भी मिलती है। इसकी रकम गाड़ी के वजन, हालत और स्क्रैप में मिलने वाली सामग्री आदि के आधार पर तय हो सकती है। राज्य की स्क्रैपेज पॉलिसी में इसके लिए डिजिटल प्रक्रिया का भी प्रावधान किया गया है।
क्या 15 साल पूरे होते ही गाड़ी स्क्रैप करनी जरूरी है?
ऐसा हर निजी वाहन के लिए नहीं है। सिर्फ 15 साल पूरे होने का मतलब यह नहीं कि हर कार या बाइक को तुरंत स्क्रैप करना ही पड़ेगा। वाहन की फिटनेस, रजिस्ट्रेशन और आपके राज्य में लागू नियम भी महत्वपूर्ण हैं। सरकार की स्क्रैपेज पॉलिसी पुराने और खासकर अनफिट एवं प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों को चरणबद्ध तरीके से हटाने पर जोर देती है। इसलिए अपनी गाड़ी के मामले में स्थानीय RTO और राज्य के मौजूदा नियम जरूर देख लें।
गाड़ी कहां स्क्रैप कराएं?
गाड़ी को किसी सामान्य कबाड़ी के पास देने के बजाय Registered Vehicle Scrapping Facility (RVSF) में स्क्रैप कराना बेहतर है। सरकार के वाहन स्क्रैपिंग पोर्टल पर इससे जुड़ी सेवाएं उपलब्ध हैं और स्क्रैपिंग की प्रक्रिया VAHAN सिस्टम से भी जुड़ी हुई है।
