Nepal Protest 10 Big Points: नेपाल में युवा सड़कों पर हैं और इस कदर भड़के हुए हैं कि वे जान लेने और देने दोनों के लिए तैयार हैं. युवाओं ने 8 सितंबर से Gen-Z रिवोल्यूशन के नाम से एक प्रदर्शन शुरू किया, जो हर पल के साथ बेकाबू होता चला गया। दरअसल, इस प्रदर्शन की वजह नेपाल सरकार का सोशल मीडिया पर बैन था। हालांकि, अब बैन हटा दिया गया है, लेकिन प्रदर्शनकारी दूसरे दिन यानी आज 9 सितंबर को भी सड़कों पर हैं और बड़ा सियासी बवाल मचा हुआ है। वे अब प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली के इस्तीफा की मांग कर रहे हैं। सरकार विरोधी नारों के साथ Gen-Z ओली सरकार पर करप्शन का आरोप लगा रहे हैं। आइए ऐसे में जानते हैं पूरे बवाल की 10 बड़ी बातें...
क्यों भड़के युवा?
- नेपाल में सोशल मीडिया पर बैन, करप्शन और आर्थिक मंदी के खिलाफ प्रदर्शन हो रहा है। नेपाल सरकार ने फेसबुक, ट्विटर, WhatsApp और यूट्यूब जैसे 26 सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर प्रतिबंध लगा दिया, जिससे युवा भड़क उठे।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ने नहीं कराया रजिस्ट्रेशन
2. नेपाल सरकार ने जिन भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर बैन लगाया उनको पहले संबंधित मंत्रालय से रजिस्ट्रेशन कराने के लिए कहा गया था. दरअसल, सरकार ने एक समय सीमा जारी की थी जिसमें मेटा के प्लेटफॉर्म्स, यूट्यूब, X, रेडिट और लिंक्डइन जैसी साइट को रजिस्ट्रेशन कराना था. ये समय 28 अगस्त से 7 दिनों तक का था, जहां ये सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म रजिस्ट्रेशन करने में असफल रहे। इसके बाद इन्हें बंद करने के आदेश जारी हो गए।
दूसरे दिन सड़कों पर प्रदर्शनकारी
3. नेपाल सरकार के इस कदम से युवा भड़के और 8 सितंबर को प्रदर्शन करते हुए काठमांडू की सड़कों से लेकर संसद भवन तक में घुस गए। नेपाल में प्रदर्शनकारी मंगलवार सुबह फिर से सड़कों पर उतर आए। यह तब हुआ जब पहले ही देश की सरकार ने सोशल मीडिया पर प्रतिबंध हटा लिया था।
19 लोगों की मौत
4. ANI ने स्थानीय मीडिया के हवाले से बताया कि प्रतिबंध के कारण प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच झड़प हुई, जिसमें कम से कम 19 लोगों की मौत हो गई और 250 से अधिक घायल बताए जा रहे हैं।
कर्फ्यू दोबारा लगाया गया
5. हिमालयन टाइम्स की आज की रिपोर्ट के अनुसार, काठमांडू जिला प्रशासन कार्यालय ने नेपाल की राजधानी के रिंग रोड इलाके में अनिश्चितकालीन कर्फ्यू लगा दिया है। पहले के आदेश को हटाए जाने के कुछ ही घंटों बाद यह प्रतिबंध फिर से लागू कर दिए गए हैं।
मंत्री के घर आग लगाई
6. नेपाल में प्रदर्शनकारियों ने मंगलवार सुबह ललितपुर के सुनाकोठी में संचार, सूचना एवं प्रौद्योगिकी मंत्री पृथ्वी सुब्बा गुरुंग के निजी आवास में आग लगा दी। वहीं, भ्रष्टाचार के खिलाफ देशव्यापी जनरेशन Z के नेतृत्व में विरोध प्रदर्शन दूसरे दिन भी जारी है।
गृह मंत्री, कृषि मंत्री का इस्तीफा
7. राजनीतिक अशांति के बीच नेपाल के गृह मंत्री रमेश लेखक और कृषि मंत्री रामनाथ अधिकारी ने इस्तीफा दे दिया। जल आपूर्ति मंत्री प्रदीप यादव ने भी इस्तीफा दिया।
प्रधानमंत्री के.पी. शर्मा ओली का पहला रिएक्शन
8. नेपाल के प्रधानमंत्री के.पी. शर्मा ओली ने सरकार द्वारा सोशल मीडिया पर प्रतिबंध हटाने के बाद पहले बयान में कहा कि Gen-Z द्वारा विरोध प्रदर्शन के दौरान हुई दुखद घटना से मैं बहुत दुखी हूं। हमें विश्वास था कि हमारे बच्चे शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांगें रखेंगे, लेकिन विभिन्न निहित स्वार्थी तत्वों द्वारा विरोध प्रदर्शन में घुसपैठ के कारण जो स्थिति बनी इससे नागरिकों की दुखद मृत्यु हो गई। ओली ने कहा कि सरकार सोशल मीडिया पर बैन के पक्ष में नहीं थी, बस इस्तेमाल के लिए माहौल सुनिश्चित करना चाहती है। इसके लिए लगातार प्रदर्शन की जरूरत नहीं थी। पूरी घटना और नुकसान के साथ ही ऐसी स्थिति क्यों बनी इसकी जांच कराएंगे। जांच समिति का गठन होगा।
भारत के विदेश मंत्रालय का बयान
9. भारत के विदेश मंत्रालय ने मंगलवार को नेपाल में भारतीय नागरिकों को सावधानी बरतने को कहा। साथ ही नेपाल सरकार के अधिकारियों के दिशानिर्देशों का पालन करने की सलाह दी। मंत्रालय ने नेपाल में हुए विरोध प्रदर्शनों में मारे गए लोगों के प्रति भी शोक व्यक्त किया।
ओली ने सर्वदलीय बैठक बुलाई
10. प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली ने सर्वदलीय बैठक बुलाई है। युवा प्रदर्शनकारी ओली के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं। एक प्रदर्शनकारी ने ANI को बताया, 'कल कई छात्र मारे गए और नेपाल के प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली को देश छोड़ देना चाहिए...छात्रों को अपनी आवाज उठाते रहना चाहिए...'
