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रूस के साथ जंग में शामिल हो गया उत्तर कोरिया? यूक्रेन ने जारी किया वीडियो, वर्दी और हथियार लेते दिखे सैनिक

North Korean soldiers in Russia: यूक्रेन द्वारा जारी वीडियो में स्पष्ट रूप से दिखाया गया है कि रूसी सेना के निर्देशन में उत्तर कोरियाई नागरिकों को रूसी वर्दी दी जा रही है। यूक्रेनी अधिकारी ने कहा कि यह पहला वीडियो सबूत है जो उत्तर कोरिया को रूस की ओर से युद्ध में भाग लेते हुए दिखाता है।

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North Korean soldiers in Russia

Photo : AP

North Korean soldiers in Russia: रूस और यूक्रेन में जारी जंग के बीच यूक्रेनी अधिकारियों ने एक वीडियो जारी किया है। इसमें दावा किया गया है कि दर्जनों उत्तर कोरियाई सैनिक रूस पहुंच चुके हैं और यूक्रेन के खिलाफ रूसी सैनिकों का साथ देने के लिए तैयारी हैं। यूक्रेन की ओर से जारी वीडियो में उत्तर कोरियाई सैनिकों को रूसी सैन्य वर्दी व हथियार लेने के लिए कतार में खड़े दिखाया गया है। यूक्रेनी अधिकारियों का कहना है कि इसका उद्देश्य यूक्रेनी सेना को डराना है और युद्ध के मैदान में एक अन्य देश के प्रवेश के साथ ढाई साल के युद्ध में एक नया अध्याय जोड़ना है।

वीडियो की पुष्टि यूक्रेन के सामरिक संचार और सूचना सुरक्षा केंद्र द्वारा की गई है। न्यूज एजेंसी एसोसिएड प्रेस के मुताबिक, यूक्रेन के सामरिक संचार और सूचना सुरक्षा केंद्र के प्रमुख इहोर सोलोव ने कहा कि उन्हें यह वीडियो अपने स्रोतों से मिला है और सुरक्षा कारणों से हम इसे हमें प्रदान करने वाले स्रोतों से अतिरिक्त सत्यापन प्रदान नहीं कर सकते हैं।

रूस की वर्दी लेते दिखे उत्तर कोरियाई सैनिक

जारी वीडियो में स्पष्ट रूप से दिखाया गया है कि रूसी सेना के निर्देशन में उत्तर कोरियाई नागरिकों को रूसी वर्दी दी जा रही है। यूक्रेनी अधिकारी ने कहा कि यह पहला वीडियो सबूत है जो उत्तर कोरिया को रूस की ओर से युद्ध में भाग लेते हुए दिखाता है। उन्होंने दावा कि यह वीडियो हाल के दिनों में एक रूसी सैनिक द्वारा शूट किया गया था। इसमें यह नहीं बताया गया कि फुटेज कैसे प्राप्त की गई। स्थान अज्ञात है।

नवंबर में जंग में शामिल होंगे उत्तर कोरियाई सैनिक

यूक्रेन द्वारा यह वीडियो तब जारी किया गया है जब यूक्रेनी सैन्य खुफिया प्रमुख, किरिलो बुडानोव ने दावा किया था कि लगभग 11,000 उत्तर कोरियाई सैनिक वर्तमान में पूर्वी रूस में प्रशिक्षण ले रहे हैं। उन्होंने भविष्यवाणी की कि वे नवंबर तक लड़ाई में शामिल होने के लिए तैयार हो जाएंगे। कम से कम 2,600 को रूस के कुर्स्क क्षेत्र में भेजा जाएगा, जहां यूक्रेन ने अगस्त में एक आक्रमण शुरू किया था।

Pranjul Srivastava
प्रांजुल श्रीवास्तवauthor

<p>मैं इस वक्त टाइम्स नाउ नवभारत से जुड़ा हुआ हूं। पत्रकारिता के 8 वर्षों के तजुर्बे में मुझे और मेरी भाषाई समझ को गढ़ने और तराशने में कई वरिष्ठ पत्रकारों और संपादकों का योगदान रहा। 2016 में उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से शुरू हुआ यह सफर देश की राजधानी दिल्ली में 'टाइम्स नाउ नवभारत' तक आ पहुंचा है। अखबारों में रिपोर्टिंग करते हुए शहरों की धूल फांकना और डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को समझते हुए देश-विदेश की खबरों को आप तक पहुंचाने का मेरा ये सफर काफी किस्से-कहानियों से भरा हुआ है। लखनऊ की बाबा भीम राव अंबेडकर सेंट्रल यूनिवर्सिटी के क्लासरूम में प्रोफेसरों से मिले किताबी ज्ञान और पत्रकारीय सिद्धांतों को जमीन पर उतारने का मौका मुझे 2016 में ही मिल गया। पहला ब्रेक टाइम्स ग्रुप के प्रतिष्ठित अखबार 'नवभारत टाइम्स' ने दिया। यहां बतौर इंटर्न मुझे कई सामाजिक संगठनों की रिपोर्टिंग करने का मौका मिला। दिनभर शहर में घूम-घूम कर खबरों को बटोरना और शाम होते ही उन्हें लिखकर डेस्क के हवाले करना मेरी दिनचर्या का हिस्सा हो गया। इस अनुभव ने मुझे समाज के तौर तरीकों से परिचित कराया तो न्यूजरूम में सीनियर्स से मिली डांट ने पत्रकारिता की बारीकियों और भाषाई मर्यादा को समझने में मदद की। करीब 3 से 4 महीनों की इंटर्नशिप के बाद मुझे 2017 आते-आते गांधी परिवार के गढ़ रायबरेली भेजा गया। यह समय उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव और सत्ता के बदलाव का था। यहां बतौर रिपोर्टर मैं पहली बार राजनीतिक खबरों से रूबरू हुआ। रायबरेली के मिजाज को करीब 8 महीनों तक समझने के बाद नवभारत टाइम्स ने मुझे वापस लखनऊ बुलाया और शहर की रिपोर्टिंग करने का मौका दिया। यहां विज्ञान, पर्यावरण, बाजार, लखनऊ विकास प्राधिकरण, आवास विकास और मेट्रो जैसी बीट पर जमकर काम किया। यह सफर अब पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिले मुरादाबाद तक पहुंच गया था, जहां मुझे दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित अखबार के लिए दो वर्षों तक रिपोर्टिंग करने का अवसर मिला। करीब दो वर्षों की पत्रकारिता के बाद अब मुझे देश की राजधानी की ओर रुख करना था और यह मौका अमर उजाला (डिजिटल) ने दिया। अखबारों की रिपोर्टिंग से निकलकर डिजिटल पत्रकारिता के अनुभव से मैं पहली बार रूबरू हो रहा था। यहां पर मुझे मेन डेस्क पर जिम्मेदारी मिली। जहां सबसे आगे रहते हुए सबसे सटीक खबरें आप तक पहुंचाना चुनौती भरा काम था, लेकिन पत्रकारिता की शुरुआत में मिले अनुभवों ने मेरा काम आसान बना दिया। यहां भी करीब दो वर्षों के बाद 2023 में मुझे टाइम्स ग्रुप से दोबारा जुड़ने का मौका मिला और टाइम्स नाउ नवभारत की मेन डेस्क पर मेरा सफर अब तक जारी है।</p>

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