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अमेरिका का बड़ा एक्शन, ईरान की 'महान एयर' और IRGC की मदद करने के आरोप में भारत, चीन और रूस की कंपनियों पर लगाए प्रतिबंध

Mahan Air IRGC Support Network: अमेरिका ने ईरान की 'महान एयर' और IRGC की मदद करने के आरोप में भारत की स्काइज ट्रैवल्स सहित चीन और रूस की कंपनियों पर नए कड़े प्रतिबंध लगाए हैं।

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अमेरिका का बड़ा एक्शन, ईरान की 'महान एयर' और IRGC की मदद करने के आरोप में भारत, चीन और रूस की कंपनियों पर लगाए प्रतिबंध

US Sanctions Skiez Travels India: अमेरिका ने ईरान की प्रमुख एयरलाइन 'महान एयर' (Mahan Air) और इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के वैश्विक नेटवर्क पर शिकंजा कसते हुए बड़ा कदम उठाया है। अमेरिकी वित्त मंत्रालय के 'ऑफिस ऑफ फॉरेन एसेट्स कंट्रोल' (OFAC) ने भारत, चीन, रूस और ईरान की कंपनियों व व्यक्तियों पर नए कड़े प्रतिबंधों की घोषणा की है। इन पर अमेरिकी प्रतिबंधों का उल्लंघन कर ईरानी एयरलाइन को लॉजिस्टिक्स, कमर्शियल और वित्तीय मदद पहुंचाने का संगीन आरोप है।

भारत की 'स्काइज ट्रैवल्स' समेत चीन और रूस की कंपनियां निशाने पर

अमेरिकी प्रशासन का आरोप है कि ये कंपनियां 'महान एयर' के लिए जनरल सेल्स एजेंट (GSA) और व्यावसायिक मध्यस्थ के रूप में काम कर रही थीं। प्रतिबंधित प्रमुख संस्थाएं और व्यक्ति:

भारत की स्काइज ट्रैवल्स: भारत स्थित 'स्काइज ट्रैवल्स एंड लॉजिस्टिक्स प्राइवेट लिमिटेड' को महान एयर का प्रमुख वाणिज्यिक व ग्राहक सहायता भागीदार बताया गया है, जो 2020 से इसके एजेंट के रूप में काम कर रही थी।

चीन व रूस की फर्में: चीन की 'शांगहाई विंग्स इंटरनेशनल लॉजिस्टिक्स' और 'शांगहाई एलीट इंटरनेशनल ट्रैवल' (तथा इसके प्रबंध निदेशक टैंग शिन) और रूस की 'एयर कार्गो प्रो लिमिटेड' को भी इलेक्ट्रॉनिक्स की डिलीवरी और माल ढुलाई के आरोप में प्रतिबंधित सूची में डाला गया है।

ईरान की मोर्चरी कंपनी 'दादेनेगार': ईरान स्थित 'दादेनेगार स्टार्टअप स्टूडियो' पर IRGC के फ्रंट ऑर्गनाइजेशन के रूप में काम करने और अमेरिकी व इजराइली ठिकानों की जानकारी जुटाने का आरोप लगाया गया है।

'आतंकी नेटवर्क की मदद बर्दाश्त नहीं होगी': अमेरिकी वित्त मंत्री

अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने कड़ा बयान जारी करते हुए कहा कि 'जो कोई भी IRGC या महान एयर को वित्तीय, लॉजिस्टिक या व्यावसायिक सहायता प्रदान कर रहा है, वह एक आतंकी नेटवर्क को बनाए रखने में मदद कर रहा है।' उन्होंने कहा कि अमेरिका के क्षेत्राधिकार में आने वाली इन सभी संस्थाओं की संपत्तियों को तुरंत प्रभाव से फ्रीज कर दिया गया है। बताया गया कि अमेरिकी नागरिकों और व्यवसायों के लिए इनके साथ लेनदेन पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है। साथ ही इनके साथ व्यापार जारी रखने वाले वैश्विक बैंकों को भी अमेरिकी वित्तीय प्रणाली से अलग किए जाने का खतरा रहेगा।

Nitin Arora
नितिन अरोड़ाauthor

नितिन अरोड़ा टाइम्स नाउ नवभारत में न्यूज डेस्क पर सीनियर कॉपी एडिटर के रूप में कार्यरत हैं। मीडिया में उनका 6 वर्षों का अनुभव है। वह राजनीति, देश–विदेश की बड़ी घटनाओं और समसामयिक मुद्दों को गहराई से समझकर उन्हें सटीक और सरल भाषा में प्रस्तुत करने में माहिर हैं। उन्होंने अपने करियर में लगातार करंट अफेयर्स, पॉलिटिकल डेवलपमेंट्स, डिप्लोमैटिक घटनाएं और डिफेंस सेक्टर से जुड़े विषयों पर प्रभावशाली कॉन्टेंट तैयार किया है और अबतक 6 हजार से अधिक आर्टिकल लिख चुके हैं। विभिन्न टॉपिक्स पर एक्सप्लेनेर, डेटा-आधारित रिपोर्ट्स और विश्लेषणात्मक कॉपी लिखने में उनकी मजबूत पकड़ है।

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