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TTP को लेकर पाकिस्तान-अफगानिस्तान के रिश्ते बिगड़े, इस्लामाबाद ने काबुल को चेतावनी देते हुए कही ये बात

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने सार्वजनिक रूप से काबुल से कहा था कि वह या तो'पाकिस्तान को चुन लें या तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) को'। साथ ही उन्होंने चेतावनी दी थी कि इस्लामाबाद अफगानिस्तान की धरती से लगातार हो रहे सीमा पार हमलों को बर्दाश्त नहीं करेगा।

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पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ की काबुल को धमकी (Photo- AP)

Pakistan warns Taliban: पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच संबंध और भी बिगड़ गए हैं। इस्लामाबाद ने तालिबान प्रशासन द्वारा उसकी बढ़ती सुरक्षा चिंताओं पर ध्यान न देने पर निराशा व्यक्त की है। यह जानकारी khaama प्रेस ने डॉन न्यूज के हवाले से दी।

पाक को चुन लो या TTP को

दो दिन पहले पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने सार्वजनिक रूप से काबुल से कहा था कि वह या तो'पाकिस्तान को चुन लें या तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) को'। साथ ही उन्होंने चेतावनी दी थी कि इस्लामाबाद अफगानिस्तान की धरती से लगातार हो रहे सीमा पार हमलों को बर्दाश्त नहीं करेगा। उनकी यह टिप्पणी सुरक्षा स्थिति को लेकर पाकिस्तान में बढ़ती बेचैनी को दर्शाती है और दोनों पड़ोसियों के बीच नए सिरे से तनाव को दिखाती है।

पाक ने आतंकी ठिकानों को बनाया निशाना

यह चेतावनी काबुल द्वारा लगाए गए उन आरोपों के बाद आई है जिनमें कहा गया था कि नंगरहार और खोस्त प्रांतों में पाकिस्तानी हवाई हमलों में नागरिक मारे गए, जिन्हें अफगान अधिकारियों ने उकसाने वाली कार्रवाई बताया। खामा प्रेस के अनुसार, डॉन की रिपोर्ट में कहा गया, पाकिस्तान ने इन आरोपों को पुरजोर तरीके से खारिज करते हुए कहा कि इन हमलों में आतंकवादी ठिकानों को निशाना बनाया गया और यह इस बात को रेखांकित करता है कि वह अफगानिस्तान को क्षेत्रीय सुरक्षा के लिए खतरा पैदा करने वाले समूहों पर लगाम लगाने में असमर्थ मानता है।

TTP के हमले बढ़े

2021 में तालिबान के सत्ता में लौटने के बाद से पाकिस्तान में टीटीपी से जुड़ी हिंसा में वृद्धि देखी गई है। इसके जवाब में, इस्लामाबाद ने आतंकवादी ठिकानों पर सीमा पार हमले किए हैं। अफगान पारगमन व्यापार पर कड़े नियंत्रण लगाए हैं और अवैध तरीके से रह रहे अफगान नागरिकों की स्वदेश वापसी में तेजी लाई है। रिपोर्ट में कहा गया है कि इन उपायों के तहत लगभग 12 लाख अफगान शरणार्थियों को पहले ही निर्वासित किया जा चुका है, जो इस मुद्दे पर पाकिस्तान के कड़े रुख को दर्शाता है।

दोनों देश आएंगे आमने-सामने

इस्लामाबाद के अधिकारियों ने यह भी संकेत दिया है कि अगर आतंकवादी हमले जारी रहे तो अफगान क्षेत्र में हवाई अभियानों का और भी विस्तार किया जा सकता है। विश्लेषकों ने चेतावनी दी है कि ऐसा कदम दोनों देशों के बीच तनाव को और बढ़ा सकता है, जिससे गंभीर टकराव की चिंताएं बढ़ सकती हैं।

Nitin Arora
नितिन अरोड़ाauthor

नितिन अरोड़ा टाइम्स नाउ नवभारत में न्यूज डेस्क पर सीनियर कॉपी एडिटर के रूप में कार्यरत हैं। मीडिया में उनका 6 वर्षों का अनुभव है। वह राजनीति, देश–विदेश की बड़ी घटनाओं और समसामयिक मुद्दों को गहराई से समझकर उन्हें सटीक और सरल भाषा में प्रस्तुत करने में माहिर हैं। उन्होंने अपने करियर में लगातार करंट अफेयर्स, पॉलिटिकल डेवलपमेंट्स, डिप्लोमैटिक घटनाएं और डिफेंस सेक्टर से जुड़े विषयों पर प्रभावशाली कॉन्टेंट तैयार किया है और अबतक 6 हजार से अधिक आर्टिकल लिख चुके हैं। विभिन्न टॉपिक्स पर एक्सप्लेनेर, डेटा-आधारित रिपोर्ट्स और विश्लेषणात्मक कॉपी लिखने में उनकी मजबूत पकड़ है।

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