Millet Mission : तमिलनाडु ने अपनी नई पहल “तमिलनाडु मोटे अनाज मिशन” यानी मिलेट मिशन के सफल कार्यान्वयन के बाद रागी की पैदावार में राष्ट्रीय स्तर पर पहला स्थान हासिल कर लिया है। यह जानकारी राज्य के कृषि और किसान कल्याण मंत्री एमआरके पन्नीरसेल्वम ने मंगलवार को विधानसभा में दी। उन्होंने कहा कि इस मिशन का उद्देश्य राज्य में मोटे अनाज का उत्पादन बढ़ाना और किसानों तथा आम जनता में इसके सेवन को बढ़ावा देना है। मंत्री पन्नीरसेल्वम ने बताया कि वर्ष 2023-24 में शुरू किए गए इस पांच साल के मिशन से अब तक करीब 12.84 लाख किसानों को लाभ मिला है। इसके लिए सरकार ने कुल 178 करोड़ रुपये खर्च किए हैं। उन्होंने यह भी कहा कि इस मिशन के तहत 20 लाख एकड़ भूमि में मोटे अनाज की खेती की गई है। इस पहल के कारण न केवल रागी उत्पादन में तमिलनाडु टॉप पर है, बल्कि लघु मोटे अनाज उत्पादन में यह राष्ट्रीय स्तर पर पांचवें स्थान पर पहुंच चुका है।
पोषण खेती मिशन से किसानों और आम जनता को लाभ
न्यूज एजेंसी पीटीआई-भाषा के मुताबिक मंत्री ने यह भी बताया कि राज्य सरकार ने किसानों और आम लोगों के लिए “पोषण खेती मिशन” शुरू किया है। इसके तहत कृषि विभाग ने 25 लाख लाभार्थियों को कुल 19 करोड़ रुपये की लागत से खेती के लिए बीज किट वितरित किए हैं। इसमें 15 लाख साग-सब्जी बीज किट, 9 लाख फलों के किट और 1 लाख दलहन बीज किट शामिल हैं। यह पहल राज्य में पोषणयुक्त खेती को बढ़ावा देने और किसानों की आय को बढ़ाने के लिए की जा रही है। पन्नीरसेल्वम ने कहा कि पोषण सुरक्षा को मजबूत करने और पारंपरिक, पोषण से भरपूर खाने के तरीकों को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने वर्ष 2021-22 से 2024-25 तक 21 करोड़ रुपये की लागत से 21 लाख पोषण किट वितरित किए हैं। इन किट्स का उद्देश्य लोगों तक पोषण से भरपूर खाद्य सामग्री पहुंचाना और स्वास्थ्य को बेहतर बनाना है।
मिशन का व्यापक प्रभाव
मंत्री ने बताया कि तमिलनाडु मोटे अनाज मिशन ने किसानों की आय में वृद्धि के साथ-साथ राज्य में खाद्य सुरक्षा को भी मजबूत किया है। रागी और अन्य मोटे अनाज की खेती ने किसानों को फसल विविधता अपनाने और बाजार में बेहतर मूल्य पाने का अवसर दिया है। उन्होंने यह भी कहा कि इस मिशन से राज्य में पौष्टिक और स्वस्थ आहार के महत्व को बढ़ावा मिला है, जिससे लोगों की जीवन गुणवत्ता में सुधार हो रहा है। उन्होंने यह जानकारी देते हुए कहा कि सरकार का लक्ष्य न केवल उत्पादन बढ़ाना है, बल्कि आम जनता को पौष्टिक और स्वास्थ्यवर्धक खाद्य पदार्थ उपलब्ध कराना भी है। इसके लिए पोषण किट, बीज किट और कृषि प्रशिक्षण जैसी योजनाओं का लाभ सभी किसानों और नागरिकों तक पहुंच रहा है।
भविष्य की योजना
मंत्री पन्नीरसेल्वम ने भविष्य की योजनाओं के बारे में बताते हुए कहा कि राज्य सरकार मोटे अनाज और पोषण खेती मिशन को और विस्तार देने पर काम कर रही है। इसके तहत और अधिक किसानों को शामिल किया जाएगा और पोषण किट वितरण कार्यक्रम को भी बढ़ाया जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार का प्रयास है कि तमिलनाडु न केवल रागी और मोटे अनाज उत्पादन में देश में अग्रणी बने, बल्कि किसानों और आम जनता की पोषण सुरक्षा भी सुनिश्चित की जाए। मंत्री ने अंत में कहा कि इस मिशन के सफल कार्यान्वयन से यह साबित होता है कि राज्य सरकार की योजनाएं केवल उत्पादन बढ़ाने तक सीमित नहीं हैं, बल्कि यह किसानों की आर्थिक स्थिति सुधारने, पोषण सुरक्षा बढ़ाने और आम जनता के स्वास्थ्य को बेहतर बनाने के लिए हैं।
