कब बुझेगी जंग की आग: अगले हफ्ते अबुधाबी में होगी रूस-यूक्रेन शांति वार्ता; जेलेंस्की बोले- हम ऐसे परिणाम...
- Edited by: शिव शुक्ला
- Updated Feb 1, 2026, 09:05 PM IST
जेलेंस्की ने टेलीग्राम पर पोस्ट करते हुए बताया कि रूस,यूक्रेन और अमेरिका के प्रतिनिधियों के बीच त्रिपक्षीय बैठक की तारीखें तय हो चुकी हैं। उन्होंने कहा कि हमें अपनी वार्ता टीम से रिपोर्ट मिली है। अबू धाबी में 4 और 5 फरवरी को अगली बैठक होगी।
क्या हो सकेगा रूस-यूक्रेन युद्धविराम?
रूस और यूक्रेन के बीच लंबे समय से चली आ रही जंग को रोकने के लिए लगातार शांति वार्ता हो रही हैं हालांकि इसके नतीजे फिलहाल निकलते नहीं दिख रहे हैं। इस बीच, शांति वार्ता को लेकर यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने रविवार को बड़ी घोषणा की है। उन्होंने कहा कि रूस और यूक्रेन के बीच शांति वार्ता का अगला दौर अगले सप्ताह आयोजित किया जाएगा। यह वार्ता बुधवार और गुरुवार यानी 4 और 5 फरवरी को संयुक्त अरब अमीरात के अबू धाबी में होगी। इस वार्ता का उद्देश्य रूस द्वारा यूक्रेन पर किए गए व्यापक सैन्य आक्रमण को समाप्त करने की दिशा में ठोस प्रगति करना है।
जेलेंस्की ने और क्या कहा?
जेलेंस्की ने टेलीग्राम पर पोस्ट करते हुए बताया कि रूस,यूक्रेन और अमेरिका के प्रतिनिधियों के बीच त्रिपक्षीय बैठक की तारीखें तय हो चुकी हैं। उन्होंने कहा कि हमें अपनी वार्ता टीम से रिपोर्ट मिली है। अबू धाबी में 4 और 5 फरवरी को अगली बैठक होगी। यूक्रेन सार्थक बातचीत के लिए पूरी तरह तैयार है और हम ऐसे नतीजे में रुचि रखते हैं,जो हमें युद्ध के वास्तविक और सम्मानजनक अंत के करीब ले जाए। हालांकि, इस घोषणा के बाद अमेरिका या रूस की ओर से कोई तात्कालिक आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई। इससे पहले शनिवार को रूस के शीर्ष वार्ताकार किरिल दिमित्रिएव ने कहा था कि उन्होंने अमेरिका के शांति प्रयासों से जुड़े प्रतिनिधिमंडल के साथ फ्लोरिडा में रचनात्मक बैठक की है।
अबू धाबी में होने वाली इन वार्ताओं को लेकर अब तक बहुत कम जानकारी सार्वजनिक की गई है। यह बातचीत अमेरिकी प्रशासन की उस कोशिश का हिस्सा मानी जा रही है, जिसके तहत लगभग चार साल से चल रहे इस भीषण युद्ध को समाप्त करने के लिए दोनों पक्षों को किसी समझौते तक लाया जा सके। अमेरिका की ओर से समझौते और आपसी रियायतों पर जोर दिया जा रहा है,लेकिन रूस और यूक्रेन के बीच मतभेद अब भी गहरे बने हुए हैं।
यहां फंसा है पेंच
वार्ता का सबसे बड़ा मुद्दा यह है कि रूस यूक्रेन के उन इलाकों से पीछे हटेगा या नहीं,जिन पर उसकी सेना ने कब्जा कर रखा है। खासतौर पर यूक्रेन के पूर्वी औद्योगिक क्षेत्र डोनबास को लेकर विवाद गंभीर है। यूक्रेन चाहता है कि रूस कब्जाए गए सभी क्षेत्रों से पीछे हटे,जबकि मॉस्को की स्थिति इससे अलग बताई जा रही है।
इसी बीच,युद्ध की भयावहता लगातार सामने आ रही हैं। रविवार सुबह रूस के हमलावर ड्रोन ने दक्षिणी यूक्रेन के जापोरिज्जिया शहर में एक प्रसूति अस्पताल को निशाना बनाया। यूक्रेन की आपातकालीन सेवा के अनुसार,इस हमले में अस्पताल में मौजूद तीन महिलाएं घायल हुईं और स्त्री रोग विभाग के रिसेप्शन क्षेत्र में आग लग गई, जिसे बाद में बुझा लिया गया।
ट्रंप ने कही थी ये बात
इससे कुछ दिन पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा था कि रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने अस्थायी रूप से यूक्रेन की राजधानी कीव और अन्य शहरों पर हमले रोकने पर सहमति जताई है। हालांकि,क्रेमलिन ने केवल इतना पुष्टि की कि कीव पर हमले रविवार तक रोके गए हैं, लेकिन किसी तरह का विस्तृत विवरण नहीं दिया गया। इसके बावजूद हाल के दिनों में रूस ने यूक्रेन के कई शहरों पर हमले जारी रखे। ओडेसा और खारकीव में ऊर्जा ढांचे को निशाना बनाया गया, जबकि कीव क्षेत्र में हुए हमले में दो लोगों की मौत और चार के घायल होने की सूचना है। यूक्रेन की वायुसेना के अनुसार, शनिवार रात रूस ने करीब 90 ड्रोन दागे, जिनमें से 14 ड्रोन नौ अलग-अलग स्थानों पर गिरे। इन हमलों में द्नीप्रो शहर में एक महिला और एक पुरुष की मौत हो गई, जबकि दक्षिणी शहर खेरसॉन में रूसी गोलाबारी से 59 वर्षीय महिला गंभीर रूप से घायल हुई। इन घटनाओं के बीच शांति वार्ता से जुड़ी उम्मीदें और चुनौतियां दोनों ही साफ तौर पर दिखाई दे रही हैं।