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कौन हैं सुशीला कार्की, जो 'GEN Z' प्रोजेस्ट से जल रहे नेपाल की बन सकती हैं PM; भारत से है गहरा नाता

Who is Sushila Karki: हिंसा की आग में जल रहे नेपाल को अब नई सरकार के गठन का इंतजार है। ऐसे में Gen-Z आंदोलनकारियों ने एक वर्चुअल बैठक बुलाई जिसमें करीब 5000 से ज्यादा युवाओं ने हिस्सा लिया। इस बैठक में पूर्व मुख्य न्यायाधीश सुशीला कार्की को सबसे ज्यादा समर्थन मिला।

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नेपाल की अगली PM बन सकती हैं सुशीला कार्की

Photo : AP

Who is Sushila Karki: हिंसा की आग में जल रहे नेपाल को अब नई सरकार के गठन का इंतजार है। ऐसे में Gen-Z आंदोलनकारियों ने एक वर्चुअल बैठक बुलाई जिसमें करीब 5000 से ज्यादा युवाओं ने हिस्सा लिया। इस बैठक में पूर्व मुख्य न्यायाधीश सुशीला कार्की को सबसे ज्यादा समर्थन मिला। हालांकि, रेस में बालेन शाह का भी नाम था, लेकिन उन्हें पर्याप्त समर्थन नहीं मिल सका।

कौन हैं सुशीला कार्की?

पूर्व मुख्य न्यायाधीश सुशीला कार्की का भारत से गहरा नाता है। भ्रष्टाचार के खिलाफ कड़ा रुख अपनाने वालीं सुशीला कार्की नेपाल के सुप्रीम कोर्ट की इकलौती महिला चीफ जस्टिस थीं। उन्होंने 11 जुलाई 2016 से 6 जून 2017 तक पद संभाला था। उन्होंने काशी हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) से राजनीति शास्त्र में एमए किया था।

कई अहम मामलों की सुनवाई कीं

सुशीला कार्की का जन्म नेपाल के विराटनगर में 7 जून, 1952 को हुआ था। उन्होंने 1979 में वकालत शुरुआत की और 2007 में वरिष्ठ अधिवक्ता बनीं। कार्की को 2009 में सुप्रीम कोर्ट में बतौर एडडॉक जज नियुक्त किया गया और 2010 में वह स्थायी न्यायाधीश बनी थीं। हालांकि, 2016 में उन्हें सुप्रीम कोर्ट की पहली महिला न्यायाधीश बनने का सौभाग्य प्राप्त हुआ था। अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने चुनावी विवादों, भ्रष्टाचार सहित कई अहम मामलों की सुनवाई की।

सोशल मीडिया प्रतिबंध और भ्रष्टाचार समेत कई मुद्दों को लेकर पिछले तीन दिनों से नेपाल जल रहा है। प्रदर्शन इतना ज्यादा उग्र हो गया कि आंदोलनकारियों ने नेताओं के घरों को आग के हवाले कर दिया और केपी शर्मा ओली को प्रधानमंत्री पद से इस्तीफा देना पड़ा जिसके बाद सेना ने देश की सुरक्षा का जिम्मा संभाला और आंदोलनकारियों से शांति बनाने रखने की अपील की।

केपी शर्मा ओली के इस्तीफा देने के बाद बालेन शाह का अंतरिम प्रधानमंत्री पद के लिए सबसे आगे रहा, लेकिन उन्होंने आंदोलनकारियों की मांग पर सहमति नहीं जताई जिसके बाद सुशीला कार्की के नाम पर आम सहमति बनाई जा रही है।

अबतक कितने लोगों की हुई मौत

हिंसा की आग में जल रहे नेपाल में अबतक 30 लोगों की मौत हो गई और 1033 लोग घायल हो गए। बढ़ती हिंसा को देखते हुए सोमवार की रात को ही सोशल मीडिया पर प्रतिबंध को हटा लिया गया था और केपी शर्मा ओली ने इस्तीफा भी दे दिया। इसके बावजूद प्रदर्शन जारी रहा।

स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक, बुधवार की शाम तक मरने वालों की संख्या 30 तक पहुंच गई। 713 लोगों को अस्पतालों से छुट्टी मिल गई, जबकि 55 घायलों को अन्य अस्पताओं में रेफर किया गया। ज़्यादातर घायल सिविल अस्पताल में हैं।

Anurag Gupta
अनुराग गुप्ताauthor

अनुराग गुप्ता टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में सीनियर कॉपी एडिटर के रूप में कार्यरत हैं और मीडिया में 9 वर्षों का अनुभव रखते हैं। जर्नलिज़्म में मास्टर्स डिग्री हासिल करने के बाद से ही वे न्यूजरूम के विभिन्न आयामों—कॉपी एडिटिंग, कंटेंट क्यूरेशन और रियल-टाइम न्यूज मॉनिटरिंग में दक्षता के साथ काम कर रहे हैं। राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय और ब्रेकिंग न्यूज पर उनकी मजबूत पकड़ है। अनुराग खबरों की बारीकियों को समझने, फैक्ट चेकिंग और स्टोरी के अहम पहलुओं को पाठकों तक सरल भाषा में पहुंचाने के लिए जाने जाते हैं। उन्होंने अब तक 10 हजार से अधिक खबरें प्रकाशित की हैं, जिनमें ब्रेकिंग अपडेट्स, एनालिटिकल कंटेंट, स्पेशल स्टोरीज और न्यूज एक्सप्लेनर्स शामिल हैं।

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