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'स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में किसी तरह का शुल्क स्वीकार्य नहीं', MoU पर चर्चा के बीच ट्रंप ने कड़े किए तेवर

अमेरिकी संसद के ऊपरी सदन सीनेट ने ईरान के खिलाफ अमेरिकी सैन्य कार्रवाई को बाधित करने के लिए युद्ध शक्तियों संबंधी प्रस्ताव को मंगलवार को पहली बार मंजूरी दी। अमेरिकी सांसद युद्ध समाप्त करने के लिए देश के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा किए जा रहे प्रयासों पर सतर्कता से नजर रख रहे हैं।

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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप।

Photo : AP

Donald Trump: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में मालवाहक जहाजों की आवाजाही पर किसी तरह के शुल्क के खिलाफ हैं। इस तरह की चर्चाओं के बीच कि 60 दिनों के बाद ईरान होर्मुज से गुजरने वाले जहाजों पर शुल्क लगाएगा, उन्होंने प्रतिक्रिया दी है। ट्रंप ने बुधवार (स्थानीय समयानुसार) को कहा कि ईरान डील में स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में सामुद्रिक गतिविधियों अथवा जहाजों पर शुल्क लगाए जाने का यदि कोई प्रावधान शामिल किया गया तो वह उन्हें स्वीकार्य नहीं होगा।

MoU में 60 दिनों के बाद शुल्क लगाने की बात

दरअसल, 14 प्वाइंट वाले 'मेमोरेंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग' में कहा गया है कि 60 दिनों तक स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से गुजरने वाले जहाजों को किसी तरह का शुल्क नहीं देना होगा लेकिन इसके बाद ईरान, ओमान के साथ मिलकर वहां से गुजरने वाले जहाजों पर शुल्क लगा सकता है और इसके लिए उसे एक तंत्र बनाना होगा। अब ट्रंप का यह ताजा बयान को होर्मुज में शुल्क लगने की बात पर भ्रम की स्थिति पैदा कर सकता है। NATO के महासचिव मार्क रूट के साथ बैठक के बाद ट्रंप ने मीडिया से बातचीत में कहा कि ईरान के साथ बातचीत में अमेरिका शानदार काम कर रहा है।

युद्ध शक्तियों संबंधी प्रस्ताव को पहली बार मंजूरी

अमेरिकी संसद के ऊपरी सदन सीनेट ने ईरान के खिलाफ अमेरिकी सैन्य कार्रवाई को बाधित करने के लिए युद्ध शक्तियों संबंधी प्रस्ताव को मंगलवार को पहली बार मंजूरी दी। अमेरिकी सांसद युद्ध समाप्त करने के लिए देश के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा किए जा रहे प्रयासों पर सतर्कता से नजर रख रहे हैं। यह युद्ध शुरू करने का फैसला अमेरिकी प्रशासन ने लिया था लेकिन अब उसे संसद से धन की जरूरत है। सीनेट ने युद्ध रोकने के लिए 10वीं बार प्रयास किया। इस प्रस्ताव के पक्ष में 50 तथा विरोध में 48 मत पड़े जो पिछले प्रयासों की तुलना में एक चौंकाने वाला बदलाव है।

'प्रस्ताव काफी हद तक प्रतीकात्मक'

यह प्रस्ताव काफी हद तक प्रतीकात्मक है और इसे पूरी तरह कानून का दर्जा हासिल नहीं है लेकिन यह युद्ध और इसे समाप्त करने के लिए ईरान के साथ ट्रंप के समझौते को लेकर प्रतिनिधि सभा एवं सीनेट के कई रिपब्लिकन सांसदों की बढ़ती चिंताओं को दर्शाता है। प्रतिनिधि सभा ने इस महीने की शुरुआत में इस प्रस्ताव को मंजूरी दे दी थी। ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया मंच ’ट्रुथ सोशल’ पर इस प्रस्ताव पर मंगलवार रात नाराजगी जताई। उन्होंने मतदान को 'गलत समय पर कराया गया और निरर्थक’बताते हुए कहा कि इससे ईरान को 'सहायता और समर्थन’मिला है।

सबसे खराब निर्णयों में से एक के रूप में देखा जाएगा-शूमर

सीनेट में डेमोक्रेटिक पार्टी के नेता चक शूमर ने कहा, 'सीनेट में बड़ी संख्या में रिपब्लिकन पार्टी के सदस्यों ने अमेरिकी जनता के बजाय बार-बार ट्रंप और उनके युद्ध का साथ दिया।’ शूमर ने कहा कि अमेरिकियों को 'ईरान में ट्रंप की ऐतिहासिक भूल’की कीमत चुकानी पड़ी है। उन्होंने कहा, 'इसे इतिहास में अमेरिका की विदेश नीति के अब तक के सबसे खराब निर्णयों में से एक के रूप में याद किया जाएगा।’

Alok Rao
आलोक कुमार रावauthor

19 वर्षों से मीडिया जगत में सक्रिय आलोक राव ने प्रिंट, न्यूज एजेंसी, टीवी और डिजिटल चारों ही माध्यमों में काम किया है। इस लंबे अनुभव ने उन्हें समाचारों की समझ, प्रेजेंटेशन, डिटेलिंग और न्यूजरूम डायनेमिक्स में असाधारण दक्षता प्रदान की है। राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों में विशेष रुचि रखने के साथ-साथ जियो-पॉलिटिक्स एवं डिफेंस की स्टोरीज में इनकी खासी दिलचस्पी है। आलोक ने अलग-अलग माध्यमों में काम करते हुए समाचारों की समझ, प्रस्तुति और विश्लेषण में मजबूत दक्षता विकसित की है और अब तक 25,000 से अधिक आर्टिकल तैयार कर चुके हैं। तथ्यों की गहन जांच, मजबूत न्यूज सेंस और तेज निर्णय क्षमता उनकी पत्रकारिता की प्रमुख खासियतें हैं।

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