हटेगी नाकेबंदी?
इस समझौते के लागू होते ही वैश्विक व्यापार के लिए एक बड़ी राहत मिलेगी। समझौते के बाद होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz Reopening) को बिना किसी शुल्क के जहाजों की आवाजाही के लिए फिर से खोल दिया जाएगा। इसके साथ ही, अमेरिकी नौसेना द्वारा ईरानी बंदरगाहों पर लगाई गई सख्त नाकेबंदी को भी पूरी तरह हटा लिया जाएगा।
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डोनाल्ड ट्रंप का बड़ा दावा
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'ट्रुथ सोशल' पर पोस्ट कर इस बात की पुष्टि की कि रविवार को यह समझौता हो सकता है। ट्रंप ने ओबामा शासनकाल के जेसीपीओए (JCPOA) समझौते की आलोचना करते हुए कहा, "मेरा यह नया समझौता ईरान के परमाणु हथियार बनाने की राह में एक मजबूत दीवार है। अब ईरान परमाणु हथियार नहीं चाहता है। समझौते के तुरंत बाद होर्मुज जलडमरूमध्य सबके लिए खुल जाएगा।"
ईरान में फूटा जनता का गुस्सा
एक तरफ जहां पाकिस्तान और कतर इस समझौते को अमलीजामा पहनाने के लिए तेजी से जुटे हैं (कतर का एक प्रतिनिधिमंडल रविवार को ही तेहरान पहुंचा है), वहीं दूसरी तरफ ईरान के भीतर इस समझौते को लेकर भारी विरोध शुरू हो गया है। ईरान के मशहद शहर में विदेश मंत्रालय के दफ्तर के बाहर दर्जनों लोगों ने प्रदर्शन किया और विदेश मंत्री अब्बास अराघची और मुख्य वार्ताकार मोहम्मद बागेर गालिब्राफ के इस्तीफे की मांग की।
इसके अलावा, समय को लेकर भी दोनों देशों के बयानों में थोड़ा अंतर है। जहां ट्रंप इसे आज ही फाइनल मान रहे हैं, वहीं ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने थोड़ा संभलकर बयान देते हुए कहा कि 'समझौता कल (रविवार) ही नहीं हो जाएगा', हालांकि उन्होंने आने वाले दिनों में इसके फाइनल होने की बात को स्वीकार किया है।
