Aaj Ka Panchang 7 November 2026: आज शनिवार को कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि सुबह 10 बजकर 47 मिनट तक रहेगी। इसके बाद चतुर्दशी तिथि शुरू हो जाएगी। आज काली चौदस और नरक चतुर्दशी का पर्व मनाया जा रहा है। अभ्यंग स्नान 8 नवंबर को किया जाएगा। आज चंद्रमा शाम 5 बजकर 15 मिनट तक कन्या राशि में रहेंगे, इसके बाद तुला राशि में प्रवेश करेंगे। चित्रा नक्षत्र 8 नवंबर की सुबह 5 बजकर 52 मिनट तक रहेगा। आज अभिजित मुहूर्त सुबह 11 बजकर 43 मिनट से दोपहर 12 बजकर 26 मिनट तक है। वहीं राहुकाल सुबह 9 बजकर 21 मिनट से 10 बजकर 43 मिनट तक रहेगा।
आज का पंचांग
7 नवंबर 2026 को शनिवार है और कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि सुबह 10 बजकर 47 मिनट तक रहेगी। इसके बाद चतुर्दशी तिथि शुरू हो जाएगी। विक्रम संवत 2083 सिद्धार्थी, शक संवत 1948 पराभव और गुजराती संवत 2082 पिङ्गल चल रहा है। पूर्णिमांत पंचांग के अनुसार कार्तिक और अमांत पंचांग के अनुसार आश्विन मास है। आज प्रविष्टे 22 है।
काली चौदस और नरक चतुर्दशी
आज कार्तिक कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि शुरू हो रही है। इस दिन काली चौदस और नरक चतुर्दशी से जुड़े धार्मिक अनुष्ठान किए जाते हैं। नरक चतुर्दशी पर अभ्यंग स्नान का विशेष महत्व है, लेकिन इस वर्ष अभ्यंग स्नान 8 नवंबर को किया जाएगा। ऐसे में आज के दिन काली चौदस की पूजा और परंपराओं के अनुसार धार्मिक कार्य किए जा सकते हैं। आज के दिन आप शाम 6 बजे के बाद दीपक जला सकते हैं।
सूर्योदय और चंद्रोदय का समय
आज सूर्योदय सुबह 6 बजकर 37 मिनट पर होगा, जबकि सूर्यास्त शाम 5 बजकर 32 मिनट पर होगा। चंद्रोदय 8 नवंबर की सुबह 5 बजकर 41 मिनट पर होगा। चंद्रास्त शाम 4 बजकर 02 मिनट पर रहेगा।
तिथि, नक्षत्र और योग
आज त्रयोदशी तिथि सुबह 10 बजकर 47 मिनट तक रहेगी। इसके बाद कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि शुरू होगी। चित्रा नक्षत्र 8 नवंबर की सुबह 5 बजकर 52 मिनट तक रहेगा। इसके बाद स्वाति नक्षत्र शुरू हो जाएगा। आज प्रीति योग 8 नवंबर की सुबह 3 बजकर 28 मिनट तक रहेगा। इसके बाद आयुष्मान योग शुरू होगा। करण की बात करें तो वणिज करण सुबह 10 बजकर 47 मिनट तक रहेगा। इसके बाद विष्टि करण रात 11 बजकर 04 मिनट तक और फिर शकुनि करण शुरू होगा।
चंद्रमा और सूर्य की राशि
आज चंद्रमा शाम 5 बजकर 15 मिनट तक कन्या राशि में रहेंगे। इसके बाद तुला राशि में प्रवेश करेंगे। चित्रा नक्षत्र का प्रथम चरण सुबह 10 बजकर 58 मिनट तक, दूसरा चरण शाम 5 बजकर 15 मिनट तक, तीसरा चरण रात 11 बजकर 33 मिनट तक और चौथा चरण 8 नवंबर की सुबह 5 बजकर 52 मिनट तक रहेगा। इसके बाद स्वाति नक्षत्र का प्रथम चरण शुरू होगा। सूर्य तुला राशि में स्थित हैं और विशाखा नक्षत्र में गोचर कर रहे हैं। आज सूर्य विशाखा नक्षत्र के प्रथम चरण में रहेंगे।
विक्रम संवत 2083 का राजा और मंत्री मंडल
विक्रम संवत 2083 में गुरु राजा और मंगल मंत्री हैं। चंद्रमा सेनाधिपति, बुध धान्याधिपति, गुरु सस्याधिपति और मेघाधिपति हैं। धनाधिपति और नीरसाधिपति का पद भी गुरु के पास है, जबकि शनि रसाधिपति और चंद्रमा फलाधिपति हैं।
ऋतु और अयन
आज द्रिक ऋतु के अनुसार हेमंत और वैदिक ऋतु के अनुसार शरद ऋतु है। सूर्य दक्षिणायन में हैं। आज दिनमान 10 घंटे 54 मिनट 33 सेकंड और रात्रिमान 13 घंटे 06 मिनट 11 सेकंड रहेगा। मध्याह्न का समय दोपहर 12 बजकर 05 मिनट पर होगा।
7 नवंबर के शुभ मुहूर्त
- ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 4:53 बजे से 5:45 बजे तक
- प्रातः संध्या: सुबह 5:19 बजे से 6:37 बजे तक
- अभिजित मुहूर्त: सुबह 11:43 बजे से दोपहर 12:26 बजे तक
- विजय मुहूर्त: दोपहर 1:54 बजे से 2:37 बजे तक
- गोधूलि मुहूर्त: शाम 5:32 बजे से 5:58 बजे तक
- सायाह्न संध्या: शाम 5:32 बजे से 6:50 बजे तक
- अमृत काल: रात 11:10 बजे से 8 नवंबर की रात 12:50 बजे तक
- निशिता मुहूर्त: रात 11:39 बजे से 8 नवंबर की रात 12:31 बजे तक
- सर्वार्थ सिद्धि योग: 8 नवंबर की सुबह 5:52 बजे से 6:38 बजे तक
7 नवंबर के अशुभ समय
- राहुकाल: सुबह 9:21 बजे से 10:43 बजे तक
- यमगण्ड: दोपहर 1:26 बजे से 2:48 बजे तक
- गुलिक काल: सुबह 6:37 बजे से 7:59 बजे तक
- दुर्मुहूर्त: सुबह 6:37 बजे से 7:21 बजे तक और सुबह 7:21 बजे से 8:05 बजे तक
- वर्ज्य: दोपहर 1:06 बजे से 2:47 बजे तक
- भद्रा: सुबह 10:47 बजे से रात 11:04 बजे तक
- अग्नि बाण: रात 9:04 बजे तक
- आडल योग: 8 नवंबर की सुबह 5:52 बजे से 6:38 बजे तक
- विडाल योग: सुबह 6:37 बजे से 8 नवंबर की सुबह 5:52 बजे तक
आनन्दादि योग और तमिल योग
आज आनन्दादि योग में काण योग 8 नवंबर की सुबह 5 बजकर 52 मिनट तक रहेगा। इसके बाद सिद्धि योग शुरू होगा। तमिल योग के अनुसार मरण योग भी 8 नवंबर की सुबह 5 बजकर 52 मिनट तक रहेगा, इसके बाद अमृत योग रहेगा। आज जीवनम अर्ध जीवन रहेगा और नेत्रम निर्जीव रहेगा।
दिशा शूल और निवास
आज दिशा शूल पूर्व दिशा में रहेगा। चंद्रमा का वास शाम 5 बजकर 15 मिनट तक दक्षिण दिशा में और इसके बाद पूरी रात पश्चिम दिशा में रहेगा। राहु का वास पूर्व दिशा में है। होमाहुति में केतु का प्रभाव रहेगा। अग्निवास सुबह 10 बजकर 47 मिनट तक पृथ्वी पर और इसके बाद आकाश में रहेगा। भद्रावास सुबह 10 बजकर 47 मिनट से रात 11 बजकर 04 मिनट तक पाताल में रहेगा। शिववास सुबह 10 बजकर 47 मिनट तक भोजन में और इसके बाद श्मशान में रहेगा। कुम्भ चक्र में कण्ठ का प्रभाव रहेगा।
