कृषि

भारत में बादाम का उत्पादन कितना, ये एकलौता राज्य है 'राजा', 90% से अधिक करता प्रोडक्शन

Almond Production In India: देश में बादाम (Almond) के उत्पादन में जम्मू-कश्मीर ने एक बार फिर अपनी प्रमुखता साबित की है। 2023-24 के दौरान राज्य ने कुल बादाम उत्पादन का 90.84% हिस्सा हासिल किया (Sabse Bada Badam utpadak rajya)। हिमाचल प्रदेश ने का दूसरा स्थान है।

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बादाम की खेती में जम्मू-कश्मीर का जलवा (तस्वीर-istock)

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Almond Production In India : देश में बादाम (Almond) की उत्पादन में जम्मू-कश्मीर ने एक बार फिर अपना दबदबा कायम किया है। हाल ही में जारी किए गए राष्ट्रीय बागवानी बोर्ड (NHB) के आंकड़ों के अनुसार, 2023-24 के दौरान जम्मू-कश्मीर में बादाम का उत्पादन 11.21 हजार मीट्रिक टन रहा, जो कुल उत्पादन का 90.84% है। वहीं, हिमाचल प्रदेश ने भी बादाम उत्पादन में अपना योगदान दिया है, जो 1.13 हजार मीट्रिक टन यानी कुल उत्पादन का 9.16% हिस्सा है। इस प्रकार पूरे देश में कुल बादाम उत्पादन 12.34 हजार मीट्रिक टन दर्ज किया गया।

भारत में 2023-24 में बादाम उत्पादन कहां कितना

बादाम उत्पादक राज्य (2023-24)उत्पादन (000) मीट्रिक टन मेंउत्पादन हिस्सा (%)
जम्मू और कश्मीर 11.2190.84
हिमाचल प्रदेश 1.139.16
देश का कुल उत्पादन 12.34

यह आंकड़ा देश में बादाम उत्पादन की प्रमुखता को दर्शाता है और खासकर जम्मू-कश्मीर की भूमिका को रेखांकित करता है। बादाम उत्पादन में जम्मू-कश्मीर का यह दबदबा इस क्षेत्र की अनुकूल जलवायु, उन्नत कृषि तकनीकों और किसानों की कड़ी मेहनत का परिणाम है। राज्य सरकार द्वारा कृषि क्षेत्र में निरंतर सुधार और बागवानी को बढ़ावा देने की रणनीतियां भी इस सफलता में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।

जम्मू-कश्मीर का बादाम उत्पादन में नेतृत्व

जम्मू-कश्मीर में बादाम की खेती पारंपरिक रूप से होती आ रही है, लेकिन पिछले कुछ वर्षों में इस क्षेत्र में उत्पादन के स्तर में जबरदस्त उछाल देखा गया है। बागवानी विभाग और स्थानीय कृषि एक्सपर्ट्स ने किसानों को आधुनिक तकनीकों, बेहतर किस्मों और सिंचाई प्रणाली के उपयोग के लिए ट्रेंड किया है। इस ट्रेनिंग का नतीजा है कि बादाम की पैदावार न केवल बढ़ी है, बल्कि इसके गुणवत्ता में भी सुधार हुआ है।

राज्य सरकार ने बादाम उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए कई योजनाएं चलाई हैं, जिनमें बीज वितरण, प्रशिक्षण शिविर, सिंचाई सुविधा और बाजार तक पहुंच को सुगम बनाना शामिल है। इससे किसानों की आय में वृद्धि हुई है और बादाम की खेती आकर्षक व्यवसाय के रूप में उभरी है।

हिमाचल प्रदेश की भूमिका

हिमाचल प्रदेश में बादाम उत्पादन जम्मू-कश्मीर के मुकाबले काफी कम है, लेकिन यहां भी उत्पादन में सुधार हो रहा है। हिमाचल प्रदेश की ठंडी जलवायु बादाम के लिए उपयुक्त मानी जाती है। राज्य सरकार ने भी बादाम की खेती को प्रोत्साहित करने के लिए कदम उठाए हैं। छोटे और सीमांत किसान इस क्षेत्र में बादाम की खेती कर बेहतर आय अर्जित कर रहे हैं।

देश में बादाम उत्पादन के फायदे

बादाम उत्पादन में वृद्धि न केवल किसानों की आमदनी बढ़ाने में मदद करती है, बल्कि यह देश की आर्थिक स्थिरता में भी योगदान देती है। बादाम एक पोषक तत्वों से भरपूर ड्राई फ्रूट है, जिसकी घरेलू और अंतरराष्ट्रीय बाजार में अच्छी मांग है। भारत में बादाम की उपज बढ़ने से आयात पर निर्भरता कम होगी, जिससे विदेशी मुद्रा की बचत होगी और स्थानीय उद्योगों को बढ़ावा मिलेगा।

आगे की संभावनाएं

सरकार द्वारा नई तकनीकों को अपनाने, बेहतर बीज और सिंचाई सुविधाओं को बढ़ावा देने के साथ-साथ किसानों को बाजार से जोड़ने के प्रयास जारी हैं। इससे आने वाले वर्षों में बादाम उत्पादन में और बढ़ोतरी की उम्मीद है। इसके अलावा, कृषि क्षेत्र में निवेश और अनुसंधान को भी प्रोत्साहित किया जा रहा है ताकि उत्पादन को और अधिक स्थिर और प्रभावी बनाया जा सके।

राष्ट्रीय बागवानी बोर्ड के इस आंकड़े से स्पष्ट होता है कि जम्मू-कश्मीर बादाम उत्पादन में देश में अग्रणी है, जिसने कुल उत्पादन में 90% से अधिक हिस्सा बनाया है। हिमाचल प्रदेश भी इस क्षेत्र में योगदान दे रहा है। राज्य सरकारों और किसानों की मेहनत से बादाम उत्पादन का यह क्षेत्र देश की कृषि अर्थव्यवस्था के लिए एक महत्वपूर्ण स्तंभ बनता जा रहा है।

Ramanuj Singh
रामानुज सिंहauthor

रामानुज सिंह पत्रकारिता में दो दशकों का व्यापक और समृद्ध अनुभव रखते हैं। उन्होंने टीवी और डिजिटल—दोनों ही प्लेटफॉर्म्स पर काम करते हुए बिजनेस, पर्सनल फाइनेंस, शेयर बाजार, इनकम टैक्स, बैंकिंग, बुलियन और कमोडिटी मार्केट जैसे विषयों पर गहरी विशेषज्ञता विकसित की है। जर्नलिज्म में एमए की डिग्री और वर्षों के अनुभव से विकसित विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण के साथ, रामानुज जटिल वित्तीय विषयों को सरल, विश्वसनीय और प्रभावी तरीके से पाठकों तक पहुंचाने के लिए जाने जाते हैं। अब तक वे 22,000 से अधिक स्टोरीज लिख चुके हैं।

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