दुनिया

Syrian Civil War: सीरिया में एक के बाद एक 4 शहर विद्रोहियों के कब्जे में, मुश्किल में असद सरकार

Syrian Civil War: सीरिया में सिविल वॉर जारी है। विद्रोही गुट एक के बाद एक शहरों पर कब्जा जमाते हुए असद सरकार के खिलाफ अभियान को मजबूत करते दिख रहे हैं। वहीं असद सरकार अब अपने सहयोगी देशों से मदद मांगती दिख रही है।

Image

सीरिया में विद्रोहियों का गुट

Photo : AP
KEY HIGHLIGHTS
  • सीरिया में विद्रोहियों को बढ़त
  • सिविल वॉर के बीच लाखों लोग बेघर
  • विद्रोहियों के कब्जे में चार शहर

Syrian Civil War: सीरिया में नए विद्रोही गुट ने ऐसा कदर काटा है कि असद सरकार संकट में आती दिख रही है। जिन विद्रोहियों पर कुछ साल पहले राष्ट्रपति बशर अल-असद ने विजय हासिल की थी, वो अब एक बार फिर से संगठित होकर जंग लड़ने के लिए मैदान में उतर पड़े हैं। इतना ही नहीं ये विद्रोही तेजी से एक के बाद एक शहरों पर कब्जा भी करते जा रहे हैं। होम्स पर भी लगभग कब्जा जमा लिया है।

चार महत्वपूर्ण शहरों पर विद्रोहियों का कब्जा

जिहादी हयात तहरीर अल-शाम समूह (एचटीएस) के नेतृत्व में विद्रोहियों ने होम्स और राजधानी दमिश्क तक मार्च करने की प्रतिबद्धता जताई है।विपक्षी विद्रोहियों ने शनिवार को दक्षिणी शहर दारा पर कब्ज़ा कर लिया, जो पिछले कुछ दिनों में आतंकवादी विद्रोहियों के हाथों में पड़ने वाला चौथा शहर है। मध्य पूर्वी देश में चल रहे संघर्ष में नाटकीय वृद्धि से बशर अल-असद के लिए खतरा बढ़ गया है। दारा का पतन महत्वपूर्ण है क्योंकि यह असद के खिलाफ 2011 के विद्रोह का जन्मस्थान है और जॉर्डन की सीमा से लगे लगभग 1 मिलियन लोगों के प्रांत की राजधानी है। ब्रिटेन की ‘सीरियन ऑब्जर्वेटरी फॉर ह्यूमन राइट्स’ के अनुसार, विद्रोही लड़ाकों ने शुक्रवार को रस्तान और तलबीसेह कस्बों पर कब्जा कर लिया, जो होम्स से पांच किलोमीटर दूर स्थित हैं।

असद ने मांगी मदद

रिपोर्टों में दावा किया गया है कि असद शासन ने संयुक्त अरब अमीरात, मिस्र, जॉर्डन और इराक समेत देशों से हथियार और खुफिया मदद मांगी है। इस्लामी आतंकवादी समूह हयात तहरीर अल-शाम (एचटीएस) के नेतृत्व में सीरियाई विद्रोहियों ने 27 नवंबर को एक आश्चर्यजनक आक्रमण शुरू किया, जो उत्तर-पश्चिम में अपने गढ़ से तेजी से आगे बढ़ते हुए अलेप्पो के प्रमुख शहरों हामा और डेर एज़ोर सहित उत्तरी और मध्य सीरिया के बड़े क्षेत्रों पर कब्जा कर लिया। आतंकवादी सीरिया के तीसरे सबसे बड़े शहर होम्स के करीब पहुंच रहे हैं, जो राष्ट्रपति बशर अल-असद के खिलाफ उनके अभियान में एक महत्वपूर्ण लक्ष्य बन सकता है। ऑब्जर्वेटरी के प्रमुख रामी अब्दुर्रहमान ने कहा, ‘‘होम्स की लड़ाई सभी संघर्षो। की जड़ है और यह तय करेगी कि सीरिया पर कौन शासन करेगा।’’

जॉर्डन ने बॉर्डर किया बंद

जॉर्डन के गृह मंत्री माजेन फराया ने दक्षिणी सीरिया में बिगड़ते हालात को देखते हुए जाबेर बॉर्डर को बंद करने की घोषणा की है।2011 में सीरियाई गृहयुद्ध की शुरुआत के बाद से क्रॉसिंग को कई बार बंद किया गया है। अप्रैल 2015 में इसे तीन साल के लिए बंद किया गया था। हालांकि, अक्टूबर 2018 में इसे फिर से खोला गया था। जॉर्डन और सीरिया दो मुख्य बॉर्डर क्रॉसिंग साझा करते हैं। अल-गोमरुक अल-कादिम क्रॉसिंग, जिसे जॉर्डन की तरफ रामथा के नाम से जाना जाता है, सीरियाई संघर्ष के कारण वर्षों से बंद है। दूसरी ओर, नासिब क्रॉसिंग जो दोनों देशों की सीमा को जोड़ती है कई विपरीत स्थितियों में काम करती रही है।

भारत ने जारी किया यात्रा परामर्श

सीरिया में जारी हिंसा के मद्देनजर भारत ने अपने नागरिकों को वहां की यात्रा से बचने की सलाह दी है और सीरियां में रह रहे नागरिकों से ‘‘अत्यंत सावधानी’’ बरतने तथा आवाजाही समिति करने का आग्रह किया। विदेश मंत्रालय ने एक परामर्श में हिंसा प्रभावित देश में रह रहे भारतीयों से कहा कि यदि संभव हो तो वे यथाशीघ्र उपलब्ध वाणिज्यिक उड़ानों से वहां से चले जाएं।

Shishupal Kumar
शिशुपाल कुमारauthor

शिशुपाल कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के न्यूज डेस्क में कार्यरत एक अनुभवी पत्रकार हैं, जिन्हें 13 वर्षों का अनुभव हासिल है। राजनीतिक, अंतरराष्ट्रीय और क्राइम रिपोर्टिंग में गहरी रुचि और मजबूत पकड़ के साथ वे समाचारों की बारीकियों को समझने और उन्हें प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करने के लिए जाने जाते हैं। शिशुपाल ने अपने करियर की शुरुआत एक इन्वेस्टिगेटिव जर्नलिस्ट के रूप में की, जहां उन्होंने प्रोडक्शन से लेकर ग्राउंड रिपोर्टिंग तक पत्रकारिता के कई महत्वपूर्ण पहलुओं में काम किया। फील्ड रिपोर्टिंग और डेस्क दोनों स्तरों पर उनकी दक्षता है। अब तक शिशुपाल कुमार 15,000 से अधिक खबरें प्रकाशित कर चुके हैं। वह ब्रेकिंग न्यूज, रियल-टाइम कवरेज, डेटा-आधारित विश्लेषण और एक्सप्लेनर लिखने में खास महारत रखते हैं। उनकी स्टोरीज तथ्यों की सटीकता और सहज भाषा की वजह से पाठकों पर मजबूत प्रभाव छोड़ती हैं।

और पढ़ें
End of Article