क्या आप कभी सोच सकते हैं कि किसी देश में सरकार की अनुमति से कोकीन जैसी नशीली ड्रग्स बिक सकती है। जी हां, कनाडा में सरकार ने इन दोनों ड्रग्स को बेचने की अनुमति दे दी है, लेकिन शर्त ये है कि इलाज के रूप में इसका इस्तेमाल करना होगा।
इस शर्त पर दी बेचने की अनुमति
कनाडा के ड्रग्स लेने वालों के लिए सुरक्षा हालात में सुधार के मद्देनजर हेल्थ कनाडा ने देश में कोकीन बनाने और बेचने की अनुमति दी है। कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो ने शुक्रवार को बताया कि देश जल्द ही फार्मेसियों या अस्पतालों को कोकीन बेचने के लाइसेंस देगा जिससे आम जनता को ये दवा के रूप में इस्तेमाल करने के लिए मिल सके।
यह घोषणा ब्रिटिश कोलंबिया द्वारा ओपिओइड ओवरडोज संकट से निपटने के लिए प्रयोग के तौर पर आरोपियों के गैर-अपराधीकरण की प्रक्रिया शुरू करने के एक महीने बाद आई है। एक कनाडाई बायोसाइंसेस फर्म सनशाइन अर्थ लेबोरेटरीज ने 2 मार्च को घोषणा की थी कि उन्हें कोकीन बनाने और बेचने का लाइसेंस मिल गया है। एक महीने पहले ब्रिटिश कोलंबिया स्थित एडस्ट्रा लैब्स को इसी तरह का लाइसेंस मिला था।
पिछले तीन साल से चल रहा पायलट प्रोजेक्ट
तीन साल के एक पायलट प्रोजेक्ट में इस प्रांत ने कोकीन और अन्य नशीले पदार्थों की थोड़ी मात्रा रखने को अपराध की श्रेणी से बाहर कर दिया, लेकिन उनकी बिक्री को नहीं। लक्ष्य नशीली दवाओं के उपयोग को खत्म करना था जिसमें लोग मदद मांगने से हिचकते हैं। कार्यकर्ताओं ने नशे करने वालों के लिए सुरक्षित दवा आपूर्ति की उपलब्धता पर भी जोर दिया है, जो अवैध नशीले पदार्थों से जुड़े लोगों से ड्रग्स खरीदकर मरने का जोखिम उठाते हैं।
ट्रूडो ने शुक्रवार को साफ किया कि कंपनियों को इसे व्यावसायिक रूप से बेचने या इसे खुले बाजार में उपलब्ध कराने की अनुमति नहीं होगी। इस गलतफहमी को दूर कर लिया जाएगा। कुछ दवा कंपनियों के लिए अनुसंधान उद्देश्यों के लिए और बहुत कुछ निर्धारित मेडिकल उद्देश्यों के लिए ड्रग्स का उपयोग करने के लिए सीमित और बहुत ही प्रतिबंधित अनुमति होगी।
ओरेगन के बाद ब्रिटिश कोलंबिया दूसरा राज्य
नवंबर 2020 में अमेरिकी राज्य ओरेगन के ऐसा करने के बाद भारी नशीले पदार्थों का सेवन कम करने के लिए उत्तरी अमेरिका में ब्रिटिश कोलंबिया दूसरी जगह है जहां इसे आजमाया जा रहा है। 2016 में यहां स्वास्थ्य आपातकाल घोषित किया था, क्योंकि यहां ओवरडोज के कारण 10,000 से अधिक लोगों की मौत हुई थी। 50 लाख की आबादी में से हर दिन लगभग छह व्यक्तियों की ड्रग्स से मरने के बराबर है। यह महामारी की शुरुआत में कोविड -19 की मौत की संख्या को भी पार कर गया था। देश में इससे मरने वालों की संख्या 30,000 के पार पहुंच गई है।
