दुनिया

बलूचिस्तान में कोई 'नापाक' साजिश रच रहा पाकिस्तान? नोशकी जिले में लगा सख्त लॉकडाउन; आम नागरिकों की आवाजाही पर रोक

Balochistan Lockdown: पाकिस्तानी सुरक्षा बलों ने बलूचिस्तान के रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण नोशकी (Noshki) जिले में अचानक सख्त लॉकडाउन लागू कर दिया है। जिले के सभी प्रवेश और निकास द्वारों को सील कर दिया गया है। आम नागरिकों के घरों से बाहर निकलने और वाहनों के चलने पर पूरी तरह से रोक लगा दी गई है।

Image

बलूचिस्तान प्रांत के नोशकी (Noshki) जिले में लॉकडाउन लागू कर दिया गया।

Photo : ANI

Balochistan Lockdown: पाकिस्तानी सुरक्षा बलों ने बलूचिस्तान प्रांत के नोशकी (Noshki) जिले में लॉकडाउन लागू कर दिया है। ताजा रिपोर्ट्स के अनुसार, सुरक्षा बलों ने जिले के सभी प्रमुख रास्तों को सील कर दिया है और आम नागरिकों की आवाजाही पर कड़े प्रतिबंध लगा दिए हैं।

रविवार को भारी चौकियों के साथ प्रवेश और निकास मार्गों को कथित तौर पर बंद कर दिया गया था, जिससे निवासियों का आना-जाना बाधित हो गया। स्थानीय लोगों का दावा है कि नोश्की बाजार, काजियाबाद, ग्रिड स्टेशन और गरीबबाद जैसे प्रमुख स्थानों पर सुबह-सुबह बड़ी संख्या में सुरक्षाकर्मियों को तैनात किया गया था, जहां नागरिकों की आवाजाही पर भारी प्रतिबंध लगा दिया गया था।

रास्तों की नाकेबंदी

सुरक्षा बलों ने नोशकी को जोड़ने वाले विभिन्न मार्गों पर भारी तैनाती की है। प्रवेश और निकास द्वारों को पूरी तरह बंद कर दिया गया है, जिससे स्थानीय निवासियों का संपर्क अन्य क्षेत्रों से कट गया है।

नागरिकों की आवाजाही पर रोक

स्थानीय प्रशासन और सैन्य बलों ने नागरिकों के घरों से बाहर निकलने पर पाबंदी लगा दी है। बाजार, दुकानें और सार्वजनिक स्थान बंद हैं, जिससे दैनिक जीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है।

किल्ली कादिरबाद में चलाया जा रहा अभियान

बता दें कि एक दिन पहले किल्ली कादिरबाद में हुए एक अभियान चलाया गया था, जहां पाकिस्तानी सेना ने कथित तौर पर कई घंटों तक इलाके की घेराबंदी की थी। निवासियों ने अभियान के दौरान गोलीबारी की आवाजें सुनने की सूचना दी, हालांकि इसकी कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

हिरासत में ताहिर खान

बता दें कि नूर मोहम्मद मेंगल के बेटे आबिद मेंगल और मोहम्मद रहीम जान बदिनी के बेटे ताहिर खान को कादिराबाद से हिरासत में लिया गया और कथित तौर पर उन्हें किसी अज्ञात स्थान पर ले जाया गया है। अधिकारियों ने हिरासत या इस व्यापक अभियान के संबंध में कोई बयान जारी नहीं किया है।

बलूचिस्तान में जबरन गायब करना और गैर-न्यायिक हत्याएं मानवाधिकारों के लिए एक गंभीर चिंता का विषय बनी हुई हैं। परिवार अक्सर लापता रिश्तेदारों की तलाश में वर्षों बिता देते हैं, जबकि कार्यकर्ता सुरक्षा एजेंसियों पर गैरकानूनी हिरासत और फर्जी मुठभेड़ों का आरोप लगाते हैं।

Piyush Kumar
पीयूष कुमार author

पीयूष कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के न्यूज डेस्क पर Senior Copy Editor के रूप में कार्यरत हैं। देश-दुनिया की हलचल पर उनकी पैनी नजर रहती है और इन घट... और देखें

End of Article