दुनिया

ट्रंप का ड्रीम प्रोजेक्ट या बजट बम? ‘गोल्डन डोम’ योजना पर आएगा 1.2 ट्रिलियन डॉलर का खर्च, CBO रिपोर्ट ने बढ़ाई हलचल

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ‘गोल्डन डोम’ मिसाइल रक्षा योजना पर अगले 20 सालों में करीब 1.2 ट्रिलियन डॉलर खर्च होने का अनुमान है। अमेरिकी संसद के बजट कार्यालय (CBO) की नई रिपोर्ट में यह दावा किया गया है। यह लागत ट्रंप के शुरुआती 175 अरब डॉलर के अनुमान से करीब छह गुना ज्यादा बताई गई है।

Image

Donald Trump Golden Dome

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की अंतरिक्ष में हथियार तैनात करने की महत्वाकांक्षी योजना पर अगले 20 सालों में करीब 1.2 हजार अरब अमेरिकी डॉलर खर्च होने का अनुमान है। इस योजना को "गोल्डन डोम फॉर अमेरिका" मिसाइल रक्षा कार्यक्रम के रूप में पेश किया गया है। अमेरिकी संसद के बजट कार्यालय (CBO) की नई रिपोर्ट के अनुसार, यह राशि ट्रंप द्वारा पिछले वर्ष बताए गए 175 अरब डॉलर के शुरुआती अनुमान से छह गुना अधिक है।

CBO रिपोर्ट में क्या कहा गया

मंगलवार को जारी सीबीओ रिपोर्ट में कहा गया है कि यह किसी विशेष सरकारी प्रस्ताव का अंतिम अनुमान नहीं, बल्कि "एक संभावित मॉडल" पर आधारित विश्लेषण है। ट्रंप ने राष्ट्रपति पद संभालने के पहले ही सप्ताह में एक शासकीय आदेश जारी कर इस भविष्यवादी रक्षा प्रणाली को मंजूरी दी थी। उस समय उन्होंने कहा था कि वह चाहते हैं कि यह प्रणाली उनके कार्यकाल की समाप्ति, यानी जनवरी 2029 से पहले पूरी तरह चालू हो जाए।

ट्रंप ने कार्यकाल की शुरुआत में दी मंजूरी

सीबीओ की रिपोर्ट के अनुसार, रक्षा विभाग ने अभी तक यह स्पष्ट नहीं किया है कि इस परियोजना के तहत कितनी और किस प्रकार की प्रणालियां तैनात की जाएंगी। इसी वजह से "गोल्डन डोम" की दीर्घकालिक लागत का सटीक अनुमान लगाना मुश्किल है। इस मिसाइल रक्षा प्रणाली की अवधारणा कुछ हद तक इजराइल की बहु-स्तरीय रक्षा प्रणाली "आयरन डोम" से प्रेरित मानी जा रही है। आयरन डोम ने ईरान और उससे जुड़े चरमपंथी संगठनों की ओर से किए गए रॉकेट और मिसाइल हमलों को रोकने में अहम भूमिका निभाई थी। अमेरिकी संसद पहले ही इस मिसाइल रक्षा पहल के लिए लगभग 24 अरब डॉलर की मंजूरी दे चुकी है।

(इनपुट - भाषा)

Pooja Kumari
पूजा कुमारी author

पूजा टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल की सिटी डेस्क पर कार्यरत हैं। जर्नलिज़्म में पीजी डिप्लोमा कर चुकी पूजा को टीवी मीडिया में भी काम करने का अनुभव है। शहरी... और देखें

End of Article