प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 6 दिवसीय विदेश दौरे के दूसरे दिन जापान के हिरोशिमा में राष्ट्रपित महात्मा गांधी की प्रतिमा के अनावरण के बाद कहा कि मैं यहां हिरोशिमा में महात्मा गांधी की प्रतिमा स्थापित करने और उसका अनावरण करने का अवसर देने के लिए जापान सरकार को धन्यवाद देना चाहता हूं। हम सभी को महात्मा गांधी के आदर्शों पर चलना चाहिए और विश्व कल्याण के मार्ग पर चलना चाहिए। महात्मा गांधी को यही सच्ची श्रद्धांजलि होगी। साथ ही उन्होंने कहा कि हिरोशिमा में महात्मा गांधी की मूर्ति अहिंसा के विचार को आगे बढ़ाएगी। मेरे लिए यह एक महान पल है कि मैंने जापानी पीएम को जो बोधि वृक्ष गिफ्ट में दिया था, वह यहां हिरोशिमा में लगाया गया है ताकि लोग यहां आने पर शांति के महत्व को समझ सकें। मैं महात्मा गांधी को अपनी श्रद्धांजलि देता हूं। पीएम मोदी ने कहा कि आज भी दुनिया 'हिरोशिमा' शब्द सुनते ही सहम जाती है। मुझे G7 शिखर सम्मेलन के लिए अपनी जापान यात्रा के दौरान महात्मा गांधी की एक आवक्ष प्रतिमा का अनावरण करने का अवसर मिला। आज दुनिया जलवायु परिवर्तन और आतंकवाद से पीड़ित है।
हिरोशिमा के नाम से इसलिए सहम जाती है दुनिया
गौर हो कि दूसरे विश्व युद्ध के दौरान 6 अगस्त 1945 को अमेरिका ने जापान के हिरोशिमा शहर पर दुनिया का पहला परमाणु बम हमला किया था। इसके तीन दिन बाद ही जापान के नागासाकी शहर पर दूसरा परमाणु बम गिराया था। इस हमले में पलक झपकते गी करीब डेढ़ लाख लोगों की जान चली गई थी। रेडियोएक्टिव विकिरण ने इन दोनों शहरों को तबाह कर दिया। चारों तरफ मौत ही मौत नजर आ रही थी। घंटों तक काली बारिश हुई थी।
जी7 और क्वाड में शामिल होने के लिए पीएम मोदी हिरोशिमा में
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी7 समूह के वार्षिक शिखर सम्मेलन और चतुष्पक्षीय सुरक्षा संवाद (क्वाड) ग्रुप के शीर्ष नेताओं की बैठक में हिस्सा लेने के लिए शुक्रवार को हिरोशिमा पहुंचे। इस दौरान वह वैश्विक चुनौतियों पर विश्व के नेताओं के साथ विचारों का आदान-प्रदान करेंगे और सामूहिक रूप से उनके हल के तरीकों पर चर्चा करेंगे।
