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PM Modi UAE Visit: फ्रांस दौरे के बाद अबू धाबी पहुंचे पीएम मोदी, क्राउन प्रिंस से की मुलाकात

  • Authored by: प्रांजुल श्रीवास्तव
  • Updated Jul 15, 2023, 12:44 PM IST

PM Modi UAE Visit: पीएम मोदी अपने इस दौरे पर राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद से भी मुलाकात करेंगे। इस दौरान दोनों देशों के बीच कई अहम समझौतों पर हस्ताक्षर होने की संभावना है।

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अबू धाबी पहुंचे पीएम मोदी

Photo : ANI

PM Modi UAE Visit: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी फ्रांस दौरे के बाद शनिवार को संयुक्त अरब अमीरात पहुंचे। अबू धाबी एयरपोर्ट पर पीएम मोदी का भव्य स्वागत किया गया। इसके बाद पीएम मोदी ने संयुक्त अरब अमीरात में अबू धाबी के क्राउन प्रिंस शेख खालिद बिन मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान से मुलाकात की। इस दौरान दोनों नेताओं के बीच कई द्विपक्षीय मुद्दों पर बात हुई।

कार्यक्रम के मुताबिक, पीएम मोदी अपने इस दौरे पर राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद से भी मुलाकात करेंगे। इस दौरान दोनों देशों के बीच कई अहम समझौतों पर हस्ताक्षर होने की संभावना है। जानकारी के मुताबिक, दोनों देशों के बीच ऊर्जा, खार्य सुरक्षा और रक्षा क्षेत्रों जैसे मुद्दों पर बातचीत हो सकती है। इस दौरान एक ऐतहासिक व्यापार समझौते की प्रगति पर भी समीक्षा की जाने की संभावना है।

भारत-यूएई के बीच साझेदारी मील का पत्थर

पीएम मोदी की यात्रा से कुछ घंटै पहले यूएई ने भारत-यूएई के बीच संबंधों पर प्रतिक्रिय दी है। यूएई की ओर से कहा गया है कि भारत के साथ उसकी आर्थिक साझेदारी दोनों देशों के इतिहास में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है। यूएई के विदेश व्यापार राज्य मंत्री डॉ. थानी बिन अहमद ल जेयूदी ने कहा कि नई दिल्ली के साथ गैर- तेल व्यापार 2030 तक 100 अरब डॉलर तक पहुंचने की उम्मीद है।

बुर्ज खलीफा पर दिखी भारत-यूएई की दोस्ती

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के UAE की आधिकारिक यात्रा से पहले दुबई के बुर्ज खलीफा ने कल भारतीय राष्ट्रीय ध्वज के रंग प्रदर्शित किए। इस दौरान भारत और यूएई के बीच दोस्ती भी दिखाई गई।

प्रांजुल श्रीवास्तव
प्रांजुल श्रीवास्तवauthor

<p>मैं इस वक्त टाइम्स नाउ नवभारत से जुड़ा हुआ हूं। पत्रकारिता के 8 वर्षों के तजुर्बे में मुझे और मेरी भाषाई समझ को गढ़ने और तराशने में कई वरिष्ठ पत्रकारों और संपादकों का योगदान रहा। 2016 में उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से शुरू हुआ यह सफर देश की राजधानी दिल्ली में 'टाइम्स नाउ नवभारत' तक आ पहुंचा है। अखबारों में रिपोर्टिंग करते हुए शहरों की धूल फांकना और डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को समझते हुए देश-विदेश की खबरों को आप तक पहुंचाने का मेरा ये सफर काफी किस्से-कहानियों से भरा हुआ है। लखनऊ की बाबा भीम राव अंबेडकर सेंट्रल यूनिवर्सिटी के क्लासरूम में प्रोफेसरों से मिले किताबी ज्ञान और पत्रकारीय सिद्धांतों को जमीन पर उतारने का मौका मुझे 2016 में ही मिल गया। पहला ब्रेक टाइम्स ग्रुप के प्रतिष्ठित अखबार 'नवभारत टाइम्स' ने दिया। यहां बतौर इंटर्न मुझे कई सामाजिक संगठनों की रिपोर्टिंग करने का मौका मिला। दिनभर शहर में घूम-घूम कर खबरों को बटोरना और शाम होते ही उन्हें लिखकर डेस्क के हवाले करना मेरी दिनचर्या का हिस्सा हो गया। इस अनुभव ने मुझे समाज के तौर तरीकों से परिचित कराया तो न्यूजरूम में सीनियर्स से मिली डांट ने पत्रकारिता की बारीकियों और भाषाई मर्यादा को समझने में मदद की। करीब 3 से 4 महीनों की इंटर्नशिप के बाद मुझे 2017 आते-आते गांधी परिवार के गढ़ रायबरेली भेजा गया। यह समय उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव और सत्ता के बदलाव का था। यहां बतौर रिपोर्टर मैं पहली बार राजनीतिक खबरों से रूबरू हुआ। रायबरेली के मिजाज को करीब 8 महीनों तक समझने के बाद नवभारत टाइम्स ने मुझे वापस लखनऊ बुलाया और शहर की रिपोर्टिंग करने का मौका दिया। यहां विज्ञान, पर्यावरण, बाजार, लखनऊ विकास प्राधिकरण, आवास विकास और मेट्रो जैसी बीट पर जमकर काम किया। यह सफर अब पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिले मुरादाबाद तक पहुंच गया था, जहां मुझे दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित अखबार के लिए दो वर्षों तक रिपोर्टिंग करने का अवसर मिला। करीब दो वर्षों की पत्रकारिता के बाद अब मुझे देश की राजधानी की ओर रुख करना था और यह मौका अमर उजाला (डिजिटल) ने दिया। अखबारों की रिपोर्टिंग से निकलकर डिजिटल पत्रकारिता के अनुभव से मैं पहली बार रूबरू हो रहा था। यहां पर मुझे मेन डेस्क पर जिम्मेदारी मिली। जहां सबसे आगे रहते हुए सबसे सटीक खबरें आप तक पहुंचाना चुनौती भरा काम था, लेकिन पत्रकारिता की शुरुआत में मिले अनुभवों ने मेरा काम आसान बना दिया। यहां भी करीब दो वर्षों के बाद 2023 में मुझे टाइम्स ग्रुप से दोबारा जुड़ने का मौका मिला और टाइम्स नाउ नवभारत की मेन डेस्क पर मेरा सफर अब तक जारी है।</p>

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