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Russia Ukraine War: रूस ने यूक्रेन पर की Air Strike, चार बच्चों समेत 25 की मौत; दो महीने में सबसे बड़ा हमला

  • Authored by: प्रांजुल श्रीवास्तव
  • Updated Apr 29, 2023, 10:55 AM IST

Russia Ukraine War: रूस ने कीव के एक आवासीय अपार्टमेंट पर मिसाइल हमला किया। बताया जा रहा है कि जिस जगह हमला हुआ, वहां करीब 109 लोग रहते थे। मिसाइल हमले में अपार्टमेंट के 27 फ्लैट पूरी तरह से बर्बाद हो गए।

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रूस-यूक्रेन युद्ध

Photo : AP

Russia Air strikes in Ukraine: रूस-यूक्रेन के बीच जंग छिड़े एक साल से भी ज्यादा समय बीत चुका है। दोनों शहरों में भारी तबाही हुई है और दोनों ओर जान-माल का नुकसान उठाना पड़ा है। इसके बावजूद न ही यूक्रेन झुकने को तैयार है और न ही रूस रुकने को। ऐसे में दोनों देशों के बीच जारी इस संघर्ष के खत्म होने के कोई आसार नहीं दिखाई दे रहे हैं। इस बीच रूस ने यूक्रेन की राजधानी कीव पर फिर से हमला बोला है।

जानकारी के मुताबिक, रूस की ओर से हवाई हमला शुक्रवार को किया गया, जब लोग सो रहे थे। इस हमले में करीब 25 लोग मारे गए हैं, बताया जा रहा है कि इसमें चार बच्चे भी शामिल हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार रूस की ओर से करीब दो महीने बाद यूक्रेन पर यह सबसे बड़ा हमला है। यह हमला ऐसे समय पर किया गया है, जब यूक्रेन की ओर से खबरें आई हैं कि वह अपने इलाकों को रूस के कब्जे से वापस लेने के लिए बड़े हमले की तैयारी कर रहा है।

अपार्टमेंट को बनाया गया निशाना

यूक्रेन की ओर से सामने आईंं खबरों के मुताबिक, रूसी मिसाइल ने उमाल कस्बे के एक आवासीय अपार्टमेंट को निशाना बनाया, जिसके बाद देखते ही देखते पूरी इमारत मलबे में तब्दील हो गई और यहां आग लग गई। अधिकारियों का कहना है कि चार बच्चों समेत 23 लोग मारे गए हैं। उन्होंने बताया, जिस जगह पर हमला किया गया, वहां करीब 109 लोग रहते थे। हमले में 27 फ्लैट पूरी तरह तबाह हो गए।

देनिप्रो में दो की मौतवहीं, रूसी मिसाइल हमले में दक्षिण-पूर्वी शहर देनिप्रो में एक बच्चे समेत 31 साल की महिला की मौत हो गई। हालांकि, मास्को की ओर से कहा गया है कि उसने यूक्रेनी सैनिकों के आरक्षित स्थानों को टारगेट किया था, जिससे कि मोर्चे पर पहुंचने से उन्हें रोका जा सके। बता दें, जंग की शुरुआत में भी रूस ने कीव जैसे बड़े यूक्रेनी शहरों को निशाना बनाया था।

प्रांजुल श्रीवास्तव
प्रांजुल श्रीवास्तवauthor

<p>मैं इस वक्त टाइम्स नाउ नवभारत से जुड़ा हुआ हूं। पत्रकारिता के 8 वर्षों के तजुर्बे में मुझे और मेरी भाषाई समझ को गढ़ने और तराशने में कई वरिष्ठ पत्रकारों और संपादकों का योगदान रहा। 2016 में उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से शुरू हुआ यह सफर देश की राजधानी दिल्ली में 'टाइम्स नाउ नवभारत' तक आ पहुंचा है। अखबारों में रिपोर्टिंग करते हुए शहरों की धूल फांकना और डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को समझते हुए देश-विदेश की खबरों को आप तक पहुंचाने का मेरा ये सफर काफी किस्से-कहानियों से भरा हुआ है। लखनऊ की बाबा भीम राव अंबेडकर सेंट्रल यूनिवर्सिटी के क्लासरूम में प्रोफेसरों से मिले किताबी ज्ञान और पत्रकारीय सिद्धांतों को जमीन पर उतारने का मौका मुझे 2016 में ही मिल गया। पहला ब्रेक टाइम्स ग्रुप के प्रतिष्ठित अखबार 'नवभारत टाइम्स' ने दिया। यहां बतौर इंटर्न मुझे कई सामाजिक संगठनों की रिपोर्टिंग करने का मौका मिला। दिनभर शहर में घूम-घूम कर खबरों को बटोरना और शाम होते ही उन्हें लिखकर डेस्क के हवाले करना मेरी दिनचर्या का हिस्सा हो गया। इस अनुभव ने मुझे समाज के तौर तरीकों से परिचित कराया तो न्यूजरूम में सीनियर्स से मिली डांट ने पत्रकारिता की बारीकियों और भाषाई मर्यादा को समझने में मदद की। करीब 3 से 4 महीनों की इंटर्नशिप के बाद मुझे 2017 आते-आते गांधी परिवार के गढ़ रायबरेली भेजा गया। यह समय उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव और सत्ता के बदलाव का था। यहां बतौर रिपोर्टर मैं पहली बार राजनीतिक खबरों से रूबरू हुआ। रायबरेली के मिजाज को करीब 8 महीनों तक समझने के बाद नवभारत टाइम्स ने मुझे वापस लखनऊ बुलाया और शहर की रिपोर्टिंग करने का मौका दिया। यहां विज्ञान, पर्यावरण, बाजार, लखनऊ विकास प्राधिकरण, आवास विकास और मेट्रो जैसी बीट पर जमकर काम किया। यह सफर अब पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिले मुरादाबाद तक पहुंच गया था, जहां मुझे दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित अखबार के लिए दो वर्षों तक रिपोर्टिंग करने का अवसर मिला। करीब दो वर्षों की पत्रकारिता के बाद अब मुझे देश की राजधानी की ओर रुख करना था और यह मौका अमर उजाला (डिजिटल) ने दिया। अखबारों की रिपोर्टिंग से निकलकर डिजिटल पत्रकारिता के अनुभव से मैं पहली बार रूबरू हो रहा था। यहां पर मुझे मेन डेस्क पर जिम्मेदारी मिली। जहां सबसे आगे रहते हुए सबसे सटीक खबरें आप तक पहुंचाना चुनौती भरा काम था, लेकिन पत्रकारिता की शुरुआत में मिले अनुभवों ने मेरा काम आसान बना दिया। यहां भी करीब दो वर्षों के बाद 2023 में मुझे टाइम्स ग्रुप से दोबारा जुड़ने का मौका मिला और टाइम्स नाउ नवभारत की मेन डेस्क पर मेरा सफर अब तक जारी है।</p>

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