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बांग्लादेश में मोहम्मद युनुस के जनमत संग्रह का क्या हुआ? चुनाव तो BNP जीत गई

बांग्लादेश में आम चुनाव के साथ कराए गए “जुलाई नेशनल चार्टर” पर जनमत संग्रह को जनता की मंजूरी मिल गई है। अंतरिम सरकार के मुख्य सलाहकार मोहम्मद युनुस द्वारा लाए गए इस 84 बिंदुओं वाले सुधार पैकेज के पक्ष में स्पष्ट बहुमत मिला।

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बांग्लादेश में युनुस के जनमत संग्रह को जनता से मिली मंजूरी (फोटो- Professor.Muhammad.Yunus)

बांग्लादेश में आम चुनाव के साथ-साथ एक और ऐतिहासिक रिफॉर्म पर जनता से मत मांगा गया था। जिसे जुलाई चार्टर का नाम दिया गया था।बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के मुख्य सलाहकार मोहम्मद युनुस ने इस रिफॉर्म को लाया था और जनता से इसके पक्ष में हां का मतदान करने की अपील की थी। इस रिफॉर्म का बांग्लादेश में बड़ा असर होगा। संविधान तक बदले जा सकते हैं। बांग्लादेश चुनाव में तो BNP को बहुमत मिली है, साथ ही युनुस के रिफॉर्म को भी मंजूरी मिल गई है।

बांग्लादेश में सुधार पैकेज पर जनमत संग्रह

बांग्लादेश में सुधार पैकेज पर जनमत संग्रह को जनता की मंजूरी मिल गई है। चुनाव आयोग ने शुक्रवार को घोषणा की कि जनमत संग्रह में 60.26 प्रतिशत मतदान दर्ज हुआ और ‘हां’ के पक्ष में स्पष्ट बहुमत मिला। यह जनमत संग्रह 13वें संसदीय चुनाव के साथ गुरुवार को कराया गया था। 84 बिंदुओं वाले जटिल सुधार पैकेज को “जुलाई नेशनल चार्टर” नाम दिया गया है। द डेली स्टार की रिपोर्ट के अनुसार, चुनाव आयोग ने बताया कि जनमत संग्रह में कुल 60.26 प्रतिशत मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया।

‘हां’ को 4.8 करोड़ वोट

आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक 4,80,74,429 मत ‘हां’ के पक्ष में पड़े, जबकि 2,25,65,627 मतदाताओं ने ‘नहीं’ चुना। चुनाव आयोग के वरिष्ठ सचिव अख्तर अहमद ने पत्रकारों को यह जानकारी दी। यह जनमत संग्रह जुलाई नेशनल चार्टर 2025 को लेकर जनता की सहमति प्राप्त करने के लिए कराया गया था, जिसकी घोषणा अंतरिम सरकार के प्रमुख मोहम्मद युनुस ने 17 अक्टूबर को की थी। यह चार्टर राजनीतिक दलों और उनके नेतृत्व वाली नेशनल कंसेंसस कमीशन के साथ लंबी बातचीत के बाद तैयार किया गया था।

सिर्फ एक सीट पर नहीं हुआ चुनाव

मतपत्र में एक ही सवाल रखा गया था, जो जुलाई चार्टर के चार प्रमुख सुधार क्षेत्रों को समेटे हुए था। मतदाताओं को निर्देश दिया गया था कि यदि वे प्रस्तावों से सहमत हैं तो ‘हां’ और असहमत होने पर ‘नहीं’ पर मतदान करें। मतदान 300 में से 299 निर्वाचन क्षेत्रों में हुआ। एक सीट पर एक उम्मीदवार की मृत्यु के कारण मतदान स्थगित कर दिया गया था। संसदीय चुनाव के नतीजे अब तक 297 सीटों पर घोषित किए जा चुके हैं, जबकि दो सीटों पर उच्च न्यायालय द्वारा रोक लगाए जाने के कारण परिणाम घोषित नहीं किए गए। हालांकि चुनाव आयोग ने स्पष्ट किया कि उन दो सीटों पर जनमत संग्रह के परिणाम घोषित करने में कोई कानूनी बाधा नहीं थी, इसलिए उनके मतों को भी अंतिम गणना में शामिल किया गया।

किसे कितनी सीटों मिलीं?

अनौपचारिक नतीजों के अनुसार, बीएनपी ने 297 में से 209 सीटें जीत ली हैं, जबकि दक्षिणपंथी जमात ए इस्लामी को 68 सीटें मिली हैं। पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना की पार्टी अवामी लीग को इस चुनाव में हिस्सा लेने से रोका गया था। संसदीय चुनाव में कुल 59.44 प्रतिशत मतदान दर्ज हुआ।

जनमत संग्रह का क्या असर होगा?

जुलाई चार्टर के प्रमुख लेखक और नेशनल कंसेंसस कमीशन के सह-अध्यक्ष अली रियाज ने पहले कहा था कि यदि ‘हां’ को बहुमत मिलता है, तो अगली संसद एक संवैधानिक सुधार परिषद, यानी लगभग एक संविधान सभा की तरह काम करेगी। उन्हें 180 कार्य दिवसों के भीतर प्रस्तावित संवैधानिक सुधारों को लागू करने की दिशा में कदम उठाने होंगे। इस तरह बांग्लादेश में संसदीय चुनाव के साथ हुए इस जनमत संग्रह ने देश के राजनीतिक और संवैधानिक ढांचे में बड़े बदलाव की राह खोल दी है।

Shishupal Kumar
शिशुपाल कुमारauthor

शिशुपाल कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के न्यूज डेस्क में कार्यरत एक अनुभवी पत्रकार हैं, जिन्हें 13 वर्षों का अनुभव हासिल है। राजनीतिक, अंतरराष्ट्रीय और क्राइम रिपोर्टिंग में गहरी रुचि और मजबूत पकड़ के साथ वे समाचारों की बारीकियों को समझने और उन्हें प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करने के लिए जाने जाते हैं। शिशुपाल ने अपने करियर की शुरुआत एक इन्वेस्टिगेटिव जर्नलिस्ट के रूप में की, जहां उन्होंने प्रोडक्शन से लेकर ग्राउंड रिपोर्टिंग तक पत्रकारिता के कई महत्वपूर्ण पहलुओं में काम किया। फील्ड रिपोर्टिंग और डेस्क दोनों स्तरों पर उनकी दक्षता है। अब तक शिशुपाल कुमार 15,000 से अधिक खबरें प्रकाशित कर चुके हैं। वह ब्रेकिंग न्यूज, रियल-टाइम कवरेज, डेटा-आधारित विश्लेषण और एक्सप्लेनर लिखने में खास महारत रखते हैं। उनकी स्टोरीज तथ्यों की सटीकता और सहज भाषा की वजह से पाठकों पर मजबूत प्रभाव छोड़ती हैं।

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