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यमन के अल-वाजिया बाजार पर हवाई हमले में 30 की मौत, हूती विद्रोहियों और सऊदी समर्थित सेना ने एक-दूसरे पर मढ़ा दोष

यमन के दक्षिण-पश्चिम प्रांत ताएज के अल-वाजिया में एक व्यस्त बाजार पर हुए हवाई हमले में कम से कम 30 लोगों की मौत हो गई और 8 अन्य घायल हो गए। हूती विद्रोहियों और सऊदी समर्थित सरकारी बलों ने एक-दूसरे पर आरोप लगाए हैं।

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यमन के ताएज में हुआ हमला (सांकेतिक चित्र)

Photo : AP

यमन में हूती विद्रोहियों और सऊदी अरब समर्थित सरकारी बलों के बीच नए सिरे से शुरू हुई लड़ाई के बाद एक बड़ा और दर्दनाक हादसा सामने आया है। दक्षिण-पश्चिमी यमन के ताएज प्रांत स्थित अल-वाजिया के एक व्यस्त बाजार में शुक्रवार सुबह हुए भीषण हवाई हमलों में कम से कम 30 लोगों की मौत हो गई और 8 अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। हूती विद्रोहियों के स्वास्थ्य मंत्रालय के प्रवक्ता अनीस अलसबही ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' (X) पर इस हमले की पुष्टि की। युद्ध फिर से भड़कने के बाद से इसे अब तक के सबसे घातक हमलों में से एक माना जा रहा है।

शुक्रवार की सुबह बना तबाही का मंजर

अल-मसीरा द्वारा प्रसारित वीडियो फुटेज में हमले के स्थान से धुएं का भारी गुबार उठता हुआ दिखाई दिया। घटनास्थल पर डिब्बाबंद भोजन की नष्ट हुई इमारतें, जलकर खाक हुए वाहन, और चारों ओर बिखरे फल के बक्से तथा मलबा तबाही की खौफनाक तस्वीर बयां कर रहे थे। यह हमला शुक्रवार सुबह लगभग 7 बजे अल-हदरा बाजार में हुआ। अरब दुनिया में शुक्रवार को साप्ताहिक छुट्टी होने के कारण सुबह-सुबह बाजार में काफी भीड़ जमा थी। हूती सैन्य प्रवक्ता का दावा: हूती सैन्य प्रवक्ता याह्या सारी ने आरोप लगाया कि सऊदी अरब के युद्धपोतों ने खमीस मुशैत एयरबेस से उड़ान भरकर तीन हवाई हमले किए और सुबह 8 बजे के करीब क्षेत्र से बाहर निकले।

आरोपों-प्रत्यारोपों का दौर जारी

हमले के तुरंत बाद यमन की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त सरकार और हूती विद्रोहियों के बीच जिम्मेदारी को लेकर तीखी बहस शुरू हो गई। ताएज में यमनी सरकार से जुड़े अधिकारियों ने क्षेत्र में किसी भी प्रकार का हवाई हमला करने से साफ इनकार किया और इस हमले के लिए हूती विद्रोहियों के अंधाधुंध मिसाइल हमलों को जिम्मेदार ठहराया। प्रांतीय मीडिया कार्यालय ने एक बयान जारी कर कहा कि हूतियों द्वारा बैलिस्टिक मिसाइलों का इस्तेमाल नागरिकों की जान को खतरे में डाल रहा है और सार्वजनिक बाजारों की सुरक्षा अनिवार्य है।

ताएज प्रांत का रणनीतिक महत्व और मानवीय संकट

ताएज शहर यमन के दक्षिणी हिस्सों में आगे बढ़ने के लिए एक रणनीतिक प्रवेश द्वार माना जाता है। हूती विद्रोहियों ने ताएज़ प्रांतीय राजधानी की घेराबंदी कर रखी है, जहाँ सरकार समर्थित बल तैनात हैं। इस घेराबंदी के कारण नागरिकों के लिए पीने के पानी और भोजन की गंभीर किल्लत पैदा हो गई है। इससे पहले पिछले महीने हूतियों ने शबवा प्रांत में एक सैन्य शिविर पर बैलिस्टिक मिसाइल हमला कर 75 सैनिकों की हत्या कर दी थी। वहीं, सितंबर में अल-जौफ में एक जेल पर हुए हमले में 23 लोगों की मौत हुई थी। विश्लेषकों का मानना है कि अदन और लहज की ओर आगे बढ़ने के लिए ताएज़ पर नियंत्रण पाना हूती विद्रोहियों के लिए बेहद अहम है, जिसके चलते इस क्षेत्र में संघर्ष लगातार गंभीर रूप लेता जा रहा है।

Nishant Tiwari
निशांत तिवारीauthor

निशांत तिवारी टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल की सिटी टीम में कॉपी एडिटर हैं। शहरों से जुड़ी खबरों, स्थानीय मुद्दों और नागरिक सरोकार को समझने की उनकी गहरी दृष्टि उन्हें इस बीट का एक भरोसेमंद और प्रभावी कंटेंट राइटर बनाती है। वे जटिल लोकल इश्यूज को सहज, स्पष्ट और असरदार अंदाज में पेश करने में दक्ष हैं और अबतक 2,000 से अधिक न्यूज रिपोर्ट लिख चुके हैं। उनकी लेखन शैली शहर की नब्ज पकड़ते हुए ऐसे कंटेंट पर केंद्रित रहती है, जो सीधे पाठकों के जीवन और उनकी रोजमर्रा की चिंताओं से जुड़ा होता है।

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