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'मुझे पाकिस्तान पर बिल्कुल भरोसा नहीं…', अमेरिकी सीनेटर ने ईरान शांति वार्ता में पाकिस्तान की भूमिका पर उठाए गंभीर सवाल

Iran Peace Talks: अमेरिकी सीनेटर लिंडसे ग्राहम ने पाकिस्तान की विश्वसनीयता पर सवाल उठाते हुए कहा कि उन्हें पाकिस्तान पर बिल्कुल भरोसा नहीं है। उन्होंने ईरान शांति वार्ता में पाकिस्तान की मध्यस्थता की कोशिशों को भी जोखिम भरा बताया।

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पाकिस्तान के ‘दोहरे रवैये’ पर ग्राहम का हमला

Photo : AP

Iran Peace Talks: पश्चिम एशिया में तनाव के बीच वाशिंगटन में अमेरिकी रिपब्लिकन सीनेटर लिंडसे ग्राहम (Lindsey Graham) ने पाकिस्तान को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने पाकिस्तान की विदेश नीति और उसकी विश्वसनीयता पर सवाल उठाते हुए कहा कि उन्हें पाकिस्तान पर बिल्कुल भरोसा नहीं है। खासतौर पर ईरान के साथ शांति वार्ता में मध्यस्थ बनने की पाकिस्तान की कोशिशों को उन्होंने गंभीरता से लेने से इनकार कर दिया। लिंडसे ग्राहम ने कहा कि पाकिस्तान का रिकॉर्ड हमेशा विवादों में रहा है। उनके मुताबिक पाकिस्तान कई बार अलग-अलग देशों के साथ अलग-अलग तरह की राजनीति करता रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि आतंकवाद और क्षेत्रीय सुरक्षा जैसे मामलों में पाकिस्तान का रवैया साफ नहीं रहा है।

पाकिस्तान ने ईरान से जुड़े मामलों में मध्यस्थता की जताई थी इच्छा

इसी वजह से अमेरिका के कई नेता पाकिस्तान की नीतियों पर भरोसा नहीं करते। सीनेटर ग्राहम का यह बयान ऐसे समय आया है जब पाकिस्तान खुद को मध्य पूर्व और एशिया में शांति स्थापित करने वाले देश के रूप में दिखाने की कोशिश कर रहा है। हाल के दिनों में पाकिस्तान ने ईरान से जुड़े मामलों में मध्यस्थता की इच्छा जताई थी। लेकिन ग्राहम ने कहा कि ईरान जैसे संवेदनशील मुद्दे पर पाकिस्तान को शामिल करना अमेरिका के लिए रणनीतिक जोखिम बन सकता है। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान पर भरोसा करना आसान नहीं है, क्योंकि उसका इतिहास 'दोहरा रवैया' अपनाने का रहा है।

पाकिस्तान के लिए एक बड़ा राजनयिक झटका

ग्राहम के अनुसार पाकिस्तान एक तरफ आतंकवाद के खिलाफ कार्रवाई की बात करता है, जबकि दूसरी तरफ कई बार उसके कदमों पर सवाल उठते रहे हैं। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यह बयान पाकिस्तान के लिए एक बड़ा राजनयिक झटका हो सकता है। पाकिस्तान लंबे समय से दुनिया के सामने खुद को जिम्मेदार और स्थिर देश के रूप में पेश करने की कोशिश कर रहा है।

लेकिन अमेरिकी नेताओं के ऐसे बयान उसकी छवि को नुकसान पहुंचा सकते हैं। विशेषज्ञों का यह भी कहना है कि अमेरिकी कांग्रेस में पाकिस्तान को लेकर पहले से ही अविश्वास का माहौल है। ऐसे में भविष्य में अमेरिका की सैन्य सहायता और कूटनीतिक संबंधों पर असर पड़ सकता है। हालांकि, पाकिस्तान सरकार की ओर से अभी तक इस बयान पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। लेकिन अंतरराष्ट्रीय राजनीति में इस बयान को काफी अहम माना जा रहा है।

monu jha
मोनू झा author

मोनू कुमार टाइम्स नाउ नवभारत की डिजिटल टीम में वायरल और ट्रेंडिंग डेस्क पर काम कर रहे हैं। न्यूजरूम में 4 साल से अधिक का अनुभव रखने वाले मोनू वायरल कं... और देखें

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