India-Russia Relations: रूस के प्रथम उप प्रधानमंत्री डेनिस मंटुरोव ने भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत कुमार डोभाल के साथ बैठक की है। जानकारी के अनुसार, दोनों देशों के बीच रक्षा और रणनीतिक सहयोग पर ध्यान केंद्रित किया गया है। रूसी दूतावास के अनुसार, वार्ता में द्विपक्षीय सैन्य-तकनीकी सहयोग ढांचे के अंतर्गत कई मुद्दों पर चर्चा हुई। दोनों पक्षों ने नागरिक विमान निर्माण, धातु विज्ञान और रासायनिक उद्योग सहित अन्य रणनीतिक क्षेत्रों में संयुक्त परियोजनाओं की प्रगति की भी समीक्षा की।
दूतावास ने एक्स पर पोस्ट किया कि दोनों पक्षों ने रूस-भारत सैन्य-तकनीकी सहयोग के सामयिक मुद्दों के साथ-साथ नागरिक विमान निर्माण, धातु विज्ञान और रासायनिक उद्योग सहित अन्य रणनीतिक क्षेत्रों में संयुक्त परियोजनाओं के कार्यान्वयन पर चर्चा की। मंटुरोव के साथ बैठक से एक दिन पहले, एनएसए डोभाल ने 7 अगस्त को राष्ट्रपति पुतिन और रूस के सुरक्षा परिषद सचिव सर्गेई शोइगु के साथ बातचीत की थी। 8 अगस्त को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने टेलीफोन पर बातचीत की, जिसके दौरान उन्होंने व्यापार, आर्थिक और निवेश सहयोग पर चर्चा की। बाद में प्रधानमंत्री मोदी ने इस बातचीत को बहुत अच्छा और विस्तृत बताया तथा कहा कि उन्होंने यूक्रेन में नवीनतम घटनाक्रमों के बारे में जानकारी देने के लिए राष्ट्रपति पुतिन को धन्यवाद दिया।
प्रधानमंत्री मोदी ने X पर एक बयान में कहा कि मेरे मित्र राष्ट्रपति पुतिन के साथ बहुत अच्छी और विस्तृत बातचीत हुई। मैंने यूक्रेन पर नवीनतम घटनाक्रम साझा करने के लिए उनका धन्यवाद किया। हमने अपने द्विपक्षीय एजेंडे में प्रगति की भी समीक्षा की और भारत-रूस विशेष एवं विशेषाधिकार प्राप्त रणनीतिक साझेदारी को और गहरा करने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। मैं इस वर्ष के अंत में भारत में राष्ट्रपति पुतिन की मेज़बानी के लिए उत्सुक हूं। यह घटनाक्रम रूसी तेल खरीद पर भारत द्वारा टैरिफ लगाए जाने के बाद चल रहे तनाव के बीच हुआ है।
विदेश मंत्रालय के एक बयान के अनुसार, इस बातचीत के दौरान राष्ट्रपति पुतिन ने प्रधानमंत्री को यूक्रेन से संबंधित नवीनतम घटनाक्रम की जानकारी दी। दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय एजेंडे में प्रगति की भी समीक्षा की तथा भारत और रूस के बीच विशेष एवं विशेषाधिकार प्राप्त रणनीतिक साझेदारी को और अधिक गहरा करने की अपनी प्रतिबद्धता की पुष्टि की। प्रधानमंत्री मोदी ने राष्ट्रपति पुतिन को इस वर्ष के अंत में 23वें भारत-रूस वार्षिक शिखर सम्मेलन के लिए भारत आने का निमंत्रण दिया।