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NATO Summit: अंकारा में ट्रंप का एर्दोगन ने किया स्वागत, नाटो ने अरबों डॉलर के कई सैन्य प्रोजेक्ट्स दिखाए

Trump in Ankara:अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप NATO समिट के लिए अंकारा पहुंचे और तुर्की के राष्ट्रपति रेसेप तैयप एर्दोगन ने उनका स्वागत किया।

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ट्रंप NATO समिट के लिए अंकारा पहुंचे (फाइल फोटो)

Trump in Ankara: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप मंगलवार को बहुचर्चित NATO समिट के लिए अंकारा पहुंचे और तुर्की के राष्ट्रपति रेसेप तैयप एर्दोगन ने उनका स्वागत किया। ट्रंप के यूक्रेनी राष्ट्रपति जेलेंस्की और सीरियाई नेता अहमद अल-शारा से भी अलग से मिलने की उम्मीद है, जो एक व्यस्त राजनयिक एजेंडे का संकेत है क्योंकि गठबंधन कई भू-राजनीतिक तनावपूर्ण स्थितियों से निपट रहा है।

ट्रंप के आने से पहले, NATO ने मंगलवार को अरबों डॉलर के कई सैन्य प्रोजेक्ट्स दिखाए। इसका मकसद राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को यह यकीन दिलाना था कि अमेरिकी सहयोगी देश रक्षा पर किए जा रहे नए खर्च को असल सैन्य ताकत में बदल रहे हैं।

'यह पैसा सही जगह खर्च हुआ है'

तुर्की में एक समिट के दौरान, NATO के सेक्रेटरी-जनरल मार्क रुटे ने सरकार के मंत्रियों और डिफेंस इंडस्ट्री के अधिकारियों से कहा, 'यह पैसा सही जगह खर्च हुआ है।' वह डिफेंस इंडस्ट्री के एक फोरम में बोल रहे थे, जिसे NATO की 'बड़ी घोषणा' के तौर पर पेश किया गया था।

ट्रंप ने NATO को 'कागजी शेर' कहा

ट्रंप ने NATO को 'कागजी शेर' (paper tiger) कहा है, जो अमेरिकी हथियारों और नेतृत्व के बिना काम नहीं कर पाएगा। एक संगठन के तौर पर NATO के पास कोई हथियार नहीं हैं-ये 32 सदस्य देशों की संपत्ति हैं-लेकिन उसके पास 14 AWACS अर्ली वॉर्निंग रडार सर्विलांस विमानों का बेड़ा है जो लगभग 50 साल पुराने हैं, साथ ही कुछ नए सर्विलांस ड्रोन भी हैं।

अमेरिका की चिंताओं को कम करने की कोशिश

इससे पहले, रुटे ने 'द ट्रंप ट्रिलियन' (The Trump Trillion) नाम के एक चार्ट का इस्तेमाल करके NATO में सैन्य खर्च को लेकर अमेरिका की चिंताओं को कम करने की कोशिश की थी। इस चार्ट में 2017 से यूरोपीय सहयोगियों और कनाडा द्वारा किए गए 1.2 ट्रिलियन डॉलर के खर्च को दिखाया गया था।

ट्रंप प्रभावित होने के बजाय बेअसर दिखे

ट्रंप प्रभावित होने के बजाय बेअसर दिखे, उन्होंने कहा कि वे अभी भी कुछ NATO सहयोगियों द्वारा ईरान युद्ध में शामिल होने से इनकार करने से निराश हैं। उन्होंने इज़राइल के साथ मिलकर यह युद्ध शुरू किया था, लेकिन उनसे सलाह नहीं ली थी। ट्रंप ने कहा, 'हमें उनके पैसे की जरूरत नहीं है हमें किसी चीज की जरूरत नहीं है।' उन्होंने आगे कहा, 'मुझे बस वफादारी चाहिए।'

Ravi Vaish
रवि वैश्यauthor

रवि वैश्य टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के न्यूज डेस्क पर कार्यरत एक सीनियर जर्नलिस्ट हैं, जिन्हें पत्रकारिता में 20 वर्षों का व्यापक अनुभव हासिल है। खबरों की बारीकियों को समझने और तेजी से प्रस्तुत करने में उनकी विशेष दक्षता है। टीवी पत्रकारिता में रिपोर्टिंग और डेस्क—दोनों क्षेत्रों में अनुभव होने के कारण वे समाचारों को बहुआयामी दृष्टिकोण से देखते हैं। देश–दुनिया की ताजातरीन अपडेट्स, ब्रेकिंग न्यूज, एक्सप्लेनर और विशेष स्टोरीज तैयार करने में वे सिद्धहस्त हैं। उनकी प्राथमिकता हमेशा यही रही है कि हर खबर तेज, सटीक और जानकारीपूर्ण रूप में पाठकों तक पहुंचे। रवि वैश्य अब तक 22,000 से अधिक खबरें लिख चुके हैं, जिनमें कई एक्सक्लूसिव रिपोर्ट्स, इंटरव्यू, ग्राउंड रिपोर्ट्स, विश्लेषण और एक्सप्लेनर शामिल हैं।

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