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यूक्रेन की घटिया हरकत: 'मां काली' की तस्वीर के साथ पहले छेड़छाड़, अब मांगी माफी

  • Authored by: प्रांजुल श्रीवास्तव
  • Updated May 2, 2023, 10:18 AM IST

Ukraine Goddess Kali: यूक्रेनी रक्षा मंत्रालय ने 30 अप्रैल को मां काली की तस्वीर के साथ छेड़छाड़ करते हुए एक ट्वीट किया था, जिस पर विवाद बढ़ गया। इसके बाद यूक्रेनी उप विदेश मंत्री ने माफी मांगी है। उन्होंने कहा, हम भारतीय संस्कृति का सम्मान करते हैं। ट्वीट को हटा लिया गया है।

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यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की

Photo : BCCL

Ukraine Goddess Kali: रूस के साथ बीते एक साल से जंग में उलझे यूक्रेन की घटिया हरकत सामने आई है। यूक्रेन के रक्षा मंत्रालय ने मां काली की तस्वीर के साथ छेड़छाड़ की है। इस तस्वीर को यूक्रीन रक्षा मंत्रालय के आधिकारिक ट्विटर हैंडल से ट्वीट किया गया। हालांकि, विवाद बढ़ने के बाद यूक्रेन ने इस तस्वीर को हटा दिया और आपत्तिजनक तस्वीर पोस्ट करने के बाद माफी भी मांगी है।

बता दें, 30 अप्रैल को ट्वीट की गई इस तस्वीर में मां काली को हॉजीवुड एक्ट्रेड मर्लिन मुनरो की तरह दिखा या गया था। तस्वीर में काली मां के चेहरे पर ब्लास्ट हुआ दिखाया गया था और उनकी जीभ बाहर निकली हुई दिखाई दे रही थी। इस तस्वीर को देखते के बाद हिंदू समुदाय की भावनाएं आहत हुईं और ट्विटर पर यूक्रेन को काफी ट्रोल किया गया।

लोगों ने विदेश मंत्री जयशंकर से की कार्रवाई की मांग

यूक्रेन की ओर से ट्वीट की गई इस तस्वीर को देखने को बाद लोग भड़क गए। लोगों का कहना है कि यूक्रेन भारत की भावनाओं के साथ इसलिए खिलवाड़ कर रहा है, क्योंकि जंग में भारत किसी पक्ष में नहीं खड़ा हुआ। इस भारतीय यूजर्स ने विदेश मंत्री एस जयशंकर और एलन मस्क से कार्रवाई की मांग की।

अब मांगी माफी

यूक्रेन मां काली की आपत्तिजनक तस्वीर पर विवाद बढ़ने के बाद यूक्रेनी रक्षा मंत्रालय ने इस तस्वीर को ट्विटर से हटा दिया है। साथ ही यूक्रेन के विदेश मामलों की उप मंत्री एमिन झापरोवा ने खेद भी जताया है। उन्होंने ट्वीट कर लिखा, हम यूक्रेन के रक्षा मंत्रालय के ट्विटर पर हिंदू देवी काली की आपत्तिजनक तस्वीर पर खेद व्यक्त करते हैं। उन्होंने कहा, यूक्रेन और उसके लोग भारतीय संस्कृति का सम्मान करते हैं और भारत सरकार के समर्थन की सहराना भी करते हैं। उन्होंने कहा, तस्वीर को पहले ही हटा दिया गया है।
प्रांजुल श्रीवास्तव
प्रांजुल श्रीवास्तवauthor

<p>मैं इस वक्त टाइम्स नाउ नवभारत से जुड़ा हुआ हूं। पत्रकारिता के 8 वर्षों के तजुर्बे में मुझे और मेरी भाषाई समझ को गढ़ने और तराशने में कई वरिष्ठ पत्रकारों और संपादकों का योगदान रहा। 2016 में उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से शुरू हुआ यह सफर देश की राजधानी दिल्ली में 'टाइम्स नाउ नवभारत' तक आ पहुंचा है। अखबारों में रिपोर्टिंग करते हुए शहरों की धूल फांकना और डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को समझते हुए देश-विदेश की खबरों को आप तक पहुंचाने का मेरा ये सफर काफी किस्से-कहानियों से भरा हुआ है। लखनऊ की बाबा भीम राव अंबेडकर सेंट्रल यूनिवर्सिटी के क्लासरूम में प्रोफेसरों से मिले किताबी ज्ञान और पत्रकारीय सिद्धांतों को जमीन पर उतारने का मौका मुझे 2016 में ही मिल गया। पहला ब्रेक टाइम्स ग्रुप के प्रतिष्ठित अखबार 'नवभारत टाइम्स' ने दिया। यहां बतौर इंटर्न मुझे कई सामाजिक संगठनों की रिपोर्टिंग करने का मौका मिला। दिनभर शहर में घूम-घूम कर खबरों को बटोरना और शाम होते ही उन्हें लिखकर डेस्क के हवाले करना मेरी दिनचर्या का हिस्सा हो गया। इस अनुभव ने मुझे समाज के तौर तरीकों से परिचित कराया तो न्यूजरूम में सीनियर्स से मिली डांट ने पत्रकारिता की बारीकियों और भाषाई मर्यादा को समझने में मदद की। करीब 3 से 4 महीनों की इंटर्नशिप के बाद मुझे 2017 आते-आते गांधी परिवार के गढ़ रायबरेली भेजा गया। यह समय उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव और सत्ता के बदलाव का था। यहां बतौर रिपोर्टर मैं पहली बार राजनीतिक खबरों से रूबरू हुआ। रायबरेली के मिजाज को करीब 8 महीनों तक समझने के बाद नवभारत टाइम्स ने मुझे वापस लखनऊ बुलाया और शहर की रिपोर्टिंग करने का मौका दिया। यहां विज्ञान, पर्यावरण, बाजार, लखनऊ विकास प्राधिकरण, आवास विकास और मेट्रो जैसी बीट पर जमकर काम किया। यह सफर अब पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिले मुरादाबाद तक पहुंच गया था, जहां मुझे दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित अखबार के लिए दो वर्षों तक रिपोर्टिंग करने का अवसर मिला। करीब दो वर्षों की पत्रकारिता के बाद अब मुझे देश की राजधानी की ओर रुख करना था और यह मौका अमर उजाला (डिजिटल) ने दिया। अखबारों की रिपोर्टिंग से निकलकर डिजिटल पत्रकारिता के अनुभव से मैं पहली बार रूबरू हो रहा था। यहां पर मुझे मेन डेस्क पर जिम्मेदारी मिली। जहां सबसे आगे रहते हुए सबसे सटीक खबरें आप तक पहुंचाना चुनौती भरा काम था, लेकिन पत्रकारिता की शुरुआत में मिले अनुभवों ने मेरा काम आसान बना दिया। यहां भी करीब दो वर्षों के बाद 2023 में मुझे टाइम्स ग्रुप से दोबारा जुड़ने का मौका मिला और टाइम्स नाउ नवभारत की मेन डेस्क पर मेरा सफर अब तक जारी है।</p>

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