26 नवंबर, 2008 का मुंबई हमला
जब 26 नवंबर, 2008 को लश्कर-ए-तैयबा के 10 आतंकवादियों ने भारत में घुसपैठ कर दो लक्जरी होटलों में 61 लोगों सहित मुंबई में 160 से अधिक लोगों की हत्या कर दी थी, तब मनमोहन सिंह प्रधानमंत्री थे। फ्रीडमैन ने कहा, भारत के 11 सितंबर के हमले पर मनमोहन सिंह की सैन्य प्रतिक्रिया क्या थी? उन्होंने कुछ नहीं किया। सिंह ने कभी भी पाकिस्तान राष्ट्र या पाकिस्तान में लश्कर शिविरों के खिलाफ सैन्य जवाबी कार्रवाई नहीं की। यह संयम का एक शानदार उदाहरण था। पूर्व भारतीय विदेश सचिव शिवशंकर मेनन का हवाला देते हुए अमेरिकी लेखक ने कहा कि 26/11 हमले के बाद सैन्य जवाबी कार्रवाई न करना उस समय सही बात थी। फ्रीडमैन ने मुंबई आतंकवादी हमले पर भारत की प्रतिक्रिया और हमास नरसंहार पर इजराइल की प्रतिक्रिया के बीच अंतर समझाया।
हमास पर इजराइल की जवाबी कार्रवाई
7 अक्टूबर को हमास के हमले के बाद से इजराइल गाजा पर बमबारी कर रहा है। इजराइल पर हमास के हमले में 1,400 लोग मारे गए थे और 229 लोगों को हमास ने बंधक बना लिया था। वहीं, हमास द्वारा संचालित स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, इजराइल की जवाबी बमबारी शुरू होने के बाद से गाजा में 8,300 से अधिक लोग मारे गए हैं। पिछले हफ्ते, संयुक्त राष्ट्र महासभा ने भारी बहुमत से इजराइल और हमास के बीच तुरंत मानवीय संघर्ष विराम का आह्वान किया था, जिसे इजराइल ने आक्रोश में खारिज कर दिया था।
नेतन्याहू बोले, नहीं होगा युद्धविराम
इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने सोमवार को कहा कि हमास के खिलाफ इजरायल के युद्ध में युद्धविराम नहीं होगा क्योंकि युद्धविराम का मतलब हमास के सामने आत्मसमर्पण करना होगा। इजराइल ने कसम खाई है कि जब तक हमास का सफाया नहीं हो जाता, तब तक कोई युद्धविराम नहीं होगा।
