Operation Sindoor global outreach: शिवसेना सांसद श्रीकांत शिंदे के नेतृत्व में ऑपरेशन सिंदूर ग्लोबल आउटरीच के लिए सांसदों के एक सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल ने अबू धाबी में राष्ट्रीय मीडिया कार्यालय के महानिदेशक जमाल मोहम्मद ओबैद अल काबी के साथ बैठक के दौरान बताया कि कैसे भारत पाकिस्तान द्वारा आतंकवादी गतिविधियों का शिकार रहा है। सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व कर रहे शिंदे ने गुरुवार को एएनआई से बात करते हुए कहा कि काबी ने पुष्टि की कि यूएई किसी भी तरह से आतंकवाद का समर्थन नहीं करेगा।
'उन्होंने कहा कि 'पहलगाम में हुए हमले में निर्दोष लोग मारे गए। हमने उन्हें ज्यादा कुछ नहीं बताया कि हमले कैसे हुए। भारत पर कई वर्षों से हमले होते रहे हैं - मुंबई आतंकी हमले, पठानकोट हमला, पुलवामा हमला..वे इस बारे में जानते थे। उन्होंने स्पष्ट संदेश दिया है कि वे ऐसे आतंकवादी संगठनों या आतंकवादियों को पनाह देने वाले देश के साथ कभी खड़े नहीं हो सकते, वे आतंकवाद के खिलाफ हैं और सभी देशों के लिए एक साथ आकर आतंकवाद से लड़ना महत्वपूर्ण है।' शिंदे ने कहा कि यूएई भारत के साथ खड़ा है और रक्षा समिति के अध्यक्ष अली राशिद अल नूमी और सहिष्णुता मंत्री ( Minister of Tolerance) शेख नाहयान के साथ प्रतिनिधिमंडल की बैठक के दौरान भी इसकी पुष्टि की गई।
उन्होंने कहा, 'हमने यूएई के समकक्षों के साथ बहुत ही उपयोगी बैठक की। हमने रक्षा समिति के अध्यक्ष अली राशिद अल नूमी से मुलाकात की। हमने सहिष्णुता मंत्री शेख नाहयान के साथ भी बैठक की। मुझे लगता है कि यूएई आतंकवाद के खिलाफ भारत के साथ पूरी प्रतिबद्धता के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ा है। यूएई द्वारा दिया गया स्पष्ट संदेश था - हम भारत के साथ आतंकवाद के खिलाफ खड़े हैं, आतंकवाद से लड़ रहे हैं,' शिंदे ने कहा कि संयुक्त अरब अमीरात से मिला समर्थन बहुत महत्वपूर्ण है, क्योंकि भारत की तरह ही यह भी विविधतापूर्ण है।
'दोनों मंत्रियों की ओर से यह बात बहुत स्पष्ट थी'
शिंदे ने कहा कि 'यूएई के नेताओं का संदेश बहुत महत्वपूर्ण है क्योंकि यह दोनों देशों के साथ-साथ उनके संबंधित पड़ोसियों के लिए भी महत्वपूर्ण है।' उन्होंने कहा, 'मुझे लगता है कि यूएई के समकक्षों की ओर से यह संदेश बहुत स्पष्ट रहा है कि हम इस आतंकवाद के खिलाफ आपके साथ हैं और यह संदेश दिया गया कि किसी भी धर्म के नाम पर आतंकवाद को बढ़ावा नहीं दिया जा सकता। दोनों मंत्रियों की ओर से यह बात बहुत स्पष्ट थी।'
