Sri Lanka on ISIS: श्रीलंकाई सुरक्षा बलों को संदेह है कि 46 वर्षीय एक व्यक्ति उन चार श्रीलंकाई नागरिकों के हैंडलर के रूप में काम करता है, जिन्हें पिछले सप्ताह भारत के अहमदाबाद हवाई अड्डे पर प्रतिबंधित इस्लामिक स्टेट (आईएसआईएस) संगठन के साथ संदिग्ध संबंध के आरोप में गिरफ्तार किया गया था।
हुलिया और पहचान बदलता रहता था संदिग्ध
‘न्यूजफर्स्ट’ समाचार पोर्टल की खबर में बताया गया कि श्रीलंका पुलिस ने खुलासा किया कि वांछित संदिग्ध ओसमंड गेरार्ड अक्सर अपना हुलिया और पहचान बदलता रहता था। श्रीलंका पुलिस ने हाल ही में वांछित संदिग्ध के ठिकाने के बारे में विश्वसनीय जानकारी देने के लिए 20 लाख रुपये के इनाम की घोषणा की थी। गुजरात आतंकवाद निरोधी दस्ते (एटीएस) ने 19 मई को अहमदाबाद के सरदार वल्लभभाई पटेल हवाई अड्डे पर आईएसआईएस से जुड़े चार श्रीलंकाई लोगों को गिरफ्तार किया था। चारों लोगों ने 19 मई को कोलंबो से चेन्नई के लिए इंडिगो की उड़ान ली थी।
सुराग देने वाले के लिए इनाम का किया ऐलान
श्रीलंका पुलिस ने सोमवार को चार संदिग्ध आईएस आतंकवादियों को भारत भेजने वाले कथित समन्वयक के बारे में जानकारी देने वाले को 20 लाख रुपये का नकद इनाम देने की घोषणा की। उस्मान पुष्पाराजा जेरार्ड नाम के 46 वर्षीय हैंडलर पर द्वीप राष्ट्र के सभी मूल निवासियों, चार आतंकवादी संदिग्धों के साथ तालमेल करने का आरोप है। पुलिस ने संदिग्ध की कई तस्वीरें जारी करते हुए कहा, 'मास्टरमाइंड ने पहले ही अपना रूप बदल लिया होगा।'
चार लंकाई संदिग्ध आतंकवादिोयों की जांच
श्रीलंका पुलिस प्रमुख ने यह भी घोषणा की कि दो विशेष जांच इकाइयों वाली एक संयुक्त टीम 2019 ईस्टर रविवार आत्मघाती बम विस्फोटों में इन आतंकवादी संदिग्धों की संभावित संलिप्तता की जांच का नेतृत्व करेगी। पुलिस महानिरीक्षक (आईजीपी) देशबंधु टेनाकोन ने कहा कि आपराधिक जांच विभाग (सीआईडी) और आतंकवादी जांच प्रभाग (टीआईडी) 19 मई को अहमदाबाद हवाईअड्डे पर गुजरात एटीएस द्वारा गिरफ्तार किए गए चार लंकाई आतंकवादी संदिग्धों की जांच के लिए एक विशेष समिति का हिस्सा होंगे।
'अपने कानून के अनुसार उनसे निपटेगा भारत'
श्रीलंका के न्याय मंत्री विजयदास राजपक्षे ने सोमवार को मीडिया से कहा, 'भारत उनके साथ अपने कानून के अनुसार निपटेगा। श्रीलंका इस बात की जांच करेगा कि क्या वे श्रीलंका में रहते हुए किसी आतंकवादी कृत्य में भागीदार रहे हैं या किसी समूह को बढ़ावा दिया है। हमारे कानून के अनुसार उनसे निपटा जाएगा।' अब तक हुई जांच के मुताबिक, चार संदिग्धों में से एक मोहम्मद नुसरत (35) दुबई, मलेशिया और सिंगापुर से फोन और बिजली के उपकरण आयात करने और कोलंबो में बेचने के कारोबार में शामिल था।
कोलंबो में रहते समय उसका आपराधिक रिकॉर्ड था और उसे सितंबर 2020 में हेरोइन तस्करी के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। एक अन्य संदिग्ध, मोहम्मद नफ़रान (27) एक दोषी ड्रग माफिया मोहम्मद नौफर का बेटा है, जिसे एक उच्च न्यायालय के न्यायाधीश की हत्या के लिए भी दोषी ठहराया गया था।
(इनपुट- एजेंसी)
