दुनिया

कंगाल हुआ पाकिस्तान, अब अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट को लीज पर देने की तैयारी, लेकिन सामने बड़ी मुश्किलें

  • Authored by: अमित कुमार मंडल
  • Updated Jun 28, 2023, 11:38 AM IST

पाकिस्तानी सरकार जल्द से जल्द इस्लामाबाद एयरपोर्ट के आउटसोर्सिंग पर विचार कर रही है। लेकिन साथ ही इसमें कुछ बड़ी दिक्कतें भी हैं।

Image

पाकिस्तान के वित्त मंत्री इशाक डार

Photo : AP

Bankrupt Pakistan: आर्थिक संकट से घिरे पाकिस्तान से रोज-रोज नई खबरें आ रही हैं। दिवालियापन के बीच पाकिस्तान में शहबाज शरीफ के नेतृत्व वाली सरकार ने कराची और लाहौर के दो अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डों की पट्टे पर देने का फैसला किया है। पहले चरण में अंतरराष्ट्रीय निवेशकों को नए इस्लामाबाद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे को पट्टे पर दिया जाएगा। लेकिन इसे लेकर भी उसके सामने कई दिक्कतें आ रही हैं। कर्ज में डूबे पीआईए सबसे बड़ा रोड़ा बन गया है।

आउटसोर्सिंग पर विचार

द न्यूज की रिपोर्ट के अनुसार, अब तक इस संपत्ति को अन्य हवाई अड्डों की तुलना में साफ-सुथरे लेनदेन के रूप में घोषित किया गया है। इसलिए पाकिस्तानी सरकार जल्द से जल्द इसके आउटसोर्सिंग पर विचार कर रही है। लेकिन साथ ही इसमें कुछ बड़ी दिक्कतें भी हैं।

वित्त मंत्री इशाक डार के सामने एक प्रजेंटेशन में अंतर्राष्ट्रीय वित्त निगम (आईएफसी) ने जिक्र किया है कि इन तीन हवाई अड्डों के संचालन में रुचि रखने वाली कंपनियां सामने आई हैं। हालांकि, सरकार ने अभी तक किसी भी हवाई अड्डे के लिए आउटसोर्सिंग का विज्ञापन नहीं किया है। कुछ ऐसे मुद्दे हैं जिन्हें हवाई अड्डे को किसी अंतरराष्ट्रीय कंपनी को सौंपने से पहले सुलझाया जाना जरूरी है। जैसे कि राष्ट्रीय एयरलाइंस पाकिस्तान इंटरनेशनल एयरलाइंस (पीआईए) इन हवाई अड्डों का डिफॉल्टर बन गया है।

पीआईए के ऊपर देनदारियां

द न्यूज के मुताबिक, भले ही सरकार पीआईए की पिछली देनदारियों को अपने ऊपर ले ले, फिर भी नया हवाईअड्डा संचालक पीआईए को मुफ्त सुविधाएं कैसे देगा। यह उन प्रमुख मुद्दों में से एक है जिसके समाधान की जरूरत है। सूत्रों ने कहा कि कराची और लाहौर में हवाई अड्डों के कुछ हिस्सों पर कुछ एजेंसियों का कब्जा है, इसलिए स्थायी समाधान जरूरी है क्योंकि संभावित निवेशक पूरे हवाई अड्डे का उपयोग वाणिज्यिक उद्देश्यों के लिए करना चाहेंगे।

अमित कुमार मंडल
अमित कुमार मंडलauthor

अमित मंडल टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में न्यूज डेस्क पर Assistant Editor के रूप में काम कर रहे हैं। प्रिंट, टीवी और डिजिटल—तीनों माध्यमों में कुल मिलाकर 15 सालों से अधिक का अनुभव उन्हें खबरों को देखने की व्यापक दृष्टि देता है। ब्रेकिंग न्यूज, लाइव ब्लॉग, स्पेशल स्टोरीज और एक्सप्लेनेर फॉर्मेट पर उनकी मजबूत पकड़ है। एंगल चुनने की कला, खबरों की गति को समझना और समय पर सही जानकारी पहुंचाना—ये उनकी सबसे बड़ी खूबियां हैं। अमित अपने करियर में करीब 20 हजार से अधिक न्यूज आर्टिकल, एनालिसिस और एक्सप्लेनर पब्लिश कर चुके हैं।

और पढ़ें
End of Article