Nepal Updates: आज एक बार फिर नेपाल में Gen-Z की एक महत्वपूर्ण बैठक आर्मी चीफ के साथ होगी। आज आर्मी चीफ अशोक राज सिंगडेल की Gen-Z के 15 सदस्यों को बैठक होने वाली है। आज की बैठक में अंतरिम सरकार का गठन को लेकर चर्चा होगी। Gen-Z के कुछ सदस्यों ने सुशीला कार्की के नाम पर सहमति जताई थी, लेकिन पूर्ण सहमति नही बन पाई है। आर्मी चीफ ने एक नाम पर सहमति बनाने के लिए आज Gen-Z के प्रमुख 15 सदस्यों को बुलाया है। जानिए आज का अपडेट
बालेन शाह का Gen-Z को संदेश
नेपाल में उपजे हालात के बीच काठमांडू के मेयर बालेन शाह ने प्रदर्शनकारियों जेन-जी (Gen-Z) के आंदोलन की तारीफ करते हुए सुनहरे भविष्य निर्माण की बात कही है। साथ ही नए सरकार के गठन में जल्दबाजी नहीं करने की अपील की है। बालेन शाह ने कहा कि संसद को अविलंब भंग किया जाना चाहिए। साथ ही उन्होंने अंतरिम सरकार के प्रमुख के लिए पूर्व मुख्य न्यायाधीश सुशीला कार्की के नाम का भी समर्थन किया।
बालेन शाह ने ट्वीट किया, प्रिय जेन-जी (Gen-Z) और सभी नेपालियों से मेरा अनुरोध है: देश इस समय एक अभूतपूर्व स्थिति से गुजर रहा है। आप अब एक सुनहरे भविष्य की ओर कदम बढ़ा रहे हैं। कृपया इस समय घबराएं नहीं; धैर्य रखें। अब देश को एक अंतरिम सरकार मिलने वाली है, जो देश में नए चुनाव कराएगी। इस अंतरिम सरकार का काम चुनाव कराना और देश को एक नया जनादेश देना है। मैं पूर्व मुख्य न्यायाधीश सुशीला कार्की को इस अंतरिम/चुनावी सरकार का नेतृत्व सौंपने के आपके प्रस्ताव का पूर्ण समर्थन करता हूं।
भारतीय सेना ने नेपाली गोरखा सैनिकों की छुट्टियां बढ़ाईं
वहीं, नेपाल के हालात को देखते हुए भारतीय सेना ने अपने नेपाली गोरखा सैनिकों की छुट्टियां बढ़ा दी हैं, अन्य नेपाल जानेवाले सैनिकों की छुट्टियां कैंसिल की गई हैं। फिलहाल सेना के सभी नेपाली सैनिक सुरक्षित हैं और उनके संपर्क में लगातार बना हुआ है। गोरखा रेजिमेंट के जितने भी सैनिक नेपाल छुट्टी के लिए गए थे, उनसे प्रतिदिन यूनिट कमांडर संपर्क में है। अन्य नेपाल मूल के गोरखा सैनिक जिन्हें छुट्टियों पर जाना था, उसे फिलहाल रद्द कर दिया गया है। नेपाल में हालात सामान्य होने तक नेपाली मूल के गोरखा की छुट्टियां स्थगित रहेंगी।
काठमांडू घाटी के तीन जिलों में निषेधाज्ञा बढ़ी
नेपाल सेना ने गुरुवार को काठमांडू घाटी के तीन जिलों में निषेधाज्ञा बढ़ा दी है और कुछ समय के लिए आम लोगों की आवाजाही की अनुमति दे दी है। हालांकि हिंसक प्रदर्शनों के बाद प्रधानमंत्री के.पी. शर्मा ओली को इस्तीफ़ा देना पड़ा था, लेकिन हिमालयी देश धीरे-धीरे सामान्य स्थिति में लौट रहा है। यहां तक कि सेना सड़कों पर पहरा दे रही है, देश के बाकी हिस्सों में स्थिति ज़्यादातर शांतिपूर्ण रही सिवाय काठमांडू के दक्षिण-पूर्व में एक जेल से, जहां भागने की कोशिश में नेपाली सेना की गोलीबारी में दो लोगों की मौत हुई और एक दर्जन से ज्यादा लो घायल हो गए।
नेपाल सेना द्वारा जारी एक नोटिस में कहा गया है कि काठमांडू घाटी के तीन जिलों - काठमांडू, ललितपुर और भक्तपुर में सुबह 6 बजे से कर्फ्यू हटा लिया गया है। सेना द्वारा जारी नोटिस में कहा गया है कि आम जनता को जरूरी कामों के लिए कुछ घंटों की आवाजाही की अनुमति देने के बाद, प्रतिबंधात्मक आदेश सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक लागू रहेंगे। इसमें आगे कहा गया है कि शाम 5 बजे से 7 बजे तक की ढील के बाद, शुक्रवार शाम 7 बजे से सुबह 6 बजे तक रात्रि कर्फ्यू लागू रहेगा। कर्फ्यू हटते ही लोग जरूरी सामान खरीदने के लिए बाजारों, दुकानों और किराने की दुकानों की ओर दौड़ पड़े। सड़कों पर इक्का-दुक्का वाहन ही दिखे, जिन पर रविवार से शुरू हुई हिंसा के निशान अब भी मौजूद थे।
