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कहां आ गया पाकिस्तान? अब लड़कियों की पढ़ाई पर आतंकी साया, एक महीने के अंदर तीसरे स्कूल को बनाया निशाना

उत्तरी वजीरिस्तान लंबे समय तक अलकायदा और उससे संबद्ध तालिबान का मुख्यालय रहा था, लेकिन 2014 में सेना द्वारा कई हमलों के बाद उन्हें वहां से खदेड़ दिया गया था।

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पाकिस्तान में लड़कियों के स्कूलों पर आतंकी हमला (फाइल फोटो)

Photo : AP

पाकिस्तान में आतंकियों का वर्चस्व इतना बढ़ गया है कि उन्होंने अब लड़कियों के स्कूलों को निशाना बनाना शुरू कर दिया है। पिछले एक महीने में कई स्कूलों पर हमला बोला गया है। इस्लामी कट्टरपंथी, लड़कियों को शिक्षा देने के खिलाफ रहे हैं। पाकिस्तान में अब इसका सीधा असर देखने को मिल रहा है।

स्कूलों को जला रहे आतंकी

IANS की रिपोर्ट के अनुसार आतंकियों ने एक बार फिर अफगानिस्तान सीमा के पास उत्तर-पश्चिमी पाकिस्तान में लड़कियों के एक स्कूल को निशाना बनाया है। आतंकियों ने स्कूल में केरोसिन डालकर उसे आग के हवाले कर दिया। अधिकारियों ने बुधवार को बताया कि इस महीने में यह तीसरी घटना है जब लड़कियों के स्कूल को निशाना बनाया गया है। उत्तरी वजीरिस्तान क्षेत्र के परिसर में सोमवार रात आग लगा दी गई, जिससे एक बार फिर वर्षों से इस्लामवादियों के निशाने पर रही शिक्षा को लेकर नए सिरे से आशंकाएं पैदा हो गई हैं। स्थानीय पुलिस प्रमुख रेहान खान ने डीपीए को बताया कि सुदूर क्षेत्र में हुई यह घटना बुधवार को रिपोर्ट की गई।

अलकायदा और तालिबान का कभी था मुख्यालय

बता दें कि उत्तरी वजीरिस्तान लंबे समय तक अलकायदा और उससे संबद्ध तालिबान का मुख्यालय रहा था, लेकिन 2014 में सेना द्वारा कई हमलों के बाद उन्हें वहां से खदेड़ दिया गया था। पाकिस्तानी तालिबान एक ऐसा समूह है जो अपने अफगान समकक्षों की तरह ही इस्लाम की कट्टर विचारधारा का पालन करता है। समूह ने अतीत में भी लड़कियों के स्कूलों पर बमबारी की है।

कभी पाकिस्तानी तालीबान का था शासन

इस क्षेत्र पर 2007 से 2009 के बीच जब पाकिस्तानी तालिबान का शासन था, तब वजीरिस्तान और नोबेल पुरस्कार विजेता मलाला यूसुफजई के गृह नगर स्वात में सैकड़ों लड़कियों के स्कूलों पर बमबारी की गई थी। कई वर्षों के बाद हुए हमलों ने लोगों में यह डर पैदा कर दिया है कि 2014 की तरह ही आतंकवादी फिर से छात्रों को निशाना बना सकते हैं। 2014 में एक सैन्य-संचालित संस्थान में लगभग 150 बच्चों की हत्या कर दी गई थी।

कब-कब हुए हमले

इससे पहले (18 मई को) आतंकियों ने खैबर पख्तूनख्वा में दक्षिण वजीरिस्तान की वाना तहसील में लड़कियों के स्कूल को बम से उड़ा दिया था। इस स्‍कूल को बनाने का काम चल ही रहा था कि यह दहशतगर्दों के निशाने पर आ गया। इससे पहले (9 मई को) उत्तरी वजीरिस्तान के शेवा शहर में इस्लामिया गर्ल्स स्कूल को निशाना बनाकर उस पर पर बमबारी की गई थी। बता दें कि इस हमले में किसी की मौत नहीं हुई थी।

Shishupal Kumar
शिशुपाल कुमारauthor

शिशुपाल कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के न्यूज डेस्क में कार्यरत एक अनुभवी पत्रकार हैं, जिन्हें 13 वर्षों का अनुभव हासिल है। राजनीतिक, अंतरराष्ट्रीय और क्राइम रिपोर्टिंग में गहरी रुचि और मजबूत पकड़ के साथ वे समाचारों की बारीकियों को समझने और उन्हें प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करने के लिए जाने जाते हैं। शिशुपाल ने अपने करियर की शुरुआत एक इन्वेस्टिगेटिव जर्नलिस्ट के रूप में की, जहां उन्होंने प्रोडक्शन से लेकर ग्राउंड रिपोर्टिंग तक पत्रकारिता के कई महत्वपूर्ण पहलुओं में काम किया। फील्ड रिपोर्टिंग और डेस्क दोनों स्तरों पर उनकी दक्षता है। अब तक शिशुपाल कुमार 15,000 से अधिक खबरें प्रकाशित कर चुके हैं। वह ब्रेकिंग न्यूज, रियल-टाइम कवरेज, डेटा-आधारित विश्लेषण और एक्सप्लेनर लिखने में खास महारत रखते हैं। उनकी स्टोरीज तथ्यों की सटीकता और सहज भाषा की वजह से पाठकों पर मजबूत प्रभाव छोड़ती हैं।

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