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दो गुटों में बंटती जा रही दुनिया! खुलकर पुतिन के साथ आया उत्तर कोरिया का तानाशाह, कर डाली बड़ी डील

North Korea Russia Defense Agreement: रूस और उत्तर कोरिया के नेताओं के बीच हुए नये समझौते के तहत दोनों देशों में से किसी पर भी हमला होने की सूरत में दोनों देश एक दूसरे को तत्काल सैन्य सहायता प्रदान करने के लिए सभी उपलब्ध साधनों का इस्तेमाल करेंगे। शीत युद्ध की समाप्ति की बाद से मास्को और प्योंगयांग के बीच सबसे ज्यादा ताकतवार समझौता माना जा रहा है।

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North Korea Kim Jong Un and Russia Vladimir Putin

Photo : AP

North Korea Russia Defense Agreement: दुनिया धीरे-धीरे दो गुटों में बंट रही है। स्थिति विश्व युद्ध वाली हो रही है। एक तरफ अमेरिका, ब्रिटेन व अन्य यूरोपीय देश हैं तो दूसरी तरफ रूस, चीन, उत्तर कोरिया व अन्य इस्लामिक देश साथ खड़े हैं। इस बीच उत्तर कोरिया और रूस के बीच एक ऐसी डील हुई है जो अमेरिका सहित यूरोपीय देशों की टेंशन बढ़ा सकते हैं। दरअसल, रूस और उत्तर कोरिया के नेताओं के बीच हुए नये समझौते के तहत दोनों देशों में से किसी पर भी हमला होने की सूरत में दोनों देश एक दूसरे को तत्काल सैन्य सहायता प्रदान करने के लिए सभी उपलब्ध साधनों का इस्तेमाल करेंगे।

उत्तर कोरिया की सरकारी मीडिया कोरियन सेंट्रल न्यूज एजेंसी ने अपनी एक खबर में देश के नेता किम जोंग उन और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के बीच प्योंगयांग में बुधवार को हुए व्यापक रणनीतिक साझेदारी समझौते की जानकारी दी है। इसमें कहा गया है कि समझौते के अनुच्छेद चार के अनुसार अगर दोनों में से किसी भी देश पर हमला होता है या फिर युद्ध की स्थिति पैदा होती है तो दूसरे देश को बिना किसी विलंब के सैन्य व अन्य सभी प्रकार की सहायता प्रदान करनी होगी।

शीत युद्ध के बाद सबसे ताकतवर समझौता

इस समझौते को शीत युद्ध की समाप्ति की बाद से मास्को और प्योंगयांग के बीच सबसे ज्यादा ताकतवार समझौता माना जा रहा है। किम-जोंग-उन और व्लादिमीर पुतिन ने इस समझौते को दोनों देशों के लिए एक बड़ी उपलब्धि करार किया दिया है। रूस और उत्तर कोरिया के बीच यह समझौता ऐसे समय में हुआ है जब अमेरिका और उसके सहयोगी देश मास्को और प्योंगयांग के बीच संभावित हथियार समझौते को लेकर चिंता जता रहे हैं।

तो बदल जाएगी यूक्रेन युद्ध की स्थिति?

इस समझौते के तहत उत्तर कोरिया आर्थिक सहायता और प्रौद्योगिकी हस्तांतरण के बदले में मास्को को यूक्रेन में युद्ध के लिए अत्यंत आवश्यक हथियार उपलब्ध कराएगा। किम ने समझौते के बाद कहा कि दोनों देशों के बीच घनिष्ठ मित्रता है और यह अब तक का उनका सबसे शक्तिशाली समझौता है। किम ने यूक्रेन में युद्ध के लिए रूस के समर्थन का संकल्प लिया। वहीं पुतिन ने इसे 'सफल समझौता' करार दिया, जो दोनों देशों के बीच संबंधों को नयी ऊंचाइयों पर ले जाने की साझा इच्छाओं को दर्शाता है।

Pranjul Srivastava
प्रांजुल श्रीवास्तवauthor

<p>मैं इस वक्त टाइम्स नाउ नवभारत से जुड़ा हुआ हूं। पत्रकारिता के 8 वर्षों के तजुर्बे में मुझे और मेरी भाषाई समझ को गढ़ने और तराशने में कई वरिष्ठ पत्रकारों और संपादकों का योगदान रहा। 2016 में उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से शुरू हुआ यह सफर देश की राजधानी दिल्ली में 'टाइम्स नाउ नवभारत' तक आ पहुंचा है। अखबारों में रिपोर्टिंग करते हुए शहरों की धूल फांकना और डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को समझते हुए देश-विदेश की खबरों को आप तक पहुंचाने का मेरा ये सफर काफी किस्से-कहानियों से भरा हुआ है। लखनऊ की बाबा भीम राव अंबेडकर सेंट्रल यूनिवर्सिटी के क्लासरूम में प्रोफेसरों से मिले किताबी ज्ञान और पत्रकारीय सिद्धांतों को जमीन पर उतारने का मौका मुझे 2016 में ही मिल गया। पहला ब्रेक टाइम्स ग्रुप के प्रतिष्ठित अखबार 'नवभारत टाइम्स' ने दिया। यहां बतौर इंटर्न मुझे कई सामाजिक संगठनों की रिपोर्टिंग करने का मौका मिला। दिनभर शहर में घूम-घूम कर खबरों को बटोरना और शाम होते ही उन्हें लिखकर डेस्क के हवाले करना मेरी दिनचर्या का हिस्सा हो गया। इस अनुभव ने मुझे समाज के तौर तरीकों से परिचित कराया तो न्यूजरूम में सीनियर्स से मिली डांट ने पत्रकारिता की बारीकियों और भाषाई मर्यादा को समझने में मदद की। करीब 3 से 4 महीनों की इंटर्नशिप के बाद मुझे 2017 आते-आते गांधी परिवार के गढ़ रायबरेली भेजा गया। यह समय उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव और सत्ता के बदलाव का था। यहां बतौर रिपोर्टर मैं पहली बार राजनीतिक खबरों से रूबरू हुआ। रायबरेली के मिजाज को करीब 8 महीनों तक समझने के बाद नवभारत टाइम्स ने मुझे वापस लखनऊ बुलाया और शहर की रिपोर्टिंग करने का मौका दिया। यहां विज्ञान, पर्यावरण, बाजार, लखनऊ विकास प्राधिकरण, आवास विकास और मेट्रो जैसी बीट पर जमकर काम किया। यह सफर अब पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिले मुरादाबाद तक पहुंच गया था, जहां मुझे दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित अखबार के लिए दो वर्षों तक रिपोर्टिंग करने का अवसर मिला। करीब दो वर्षों की पत्रकारिता के बाद अब मुझे देश की राजधानी की ओर रुख करना था और यह मौका अमर उजाला (डिजिटल) ने दिया। अखबारों की रिपोर्टिंग से निकलकर डिजिटल पत्रकारिता के अनुभव से मैं पहली बार रूबरू हो रहा था। यहां पर मुझे मेन डेस्क पर जिम्मेदारी मिली। जहां सबसे आगे रहते हुए सबसे सटीक खबरें आप तक पहुंचाना चुनौती भरा काम था, लेकिन पत्रकारिता की शुरुआत में मिले अनुभवों ने मेरा काम आसान बना दिया। यहां भी करीब दो वर्षों के बाद 2023 में मुझे टाइम्स ग्रुप से दोबारा जुड़ने का मौका मिला और टाइम्स नाउ नवभारत की मेन डेस्क पर मेरा सफर अब तक जारी है।</p>

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