पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान ने अपनी पार्टी के कार्यकर्ताओं से नेशनल असेंबली को भंग करने और देश में नये सिरे से चुनाव कराए जाने की मांग को लेकर इस सप्ताह के अंत में एक और बड़े विरोध प्रदर्शन की तैयारी करने को कहा। सोमवार (चार अक्टूबर, 2022) को पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) पार्टी के प्रमुख खान (69) ने इस्लामाबाद में अपने बानी गाला स्थित आवास पर हुई बैठक के दौरान ‘हकीकी आज़ादी मार्च’ की अपील की।
'एक्सप्रेस ट्रिब्यून' अखबार के हवाले से समाचार एजेंसी पीटीआई-भाषा की रिपोर्ट में बताया गया कि पार्टी कार्यकर्ताओं ने कहा कि खान पैगंबर मुहम्मद की जयंती नौ अक्टूबर के बाद किसी भी समय रैली की घोषणा कर सकते हैं। खान के मुताबिक, ‘‘इस बार रैली पूरी तैयारी के साथ निकाली जाएगी।’’
अखबार की खबर के अनुसार, खान ने कहा कि रैली शुरू होने से पहले उनके कार्यकर्ताओं को विशेष निर्देश जारी किए जाएंगे। उन्होंने कहा, ‘‘आप (कार्यकर्ता) तैयार रहें, मैं आपको रैली के लिए बुलाऊंगा। इस बार हम पूरी तैयारी के साथ आएंगे।’’ खान ने कहा कि गठबंधन सरकार के खिलाफ उनका यह ‘अंतिम’ आह्वान होगा तथा इसके बाद वह और रैलियां नहीं करेंगे।
इस बीच, राजधानी क्षेत्र की पुलिस ने खान के ‘हकीकी आज़ादी मार्च’ के मद्देनजर आंसू गैस के 40,000 गोले तैयार रखे हैं। 25 मई को ‘आज़ादी मार्च’ के बाद खान की दूसरी बड़ी रैली होगी। ‘आज़ादी मार्च’ को उनकी पार्टी के कार्यकर्ताओं के संघीय राजधानी में पहुंचने के बाद अंतिम समय में अचानक खत्म कर दिया गया था।
खान अवमानना के आरोपों से बचे, कारण बताओ नोटिस वापस
उधर, खान कोर्ट की अवमानना के आरोपों में सोमवार को बच गए। दरअसल, यहां की एक अदालत ने एक महिला न्यायाधीश को धमकी देने से जुड़े एक मामले में उनका लिखित जवाब स्वीकार कर लिया और उन्हें जारी किया गया कारण बताओ नोटिस वापस ले लिया। इस्लामाबाद उच्च न्यायालय के इस फैसले के साथ 2023 में प्रस्तावित अगले आम चुनाव में खान की संभावित अयोग्यता टल गई है।
इमरान सोमवार को उच्च न्यायालय के समक्ष उपस्थित हुए, जहां मामले की सुनवाई पांच सदस्यीय वृहद पीठ ने की। पीठ के अध्यक्ष इस्लामाबाद उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश अतहर मिनाल्ला थे। पीठ के अन्य सदस्यों में न्यायमूर्ति मोहसिन अख्तर कयानी, मियांगुल हसन औरंगजेब, तारिक महमूद जहांगीरी और बाबर सत्तार शामिल थे।
