Kisan Diwas 2025: भारत में हर साल 23 दिसंबर को किसान दिवस (राष्ट्रीय किसान दिवस) मनाया जाता है। यह दिन देश के किसानों के अमूल्य योगदान को सम्मान देने और भारत के 5वें प्रधानमंत्री भारत रत्न चौधरी चरण सिंह की जयंती के रूप में मनाया जाता है। चौधरी चरण सिंह को किसानों का सच्चा हितैषी माना जाता है, जिन्होंने अपने पूरे राजनीतिक जीवन में किसान, ग्रामीण समाज और कृषि सुधारों के लिए काम किया।
किसान दिवस कब और क्यों मनाया जाता है?
किसान दिवस हर वर्ष 23 दिसंबर को पूरे देश में मनाया जाता है। यह दिन इसलिए चुना गया क्योंकि इसी दिन 1902 में चौधरी चरण सिंह का जन्म हुआ था। उन्होंने 1979–80 के दौरान भारत के प्रधानमंत्री के रूप में काम किया। किसानों के अधिकारों और भूमि सुधारों के लिए उनके संघर्ष को देखते हुए भारत सरकार ने वर्ष 2001 में 23 दिसंबर को आधिकारिक रूप से राष्ट्रीय किसान दिवस घोषित किया।
किसान दिवस 2025 की थीम
हालांकि किसान दिवस 2025 की कोई आधिकारिक एक पंक्ति की थीम अभी घोषित नहीं हुई है, लेकिन शैक्षणिक और मीडिया प्लटेफॉर्मों पर इनोवेशन और सतत विकास के जरिये किसानों को सशक्त बनाना जैसे विचार प्रमुख रूप से सामने आ रहे हैं। इसके साथ ही अन्नदाता को सशक्त बनाकर समृद्ध भारत जैसी पंक्तियां भी प्रचलन में हैं, जो टिकाऊ खेती, कृषि तकनीक, जलवायु-संवेदनशील कृषि और किसानों की आय बढ़ाने पर जोर देती हैं।
चौधरी चरण सिंह: किसानों के सच्चे नेता
किसान दिवस का नाम चौधरी चरण सिंह से जुड़ा हुआ है। वे किसानों की समस्याओं को भली-भांति समझते थे। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री और केंद्र में कृषि मंत्री रहते हुए उन्होंने जमींदारी प्रथा समाप्त करने, भूमि सुधार कानून लागू करने और छोटे व सीमांत किसानों को अधिकार दिलाने में अहम भूमिका निभाई। उन्होंने किसानों को साहूकारों के शोषण से बचाने के लिए 1939 में ऋण मुक्ति बिल जैसे महत्वपूर्ण कदम उठाए। 23 दिसंबर 1978 को उन्होंने किसान ट्रस्ट की स्थापना की, जिसका उद्देश्य ग्रामीण समाज को अन्याय के खिलाफ जागरूक करना था। नई दिल्ली में स्थित उनका स्मारक किसान घाट आज भी उनके किसान-प्रेम का प्रतीक है।
किसान दिवस का महत्व
भारत की अर्थव्यवस्था की रीढ़ कृषि है। देश की आधी से अधिक आबादी प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से कृषि पर निर्भर है। किसान देश को खाद्य और पोषण सुरक्षा प्रदान करते हैं, अनाज, दाल, सब्जी फल, दूध और अन्य आवश्यक वस्तुएं उन्हीं की मेहनत से मिलती हैं। किसान दिवस किसानों की समस्याओं जैसे कम आय, बढ़ती लागत, जलवायु परिवर्तन, कर्ज, न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी), बाजार तक पहुंच और मानसिक स्वास्थ्य पर ध्यान दिलाने का अवसर भी है। यह दिन यह याद दिलाता है कि किसान का सशक्त होना ही देश के विकास की नींव है।
किसान दिवस कैसे मनाया जाता है?
किसान दिवस पर देशभर में कई कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। कृषि मंत्रालय, आईसीएआर संस्थान, कृषि विज्ञान केंद्र और राज्य सरकारें सेमिनार, किसान–वैज्ञानिक संवाद, प्रशिक्षण कार्यक्रम और प्रदर्शनी आयोजित करती हैं। इनमें नई तकनीकों, ड्रोन खेती, मृदा स्वास्थ्य, जल प्रबंधन और सरकारी योजनाओं जैसे पीएम-किसान, फसल बीमा योजना और ई-नाम की जानकारी दी जाती है।
राजनीतिक नेता किसान घाट पर श्रद्धांजलि अर्पित करते हैं। सामाजिक संगठन, किसान उत्पादक संगठन और मीडिया किसान सम्मान समारोह और जागरूकता अभियान चलाते हैं। स्कूलों और कॉलेजों में निबंध, वाद-विवाद और क्विज प्रतियोगिताएं आयोजित कर छात्रों को खेती और किसानों के महत्व से परिचित कराया जाता है।
