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युद्ध, टैरिफ, US की ताकत...राष्ट्र के नाम अपने संबोधन में क्या-क्या बोले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप

ट्रंप ने कहा कि 'मैंने अमेरिका की ताकत बहाल की है, 10 महीनों में आठ युद्धों का निपटारा किया है, ईरान के परमाणु खतरे को खत्म किया है और गाज़ा युद्ध को समाप्त किया है, जिससे 3,000 वर्षों में पहली बार शांति आई है, और यहां देश में जीवित और मृत—दोनों तरह के बंधकों की रिहाई सुनिश्चित की है।'

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ट्रंप का राष्ट्र के नाम संबोधन। तस्वीर-AP

Photo : AP

US President Donald Trump : अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर दुनिया में युद्ध रुकवाने का श्रेय लिया है। राष्ट्र के नाम अपने संबोधन में ट्रंप ने कहा कि उन्होंने 10 महीने में दुनिया भर में 8 युद्ध रुकवाए। अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा कि अपने इस कार्यकाल में उन्होंने टैरिफ के जरिए बहुत कुछ हासिल किया। ट्रंप ने कहा कि टैरिफ उनका पसंदीदा शब्द है। साथ ही उन्होंने पूर्व राष्ट्रपति जो बाइडेन पर भी निशाना साधा। ट्रंप ने कहा कि बाइडेन ने जब कार्यालय छोड़ा तो अमेरिका की हालत बहुत 'खराब' थी जबकि उन्होंने अपने फैसलों से देश को मजबूत बनाया।

ट्रंप ने कहा कि 'मैंने अमेरिका की ताकत बहाल की है, 10 महीनों में आठ युद्धों का निपटारा किया है, ईरान के परमाणु खतरे को खत्म किया है और गाज़ा युद्ध को समाप्त किया है, जिससे 3,000 वर्षों में पहली बार शांति आई है, और यहां देश में जीवित और मृत—दोनों तरह के बंधकों की रिहाई सुनिश्चित की है।'

भारत सहित कई देशों पर टैरिफ लगाए

रेटिंग में गिरावट और उनकी व्यापार नीतियों के कारण अमेरिका में कीमतों के तेजी से बढ़ने के बावजूद, राष्ट्रपति ने महंगाई के मुद्दे को टाल दिया और इस बात पर ज़ोर दिया कि कनाडा, मेक्सिको, ब्राजील के साथ-साथ भारत समेत अन्य देशों पर उनकी टीम द्वारा लगाए गए टैरिफ (शुल्क) ने अमेरिकी अर्थव्यवस्था को फायदा पहुंचाया। उन्होंने कहा कि 'हमने टैरिफ की वजह से उम्मीद से कहीं ज्यादा पैसा कमाया, और इस बिल ने भी हमें आगे बढ़ाने में मदद की।' अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा, यह संकेत देते हुए कि यह बयान इस साल की शुरुआत में पारित की गई रिपब्लिकन पार्टी की बड़ी टैक्स कटौती संबंधी विधेयक की ओर था।

ट्रंप ने राष्ट्रपति चुनाव जीता

ट्रंप ने बाइडेन और पूर्व उपराष्ट्रपति कमला हैरिस के कार्यकाल के दौरान उच्च महंगाई को मुद्दा बनाकर दूसरी बार राष्ट्रपति पद जीता। हालांकि, अब ऐसा लगता है कि वे खुद ही अमेरिकियों को यह यकीन दिलाने में संघर्ष कर रहे हैं कि देश की अर्थव्यवस्था वास्तव में फल-फूल रही है। मंगलवार को जारी एक नए रॉयटर्स/इप्सोस सर्वेक्षण में केवल 33 प्रतिशत अमेरिकी वयस्कों ने अब तक अर्थव्यवस्था को संभालने के उनके तरीके को मंज़ूरी दी। हालांकि अपने संबोधन के दौरान अमेरिकी राष्ट्रपति ने स्थिति की कोई व्याख्या नहीं दी। इसके बजाय, उन्होंने विफलताओं के लिए बाइडेन और उससे पहले की डेमोक्रेट सरकार को दोषी ठहराने का सिलसिला शुरू कर दिया।

आव्रजन, महंगाई और सांस्कृतिक मुद्दों का हवाला

बाइडेन के कार्यकाल के दौरान आव्रजन, महंगाई और सांस्कृतिक मुद्दों का हवाला देते हुए कहा कि 'जब मैंने पद संभाला, तो मुझे एक गड़बड़ विरासत में मिली थी, और मैं उसे ठीक कर रहा हूं।'

Alok Rao
आलोक कुमार रावauthor

19 वर्षों से मीडिया जगत में सक्रिय आलोक राव ने प्रिंट, न्यूज एजेंसी, टीवी और डिजिटल चारों ही माध्यमों में काम किया है। इस लंबे अनुभव ने उन्हें समाचारों की समझ, प्रेजेंटेशन, डिटेलिंग और न्यूजरूम डायनेमिक्स में असाधारण दक्षता प्रदान की है। राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों में विशेष रुचि रखने के साथ-साथ जियो-पॉलिटिक्स एवं डिफेंस की स्टोरीज में इनकी खासी दिलचस्पी है। आलोक ने अलग-अलग माध्यमों में काम करते हुए समाचारों की समझ, प्रस्तुति और विश्लेषण में मजबूत दक्षता विकसित की है और अब तक 25,000 से अधिक आर्टिकल तैयार कर चुके हैं। तथ्यों की गहन जांच, मजबूत न्यूज सेंस और तेज निर्णय क्षमता उनकी पत्रकारिता की प्रमुख खासियतें हैं।

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