28 फरवरी को ईरान पर अमेरिका और इजरायल के हमलों के बाद से हर बीतते दिन के साथ जंग का प्रसार क्षेत्र बढ़ता ही जा रहा है। इस बीच,अमेरिकी राष्ट्रपति ने ईरान के पावर प्लांट्स और एनर्जी इंफ्रास्ट्रक्चर पर पांच दिनों तक कोई हमला न करने की बात कही है। उन्होंने दावा किया कि उनकी ईरान से अच्छी बात जारी है और इसलिए उन्होंने ऐसा आदेश दिया है। वहीं, ट्रंप के इस दावे को ईरान ने खारिज कर दिया है। ईरान ने कहा है कि उनकी ऐसी कोई वार्ता नहीं हो रही है। ईरानी सरकारी टीवी ने दावा किया कि ईरान की बदले की कार्रवाई से ट्रंप डर गए हैं और इसीलिए वे पीछे हट गए हैं।
हमने जंग नहीं शुरू की- ईरान
ईरानी सरकारी मीडिया ने दावा किया कि अमेरिकी राष्ट्रपति की टिप्पणियां ऊर्जा की कीमतों को कम करने और अपनी सैन्य योजनाओं को लागू करने के लिए समय खरीदने के प्रयासों का हिस्सा हैं। अखबार ने ईरान के विदेश मंत्रालय के हवाले से कहा कि क्षेत्रीय देशों द्वारा तनाव कम करने के प्रयास किए गए हैं,लेकिन ईरान की प्रतिक्रिया स्पष्ट रही है, उसने युद्ध शुरू नहीं किया और ऐसे सभी अनुरोध वाशिंगटन को भेजे जाने चाहिए।
ट्रंप ने किया ये दावा
इससे पहले, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर एक पोस्ट में ट्रंप ने दावा किया कि अमेरिका और ईरान के बीच पिछले दो दिनों में बेहद सकारात्मक और प्रोडक्टिव बातचीत हुई है, जिसके बाद उन्होंने ईरान के खिलाफ प्रस्तावित सैन्य कार्रवाई को अस्थायी रूप से टालने का निर्देश दिया है। ट्रंप ने कहा कि उन्होंनेईरान के पावर प्लांट और एनर्जी इंफ्रास्ट्रक्चर पर सभी हमले 5 दिनों के लिए टाल देने का आदेश दिया है।
पांच दिन नहीं करेंगे ईरान पर हमले
इसी के मद्देनजर ट्रंप ने रक्षा विभाग को निर्देश दिया है कि ईरान के पावर प्लांट और ऊर्जा ढांचे पर होने वाले सभी सैन्य हमलों को पांच दिनों के लिए स्थगित कर दिया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह फैसला जारी वार्ताओं की सफलता पर निर्भर करेगा और अगर बातचीत सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ती है तो आगे की रणनीति तय की जाएगी।
पूरे सप्ताह जारी रहेगा वार्ता का दौर
ट्रंप के मुताबिक, अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत का दौर पूरे सप्ताह जारी रहेगा। उन्होंने उम्मीद जताई कि इन चर्चाओं के जरिए मध्य पूर्व में लंबे समय से जारी तनाव का स्थायी समाधान निकाला जा सकता है।
ट्रंप ने ईरान को दिया था 48 घंटे का अल्टीमेटम
इससे पहले, डोनाल्ड ट्रंप ने शनिवार को ईरान को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा था कि अगर तेहरान 48 घंटों के भीतर रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण होर्मुज जलडमरूमध्य को नहीं खोलता है, तो देश के ऊर्जा-बिजली ढांचे पर हमले किए जाएंगे। सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में ट्रंप ने कहा था कि अगर निर्धारित समय सीमा के भीतर जलमार्ग पूरी तरह से सुरक्षित नहीं खोला जाता है, तो अमेरिका सबसे बड़े संयंत्र से शुरू करके ईरानी बिजली संयंत्रों पर हमला करके उन्हें नष्ट कर देगा। ट्रंप की इस चेतावनी की समय सीमा कल सुबह भारतीय समयानुसार करीब छह बजे समाप्त होनी थी, लेकिन आज ट्रंप ने इसे पांच दिन के लिए बढ़ा दिया है।
इस बयान को क्षेत्र में बढ़ते सैन्य तनाव के बीच एक महत्वपूर्ण कूटनीतिक संकेत माना जा रहा है। हाल के दिनों में अमेरिका और ईरान के बीच टकराव की स्थिति बनी हुई थी, जिसके चलते वैश्विक स्तर पर ऊर्जा आपूर्ति और सुरक्षा को लेकर चिंताएं बढ़ गई थीं।
