Israel Hamas Conflict: ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई ने गाजा में चल रहे संघर्ष को लेकर इजराइल को चेताया है। ईरानी सरकारी टीवी ने बताया कि खामेनेई ने कहा कि अगर गाजा में इजरायल की कार्रवाई जारी रही तो दुनिया भर के मुस्लिम और रेसिस्टेंस फोर्स को कोई रोक नहीं सकेगा। 1979 की इस्लामी क्रांति के बाद से ईरान के मौलवी नेताओं ने लगातार फिलिस्तीनी मुद्दे के लिए अपना अटूट समर्थन जताया है। तेहरान खुले तौर पर गाजा पर शासन करने वाले इस्लामी समूह हमास को वित्तीय सहायता और सैन्य मदद देता है।
इजराइल पर हमास का घातक हमला
इजराइल ने 7 अक्टूबर को हमास आतंकवादियों के घातक हमले के जवाब में इस आतंकी समूह को खत्म करने की प्रतिज्ञा की है। 7 अक्टूबर की यह घटना इजराइल के 75 साल के इतिहास में सबसे घातक आतंकी हमला था। खामेनेई ने कहा कि कब्जे वाले फिलिस्तीन में इजरायली बस्तियों में रहने वाले लोग नागरिक नहीं बल्कि सशस्त्र लोग हैं। उन्होंने इजरायली अधिकारियों से गाजा में फिलिस्तीनियों के खिलाफ अभियान के लिए मुकदमे का सामना करने का भी आह्वान किया।
खामेनेई की बयानों ने बढ़ाई चिंता
इसके अलावा खामेनेई ने जोर देकर कहा कि गाजा में बमबारी तत्काल रोकी जानी चाहिए। खामेनेई की इन टिप्पणियों को अब तक की सबसे मजबूत चेतावनी के रूप में बताया जा रहा है कि संघर्ष बढ़ सकता है और यह एक क्षेत्रीय संकट बन सकता है।
ईरान के विदेश मंत्री होसैन अमीर-अब्दुल्लाहियन ने यह कहकर इन चिंताओं को बढ़ा दिया कि रेसिस्टेंस फोर्स निकट भविष्य में कार्रवाई कर सकता है। रेसिस्टेंस फोर्स क्षेत्रीय ताकतों का गठबंधन है जिसमें ईरान से समर्थित एक शक्तिशाली लेबनानी समूह हिजबुल्लाह भी शामिल है। हाल के दिनों में लेबनानी-इजरायल सीमा पर हिजबुल्लाह और इजरायली सेना के बीच झड़पें हुई हैं, जिससे यह आशंका बढ़ गई है कि यहां चल रहे संघर्ष में एक और मोर्चा बन सकता है।
