West Asia Tension: अमेरिका और ईरान के बीच जारी तनाव के बीच कूटनीतिक हल की कोशिशें तेज होती नजर आ रही हैं। इसी बीच अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने बड़ा बयान देते हुए संकेत दिया है कि अगर ईरान के साथ समझौता होता है,तो वह खुद उसे साइन करने के लिए पाकिस्तान भी जा सकते हैं। ट्रंप का यह बयान ऐसे समय आया है जब पाकिस्तान का प्रतिनिधिमंडल ईरान में है।
मैं जा सकता हूं ईरान-ट्रंप
वॉशिंगटन में मीडिया से बातचीत के दौरान ट्रंप ने कहा कि अगर समझौता इस्लामाबाद में साइन होता है, तो वह वहां जाने पर विचार कर सकते हैं। उन्होंने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ और सेना प्रमुख आसिम मुनीर की तारीफ करते हुए कहा कि दोनों ने बातचीत को आगे बढ़ाने में अहम भूमिका निभाई है। ट्रंप के मुताबिक, पाकिस्तान इस पूरी प्रक्रिया में सक्रिय रूप से शामिल है और वह खुद भी इस पहल का हिस्सा बनने को तैयार हैं।
बढ़ सकती है सीजफायर की अवधि
साथ ही उन्होंने ईरान के साथ जारी युद्धविराम (सीजफायर) को लेकर भी लचीलापन दिखाया है। दोनों देशों के बीच फिलहाल 14 दिन का सीजफायर 22 अप्रैल तक लागू है, लेकिन ट्रंप ने इस बात के संकेत दिए हैं कि अगर समझौता करीब होता है,तो इसकी अवधि बढ़ाई जा सकती है। उन्होंने साफ कहा कि यदि डील के करीब पहुंचते हैं,तो वह समय सीमा बढ़ाने के लिए तैयार हैं। यह बयान इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि सीजफायर की समयसीमा नजदीक आने के साथ ही यह चिंता बढ़ रही थी कि अगर समझौता नहीं हुआ तो तनाव फिर बढ़ सकता है।
ईरान नहीं विकसित करेगा परमाणु हथियार
साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिका की सबसे बड़ी प्राथमिकता यह सुनिश्चित करना है कि ईरान के पास कभी परमाणु हथियार न हो। उन्होंने कहा कि अगर ऐसा हुआ तो वैश्विक स्तर पर गंभीर संकट पैदा हो सकता है। इसलिए ईरान ने इस बात पर सहमति जताई है कि वह परमाणु हथियार विकसित नहीं करेगा। दोनों देशों के बीच इस मुद्दे पर मजबूत सहमति बनी है।साथ ही ट्रंप ने यह भी दावा किया कि ईरान कथित तौर पर उन परमाणु अवशेषों (न्यूक्लियर मटेरियल) को वापस करने के लिए तैयार है,जो हालिया अमेरिकी हमले के बाद भूमिगत स्तर पर मौजूद हैं।
बी-2 बॉम्बर्स के हमले के बाद बनी यह स्थिति
अपने बयान में ट्रंप ने अमेरिकी सैन्य कार्रवाई का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि बी-2 बॉम्बर्स के जरिए किए गए हमले के बाद यह स्थिति बनी है। उन्होंने संकेत दिया कि इस कार्रवाई के बाद ईरान के रुख में बदलाव आया है और अब वह बातचीत के लिए ज्यादा तैयार दिख रहा है। अमेरिका और ईरान के बीच कई मुद्दों पर सहमति बन चुकी है और आने वाले समय में कोई “बहुत सकारात्मक” नतीजा सामने आ सकता है। उनका यह बयान ऐसे समय आया है जब दोनों देशों के बीच तनाव कम करने और संभावित समझौते को लेकर कूटनीतिक कोशिशें तेज हैं।
