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बिश्केक में SCO बैठक के दौरान राजनाथ सिंह की चीन और रूस के रक्षा मंत्रियों से अहम वार्ता, LAC और वैश्विक सुरक्षा पर चर्चा

किर्गिस्तान की राजधानी बिश्केक में शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) की रक्षा मंत्रियों की बैठक के दौरान भारत के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कई देशों के समकक्षों के साथ महत्वपूर्ण द्विपक्षीय वार्ताएं कीं। इस दौरान उन्होंने चीन और रूस सहित प्रमुख देशों के रक्षा मंत्रियों से मुलाकात कर क्षेत्रीय सुरक्षा और सहयोग पर चर्चा की।

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राजनाथ सिंह और एडमिरल डोंग जून की मुलाकात (फोटो: ट्वीटर- राजनाथ सिंह)

Photo : Twitter

Rajnath Singh Bishkek Visit: रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने मंगलवार को बिश्केक में अपने चीनी समकक्ष एडमिरल डोंग जून से मुलाकात की और वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर शांति और स्थिरता बनाए रखने तथा व्यापक क्षेत्रीय सुरक्षा चिंताओं के संबंध में चर्चा की। शंघाई सहयोग संगठन (SCO) के रक्षा मंत्रियों के सम्मेलन के इतर यह बैठक ऐसे समय में हुई है, जब भारत और चीन अपने तनावपूर्ण संबंधों को सुधारने की दिशा में प्रयासरत हैं। राजनाथ सिंह ने सोशल मीडिया पर कहा, "बिश्केक में शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) के रक्षा मंत्रियों की बैठक के दौरान चीन के रक्षा मंत्री एडमिरल डोंग जून से बातचीत कर खुशी हुई।"

किन मुद्दों पर हुई चर्चा?

हालांकि, इस बारे में अभी कोई आधिकारिक जानकारी नहीं दी गई है कि राजनाथ सिंह और एडमिरल डोंग जून के बीच किन मुद्दों को लेकर चर्चा हुई। सूत्रों के अनुसार, राजनाथ सिंह और एडमिरल डोंग जून ने एलएसी पर समग्र स्थिति के संबंध में चर्चा की, जिसमें सीमावर्ती क्षेत्रों में शांति और स्थिरता बनाए रखने के महत्व के साथ-साथ क्षेत्रीय सुरक्षा मुद्दों पर भी जोर दिया गया। फिलहाल यह पता नहीं चल पाया है कि वार्ता में पश्चिम एशिया संकट पर चर्चा हुई या नहीं। यह बैठक भारत और चीन के संबंधों को सुधारने के प्रयासों के बीच हुई है।

संबंधों को फिर से सुधारने की पहल

पिछले कुछ महीनों में, दोनों पक्षों ने अपने संबंधों को फिर से सुधारने के लिए कई उपाय शुरू किए हैं। जून 2020 में गलवान घाटी में भारतीय और चीनी सैनिकों के बीच हुई हिंसक झड़पों के बाद दोनों देशों के रिश्तों में तनाव पैदा हो गया था। राजनयिक और सैन्य स्तर पर कई दौर की वार्ताओं के बाद, दोनों पक्षों ने पूर्वी लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण रेखा के साथ गतिरोध वाले कई बिंदुओं से अपने-अपने सैनिकों को वापस बुला लिया। रक्षा मंत्री ने रूस के अपने समकक्ष आंद्रेई बेलोसोव से भी मुलाकात की।

"रक्षा मंत्री आंद्रेई बेलोसोव के साथ बातचीत अच्छी रही"

इस दौरान राजनाथ सिंह ने कहा, "बिश्केक में एससीओ के रक्षा मंत्रियों की बैठक के दौरान रूस के रक्षा मंत्री आंद्रेई बेलोसोव के साथ बातचीत अच्छी रही।" जानकारी के अनुसार, राजनाथ सिंह और आंद्रेई बेलोसोव ने रूस द्वारा भारत को एस-400 वायु रक्षा मिसाइलों की आपूर्ति समेत विभिन्न रक्षा खरीद परियोजनाओं पर चर्चा की। अक्टूबर 2018 में भारत ने रूस के साथ पांच अरब अमेरिकी डॉलर का समझौता किया था, जिसके तहत पांच मिसाइल प्रणाली इकाइयों की खरीद की जानी थी, और इनमें से तीन इकाइयां पहले ही भारत को सौंप दी गई हैं। चौथी इकाई के अगले कुछ दिनों में मिलने की उम्मीद है, जबकि पांचवीं इकाई नवंबर में भेजे जाने की संभावना है।

सोमवार को किर्गिस्तान की राजधानी बिश्केक पहुंचे थे राजनाथ सिंह

पिछले महीने, भारत ने रूस से एस-400 मिसाइल प्रणाली की नई खेप के तहत पांच और प्रणालियों की खरीद को मंजूरी दे दी, जिससे इनकी कुल संख्या 10 हो जाएगी। राजमाथ सिंह ने एससीओ बैठक के इतर बेलारूस के अपने समकक्ष लेफ्टिनेंट जनरल विक्टर ख्रेनिन से भी मुलाकात की। उन्होंने ने अपने 'एक्स' पर कहा, "बिश्केक में एससीओ रक्षा मंत्रियों की बैठक के दौरान बेलारूस के रक्षा मंत्री लेफ्टिनेंट जनरल विक्टर ख्रेनिन से मिलकर मुझे बहुत खुशी हुई। हमारी बातचीत दोनों देशों के बीच रक्षा सहयोग को मजबूत करने पर केंद्रित रही।" राजनाथ सिंह एससीओ के सदस्य देशों के रक्षा मंत्रियों के सम्मेलन में भाग लेने के लिए सोमवार को किर्गिस्तान की राजधानी बिश्केक पहुंचे थे।

Nilesh DwivedI
निलेश द्विवेदीauthor

निलेश द्विवेदी टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल की सिटी टीम में काम कर रहे हैं। वे शहरों से जुड़ी लोकल घटनाएं, क्राइम, राजनीति, इंफ्रास्ट्रक्चर और राज्यवार अपडेट्स पर लगातार काम करते हैं। निलेश महत्वपूर्ण विवरणों को चुनने और पाठकों की रुचि के हिसाब से कंटेंट को प्रभावी तरीके से पेश करने के लिए जाने जाते हैं। डिजिटल न्यूजरूम के रफ्तार भरे माहौल में वे हर खबर को सटीक एंगल, आसान भाषा और उपयोगी जानकारी के साथ पेश करने पर फोकस करते हैं और अबतक 2,000 से अधिक खबरें लिख चुके हैं।

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