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Bihar Dairy Export: बिहार का डेयरी प्रोडक्ट अब दुनिया में छाएगा, सरकार ने की ये तैयारी, किसानों के लिए गुड न्यूज

Bihar Dairy Export: डेयरी मंत्री सुरेंद्र मेहता ने कहा कि किसानों की आय बढ़ाने के लिए सरकार ‘सुधा’ डेयरी उत्पादों की अंतरराष्ट्रीय बाजार में बिक्री को और अधिक बढ़ावा देगी।

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अंतरराष्ट्रीय बाजार में सुधा डेयरी को बढ़ावा देने की तैयारी (तस्वीर-istock)

Photo : iStock

Bihar Dairy Export: बिहार के डेयरी, मत्स्य एवं पशु संसाधन मंत्री सुरेंद्र मेहता ने शुक्रवार को कहा कि राज्य सरकार डेयरी किसानों की आय बढ़ाने के लिए ‘सुधा’ डेयरी (Sudha Dairy) उत्पादों को अंतरराष्ट्रीय बाजार में अधिक पहुंच दिलाने पर जोर दे रही है। उन्होंने बताया कि जब तक सुधा के उत्पाद विदेशों तक नहीं पहुंचेंगे, तब तक उनकी मांग में बड़ा इजाफा नहीं होगा। इसलिए सरकार इस दिशा में लगातार प्रयास कर रही है ताकि ब्रांड का प्रचार-प्रसार बढ़े और किसानों को बेहतर कीमत मिल सके।

अमेरिका और कनाडा तक पहुंच चुका सुधा डेयरी प्रोडक्ट्स

न्यूज एजेंसी पीटीआई-भाषा के मुताबिक मंत्री ने जानकारी दी कि बिहार राज्य दुग्ध सहकारी संघ लिमिटेड (कॉमफेड) का ब्रांड ‘सुधा’ पहले ही अमेरिका और कनाडा जैसे देशों में अपने उत्पाद भेज चुका है। मार्च 2025 में सुधा ने 5.7 मीट्रिक टन घी अमेरिका और 5 मीट्रिक टन गुलाब जामुन कनाडा निर्यात किया था। इस पहली खेप को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया था। यह बिहार के डेयरी सेक्टर के लिए एक बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है।

नए अंतरराष्ट्रीय बाजार की तलाश

सरकार अब सिर्फ अमेरिका और कनाडा तक सीमित नहीं रहना चाहती, बल्कि अन्य देशों में भी बाजार तलाश रही है। मंत्री ने बताया कि पश्चिम एशियाई देशों में निर्यात की संभावनाएं खोजी जा रही हैं। इसी उद्देश्य से दुबई में आयोजित ‘गल्फूड 2025’ और ‘गल्फूड 2026’ जैसे अंतरराष्ट्रीय आयोजनों में सुधा के उत्पाद प्रदर्शित किए गए। इसके अलावा सिंगापुर और मलेशिया जैसे दक्षिण-पूर्व एशियाई देशों में भी निर्यात की संभावनाओं पर विचार किया जा रहा है।

हर गांव में बनेगी डेयरी सहकारी समिति

राज्य में डेयरी नेटवर्क को मजबूत करने के लिए सरकार हर गांव में डेयरी सहकारी समिति बनाने की योजना पर काम कर रही है। पहले चरण में 24,248 गांवों में ऐसी समितियां स्थापित की जाएंगी। इससे गांव स्तर पर दूध संग्रहण और विपणन को बढ़ावा मिलेगा, जिससे किसानों को सीधा लाभ पहुंचेगा और उनकी आय में वृद्धि होगी।

हर पंचायत में खुलेंगे सुधा आउटलेट

मंत्री ने बताया कि राज्य की सभी 8,053 पंचायतों में सुधा के बिक्री केंद्र खोले जाएंगे। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में भी आसानी से डेयरी उत्पाद उपलब्ध होंगे। विभाग के सचिव शिरसाट कपिल अशोक ने कहा कि इन आउटलेट्स को मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना के तहत महिलाओं को लॉटरी के जरिए आवंटित किया जाएगा, जिससे महिलाओं को रोजगार के अवसर मिलेंगे।

आउटलेट के लिए क्या होगी शर्तें

सुधा आउटलेट खोलने के लिए कुछ शर्तें भी तय की गई हैं। आवेदन करने वाले व्यक्ति के पास कम से कम 80 वर्ग फुट का स्थान होना जरूरी है। अगर किसी पुरुष के पास पहले से दुकान है और वह सुधा आउटलेट लेना चाहता है, तो कॉमफेड उसकी व्यावसायिक क्षमता की जांच करेगा और उसके बाद ही आउटलेट दिया जाएगा।

मछली उत्पादन में भी तेजी

मंत्री ने बताया कि बिहार अब दूध के साथ-साथ मछली उत्पादन में भी आत्मनिर्भर हो चुका है। राज्य में 2024-25 के दौरान मछली उत्पादन बढ़कर 9.59 लाख मीट्रिक टन हो गया है, जो पिछले वर्ष 8.73 लाख मीट्रिक टन था। यानी उत्पादन में लगभग 9.85 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। पिछले 10 वर्षों में बिहार मछली उत्पादन के मामले में देश में नौवें स्थान से चौथे स्थान पर पहुंच गया है।

‘फ्रेश कैच कियोस्क’ की शुरुआत

मछली की बिक्री को बढ़ावा देने के लिए ‘फ्रेश कैच कियोस्क’ शुरू किए जा रहे हैं। ये कियोस्क पटना सहित अन्य नगर निगम क्षेत्रों में इस महीने के अंत तक खोले जाएंगे। इन कियोस्क को प्राथमिकता के आधार पर मछुआरा समुदाय के लोगों को दिया जाएगा, जिससे उनकी आय बढ़ सके और उन्हें स्थायी रोजगार मिल सके।

किसानों और मछुआरों के लिए बड़ा अवसर

सरकार की इन योजनाओं से न सिर्फ डेयरी किसानों बल्कि मछुआरों को भी फायदा मिलने की उम्मीद है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में पहुंच बढ़ने से उत्पादों की मांग बढ़ेगी, जिससे किसानों की आय में सुधार होगा। वहीं, गांव-गांव में सहकारी समितियां और आउटलेट खुलने से रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे।

Ramanuj Singh
रामानुज सिंह author

रामानुज सिंह पत्रकारिता में दो दशकों का व्यापक और समृद्ध अनुभव रखते हैं। उन्होंने टीवी और डिजिटल—दोनों ही प्लेटफॉर्म्स पर काम करते हुए बिजनेस, पर्सनल ... और देखें

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