Agriculture Infrastructure Fund: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय कैबिनेट ने पिछले सप्ताह कृषि इंफ्रास्ट्रक्चर फंड (Agricultural Infrastructure Fund) स्कीम में महत्वपूर्ण वृद्धि को मंजूरी दी। इन परिवर्तनों का उद्देश्य AIF को अधिक आकर्षक, प्रभावशाली और इंक्लूसिव बनाना है, जिसका लक्ष्य देश भर में कृषि प्रोडक्टिविटी को बढ़ाना और किसानों की आय दोगुनी करने के लिए मजबूत बुनियादी ढांचा बनाना है।
कृषि इंफ्रास्ट्रक्चर फंड (AIF) क्या है?
2020 में शुरू की गई कृषि इंफ्रास्ट्रक्चर फंड फसल कटाई के बाद के मैनेजमेंट के बुनियादी ढांचे और सामुदायिक कृषि एस्सेट्स के विकास के लिए लॉन्ग टर्म लोन फाइनेंसिंग प्रदान करने के लिए बनाई गई एक योजना है। कृषि भारत की अर्थव्यवस्था की आधारशिला है, जिसमें कुल वर्कफोर्स का करीब 54.6% हिस्सा लगा हुआ है और 2019-20 तक देश के ग्रॉस वैल्यू एडेड (जीवीए) में 17.8% का योगदान है। इस क्षेत्र की महत्वपूर्ण भूमिका को पहचानते हुए सरकार ने AIF सहित विभिन्न पहलों के माध्यम से सतत विकास और किसानों की आय में सुधार पर ध्यान केंद्रित किया है।
कृषि इंफ्रास्ट्रक्चर फंड के फायदे
AIF का प्राथमिक उद्देश्य देश के कृषि बुनियादी ढांचे में सुधार करने वाली व्यवहार्य परियोजनाओं के लिए मध्यम से लॉन्ग टर्म फाइनेंसिंग जुटाना है। ये परियोजनाएं गोदामों, कोल्ड स्टोरेज और सामुदायिक कृषि एसेट्स जैसे क्षेत्रों को कवर करती हैं। सरकार ने प्राथमिक कृषि लोन समितियों (PACS), किसान उत्पादक संगठनों (FPO) और स्वयं सहायता समूहों (SHG) सहित अन्य पात्र संस्थाओं को बैंकों और वित्तीय संस्थानों द्वारा लोन प्रदान करने के लिए 1 लाख करोड़ रुपये अलग रखे हैं। इस योजना का एक प्रमुख लाभ 2 करोड़ रुपये तक के लोन पर 3% प्रति वर्ष की ब्याज छूट है। इस सब्सिडी का उद्देश्य किसानों और अन्य हितधारकों पर वित्तीय बोझ को कम करना है, जिससे कृषि बुनियादी ढांचे में निवेश को बढ़ावा मिलेगा।
