दुनिया

Oman: एक भारतीय समेत अब तक 30 से ज्यादा लोगों की मौत; जानें ISIS के आतंकी हमले से जुड़ा अपडेट

World News: ओमान के मस्कट के वादी अल कबीर में इमाम अली मस्जिद में सामूहिक गोलीबारी की घटना में एक भारतीय नागरिक सहित 30 से अधिक लोगों की जान चली गई। बुधवार को तीसरे दिन भी गोलीबारी जारी रही। यहां 800 के करीब लोगो के फसे होने की आशंका जताई गई है।

Image

ओमान की राजधानी मस्कट में ISIS का पहला आतंकी हमला।

Oman Mosque Mass Shooting: ओमान की राजधानी मस्कट में एक शिया मस्जिद के अंदर सोमवार देर शाम ISIS आतंकवादियों के हमले के बाद तीसरे दिन बुधवार को भी गोलीबारी जारी रही। हमले में मरने वालों की संख्या बढ़कर 30 हो गई है और हमले में जान गंवाने वालों में एक भारतीय नागरिक भी शामिल है। हमला शिया मस्जिद पर किया गया, जिसमें 800 के करीब लोगो के फसे होने की आशंका जताई गई है।

मस्कट में ISIS का पहला आतंकी हमला

अधिकारी स्थिति को नियंत्रित करने की कोशिश कर रहे हैं और 800 से अधिक लोग मस्जिद के अंदर फंसे हुए हैं। यह हमला तब हुआ जब शिया मुसलमानों ने आशूरा मनाया, जो पैगंबर मुहम्मद के पोते हुसैन की 7वीं शताब्दी की मृत्यु के उपलक्ष्य में शोक की वार्षिक अवधि है। इस्लामिक स्टेट (आईएसआईएस) ने हमले की जिम्मेदारी ली, यह मध्य पूर्व देश में उसका पहला ऑपरेशन था। आईएस ने दावा किया कि उसके तीन जिहादियों ने इस हमले को अंजाम दिया।

अब तक 1 भारतीय, 4 पाकिस्तानी मारे गए

मस्कट में भारतीय दूतावास ने पुष्टि की कि हमले में जान गंवाने वाले 30 लोगों में से एक भारतीय भी था। मस्कट में भारतीय दूतावास ने एक्स मंगलवार को पोस्ट किया, "15 जुलाई को मस्कट शहर में हुई गोलीबारी की घटना के बाद, ओमान सल्तनत के विदेश मंत्रालय ने सूचित किया है कि एक भारतीय नागरिक की जान चली गई है और एक अन्य घायल हो गया है।"

पाकिस्तान ने पुष्टि की कि इमाम अली मस्जिद पर हुए "आतंकवादी हमले" में मरने वालों में चार पाकिस्तानी भी शामिल थे। इसके अतिरिक्त, भारत ने अपने एक नागरिक की मृत्यु की सूचना दी। स्थानीय वेबसाइटों ने दावा किया कि हमला एक एशियाई देश के शियाओं के एक समूह के खिलाफ किया गया था। जवाब में ओमानी आतंकवाद विरोधी बल उस स्थान पर पहुंच गए हैं। मस्कट गवर्नरेट के मुत्तराह के विलायत के वादी अल कबीर पड़ोस में इमाम अली मस्जिद, शूटिंग कार्यक्रम का स्थान है। अल बवाबा के अनुसार, पाकिस्तानी समुदाय के लोग वहां थे।

रॉयल ओमान पुलिस ने क्या कहा?

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर रॉयल ओमान पुलिस ने अपनी पोस्ट में कहा, "शुरुआती जानकारी के अनुसार, रॉयल ओमान पुलिस ने वादी अल कबीर क्षेत्र में एक मस्जिद के आसपास गोलीबारी की घटना से निपटा, जिसके परिणामस्वरूप चार लोगों की मौत हो गई और कई अन्य घायल हो गए।"

Ayush Sinha
आयुष सिन्हाauthor

मैं टाइम्स नाउ नवभारत (Timesnowhindi.com) से जुड़ा हुआ हूं। कलम और कागज से लगाव तो बचपन से ही था, जो धीरे-धीरे आदत और जरूरत बन गई। मुख्य धारा की पत्रकारिता से जुड़े हुए 10 साल पूरे हो चुके हैं। लोकसभा चुनाव 2014 से पहले ही मैंने पत्रकारिता की पढ़ाई के बीच में ही देश की राजधानी दिल्ली आने की ठान ली थी। उससे पहले मैंने कभी ये सोचा तक नहीं था कि मैं बनारस बोले तो वाराणसी शहर से बाहर भी जा सकता हूं। जी हां, मेरा नाता काशी से है। जन्म के साथ-साथ शिक्षा दीक्षा भी बनारस में ही हुई। राष्ट्रपिता मोहनदास करमचंद गांधी (बापू) द्वारा स्थापित किए गए विश्वविद्यालय- 'महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ' से मैंने पत्रकारिता में स्नातक किया है। ग्रेजुएशन के दौरान ही विश्वविद्यालय के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग के अध्यापकों ने बड़ी ही सख्ती से मेरी नक्काशी करने की कोशिश की। ग्रेजुएशन के आखिरी वर्ष आते-आते मैंने दिल्ली की ट्रेन पकड़ी और यहां पहुंच गया। आव देखा न ताव, दिल्ली NCR में बड़े-बड़े मीडिया समूहों के दफ्तरों के बाहर अपना बायोडेटा डाल कर प्रयास में जुट गया। काफी धैर्य के बाद ZEE मीडिया समूह से जुड़ने का मौका मिला। मेरे पत्रकारिता के सफर की शुरुआत टेलीविजन के इनपुट डिपार्टमेंट से हुई। यहां मैं असाइनमेंट डेस्क पर था। कुछ महीनों तक खुद को इस समूह के साथ जोड़े रखने के बाद वर्ष 2015 में मैंने प्रिंट मीडिया का रुख कर लिया और ALL RIGHTS नाम की मैगज़ीन के साथ जुड़ गया। बतौर विशेष संवाददाता (Special Correspondent) मेरे कंधों पर बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई थी। मैं उन दिनों देशभर के अलग-अलग लोकसभा क्षेत्र के सांसदों, केंद्रीय मंत्रियों और दिल्ली सरकार के विधायकों और मंत्रियों का साक्षात्कार करता था। मैगज़ीन के संपादकीय पृष्ठ के लिए मैं लेख भी लिखता था। राजनीतिक खबरों से लगाव होने के चलते मैंने इस बीट को ही अपना हमसाया बना लिया। मैगजीन के बाद फिर टेलीविजन का रुख किया और इसी साल दोबारा ज़ी मीडिया से जुड़ गया। यहां साढ़े 3 सालों तक काम करने के बाद मैंने डिजिटल मीडिया में कदम रखने की ठान ली। रिपब्लिक भारत की लॉन्चिंग से पहले मुझे इसकी वेबसाइट से जुड़ने का मौका मिला। रिपब्लिक से जुड़ने के साथ ही मैंने दिल्ली छोड़कर मुंबई का रुख कर लिया। समंदर किनारे बसे इस शहर में मैंने डिजिटल पत्रकारिता के गुर को सीखा। इस संस्थान में मुझे रिपोर्टर के तौर पर मौका दिया था। कुछ ही महीने बाद मैं वापस दिल्ली आ गया और मैंने न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया में एसोसिएट प्रोड्यूसर और रिपोर्टर की भूमिका में काम किया। चंद महीने बाद ही ज़ी मीडिया समूह के डिजिटल प्लेटफॉर्म पर काम करने का अवसर मिला। ज़ी हिन्दुस्तान के लिए मैंने स्पेशल खबरों पर काम किया और इस समूह का पहला डिजिटल रिपोर्टर बन गया। इसके बाद मुझे वीडियो सेक्शन का हेड बना दिया गया। मैंने चुनावी कवरेज की, ग्राउंड रिपोर्टिंग की और साथ ही साथ वीडियो सेक्शन को नए शिखर पर पहुंचाने की कोशिश की। मैं कविताएं और किस्से-कहानियां भी लिखता रहता हूं। पढ़ाई के दौरान ही मैंने दो किताबें भी लिखी, एक नॉवेल और दूसरी पोएट्री बुक। पत्रकारिता में रहते हुए मैंने कई "स्टिंग ऑपरेशन" भी किए। मेरे सफर को और भी खूबसूरत बनाने के लिए टाइम्स समूह ने मुझे मौका दिया। मैं जुलाई, 2023 में इस संस्थान से जुड़ा और मुझे मेन डेस्क पर खबरों से दो-चार होते रहने की जिम्मेदारी सौंपी गई। राजनीतिक विश्लेषण के साथ विस्तार से खबरों को परोसता हूं और अपने पाठकों को कुछ नया देने का प्रयास करता हूं।

और पढ़ें
End of Article