Jafar Express Hijack : बलूचिस्तान में जाफर एक्सप्रेस के हाईजैक मामले में पाकिस्तानी सेना और बलूच लिबरेशन आर्मी के अलग-अलग दावे सामने आए हैं। इस बीच, क्वेटा रेलवे स्टेशन से 200 ताबूत भेजने की बात सामने आई है। यह बलूचिस्तान में बिगड़े और नाजुक हालात की ओर इशारा करता है। इतनी बड़ी संख्या में ताबूत यही इशारा करता है कि संघर्ष में बड़ी संख्या में लोगों की जान गई है। मानवाधिकार कार्यकर्ता अमजद अयूब मिर्जा के मुताबिक ऐसा लगता है कि पाकिस्तानी सेना ने बंधकों को छुड़ाने के लिए बातचीत नहीं करने का फैसला किया है। इससे उन्होंने सैन्यकर्मियों की जान जोखिम में डाल दी है।
क्वेटा रेलवे स्टेशन पर 200 से ज्यादा ताबूत
मिर्जा ने एक बयान में कहा, 'क्वेटा रेलवे स्टेशन पर 200 से ज्यादा ताबूत लाए गए। इसका मतलब यह हुआ कि पाकिस्तानी सेना बातचीत करने नहीं जा रही, वह चाहती है कि उसके सैन्य कर्मियों को मार दिया जाए।' सामाजिक कार्यकर्ता ने कहा कि 30 से 40 सैन्यकर्मियों के शव पहले ही क्वेटा लाए जा चुके हैं और आस-पास के अस्पतालों में आपात स्थिति घोषित की गई है।
करीब 200 लोगों को बंधक-बीएलए
बता दें कि उग्रवादी संगठन बलूच लिबरेशन आर्मी (बीएलए) ने मंगलवार को क्वेटा से पेशावर जा रही जाफर एक्सप्रेस को हाईजैक कर लिया। बीएलए ने महिलाओं, बच्चों, बुजुर्गों एवं बलोच लोगों को जाने दिया लेकिन करीब 200 लोगों को बंधक बना लिया। इनमें से ज्यादातर पाकिस्तानी सेना और सुरक्षा से जुड़े सैन्यकर्मी हैं। बीएलए इन बंधकों को छोड़ने के लिए अपनी मांग रखी है। उग्रवादी संगठन ने ऐसे बलोच लोग पाकिस्तान की कैद में हैं, उन्हें छोड़ने के लिए 24 घंटे का अल्टीमेटम दिया है। बीएलए ने कहा कि यदि उनकी मांग नहीं मानी गई तो बलोच नेशनल कोर्ट में इन बंधकों पर सुनवाई होगी और उन्हें सजा दी जाएगी। बीएलए का कहना है कि बंधक बनाए गए सैन्यकर्मी बलोच लोगों के लापता होने, हिरासत में उनकी हत्या और बलूचिस्तान के संसाधनों का दोहन करने के जिम्मेदार हैं।
बीएलए ने पाकिस्तानी सेना को घंटे का समय दिया
बंधकों पर अपनी मांग मांगने के लिए बीएलए ने पाकिस्तान सेना को पहले 48 घंटे का समय दिया था लेकिन इस समय सीमा को उसने घटाकर 24 घंटे कर दिया है। जैसे-जैसे समय बीतता जा रहा है, यह संकट बड़ा होता जा रहा है। बीएलए ने कहा है कि वह हर घटे पांच बंधकों को मौत के घाट उतारना शुरू कर देगा। इस बीच, पाकिस्तानी सेना ने दावा किया है कि उसने हाईजैक की गई ट्रेन को उग्रवादियों के चंगुल से छुड़ा लिया और दिन भर चले बचाव अभियान में सभी हमलावर मारे गए हालांकि बंधक बनाए गए कुछ लोगों की मौत हुई है। सुरक्षा अधिकारियों ने बताया कि 300 से अधिक बंधकों को बचा लिया गया है। उन्होंने मारे गए बंधकों के बारे में कोई विवरण नहीं दिया।
