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सुनीता विलियम्स की तीसरी अंतरिक्ष उड़ान टली, बोइंग ने स्टारलाइनर के क्रू लॉन्च को किया रद्द

Astronaut Sunita Williams: नासा ने एक्स पर एक पोस्ट में बताया, आज के स्टारलाइनर लॉन्च को रद्द कर दिया गया है। टीमें ऑक्सीजन रिलीफ वाल्व की जांच कर रही हैं। इसमें कहा गया है कि हमारे अंतरिक्ष यात्री स्टारलाइनर से बाहर निकल गए हैं और क्वार्टर में लौट आएंगे। बता दें, सीएसटी-100 स्टारलाइनर अंतरिक्ष यान से नासा के अंतरिक्ष यात्री बुच विल्मोर और भारतीय मूल की सुनीता विलियम्स को लॉन्च किया जाना था।

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बोइंग ने स्टारलाइनर के क्रू लॉन्च को किया रद्द

Photo : ANI

Astronaut Sunita Williams: नासा ने एक बार फिर स्टारलाइनर मानवयुक्त मिशन को ऑक्सीजन रिलीफ वाल्व में गड़बड़ी के चलते रद्द कर दिया है। सीएसटी-100 स्टारलाइनर अंतरिक्ष यान से नासा के अंतरिक्ष यात्री बुच विल्मोर और भारतीय मूल की सुनीता विलियम्स को लॉन्च किया जाना था। जब क्रू अंतरिक्ष यान में प्रवेश कर चुका था तो उसे रॉकेट के ऊपरी चरण में वाल्व में एक समस्या का सामना करना पड़ा।

नासा ने एक्स पर एक पोस्ट में बताया, आज के स्टारलाइनर लॉन्च को रद्द कर दिया गया है। टीमें ऑक्सीजन रिलीफ वाल्व की जांच कर रही हैं। इसमें कहा गया है कि हमारे अंतरिक्ष यात्री स्टारलाइनर से बाहर निकल गए हैं और क्वार्टर में लौट आएंगे। हालांकि, यह साफ नहीं हो पाया है कि स्टारलाइनर फिर से कब दुबारा लॉन्च हो सकता है।

पहले भी रद्द हो चुकी है स्टारलाइन की उड़ान

बोइंग के लिए यह झटका पहला नहीं है। इसके पहले भी स्टारलाइन की उड़ानों को रद्द करना पड़ा है। जानकारी के मुताबिक, 2014 और 2019 में भी कई कारणों से इसे रद्द करना पड़ा है। स्टारलाइनर ने 2019 में एक असफल प्रयास के बाद मई, 2022 ममें एक सफल अनक्रूड टेस्ट फ्लाइट भेजी थी। अगर यह उड़ान सफल होती तो यह अंतरराष्ट्रीय स्पेस स्टेशन (ISS) तक और वहां से चालक दल को परिवहन प्रदान करने वाली दूसरी निजी कंपनी बन जाती। बता दें, अभी तक सिर्फ एलन मस्क की क्रू फ्लाइट टेस्ट सफल रही है। 2020 में स्पेसएक्स ने पहली क्रू फ्लाइट टेस्ट आईएसएस पर भेजी थी, इसके बाद से 12 क्रू मिशन भेजे गए हैं। वहीं, स्टारलाइनर का उद्देश्य भविष्य में नासा के मिशनों के लिए अंतरिक्ष यात्रियों और कार्गो को पृथ्वी की निचली कक्षा और उससे आगे तक ले जाना है।

अंतरिक्ष में 322 दिन बिता चुकी हैं सुनीता विलियम्स

भारतीय मूल की अंतरिक्ष यात्री सुनीता विलियम्स 2006 और 2012 में दो बार अंतरिक्ष की यात्रा कर चुकी हैं। उन्होंने अब तक कुल 322 दिन अंतरिक्ष मे बिताए हैं। यह उनकी तीसरी उड़ान होती। बता दें, 2006 में सुनीता विलियम्स को इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन में भेजे गए 14वें शटल डिस्कवरी के साथ रवाना किया गया था। इसके बाद उन्होंने 2012 में दोबारा अंतरिक्ष की उड़ान भरी थी। उस समय उन्होंने कजाकिस्तान के बैकोनूर से रूसी रॉकेट सोयूज टीएमए-05एम से उड़ान भरी थी।

Pranjul Srivastava
प्रांजुल श्रीवास्तवauthor

<p>मैं इस वक्त टाइम्स नाउ नवभारत से जुड़ा हुआ हूं। पत्रकारिता के 8 वर्षों के तजुर्बे में मुझे और मेरी भाषाई समझ को गढ़ने और तराशने में कई वरिष्ठ पत्रकारों और संपादकों का योगदान रहा। 2016 में उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से शुरू हुआ यह सफर देश की राजधानी दिल्ली में 'टाइम्स नाउ नवभारत' तक आ पहुंचा है। अखबारों में रिपोर्टिंग करते हुए शहरों की धूल फांकना और डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को समझते हुए देश-विदेश की खबरों को आप तक पहुंचाने का मेरा ये सफर काफी किस्से-कहानियों से भरा हुआ है। लखनऊ की बाबा भीम राव अंबेडकर सेंट्रल यूनिवर्सिटी के क्लासरूम में प्रोफेसरों से मिले किताबी ज्ञान और पत्रकारीय सिद्धांतों को जमीन पर उतारने का मौका मुझे 2016 में ही मिल गया। पहला ब्रेक टाइम्स ग्रुप के प्रतिष्ठित अखबार 'नवभारत टाइम्स' ने दिया। यहां बतौर इंटर्न मुझे कई सामाजिक संगठनों की रिपोर्टिंग करने का मौका मिला। दिनभर शहर में घूम-घूम कर खबरों को बटोरना और शाम होते ही उन्हें लिखकर डेस्क के हवाले करना मेरी दिनचर्या का हिस्सा हो गया। इस अनुभव ने मुझे समाज के तौर तरीकों से परिचित कराया तो न्यूजरूम में सीनियर्स से मिली डांट ने पत्रकारिता की बारीकियों और भाषाई मर्यादा को समझने में मदद की। करीब 3 से 4 महीनों की इंटर्नशिप के बाद मुझे 2017 आते-आते गांधी परिवार के गढ़ रायबरेली भेजा गया। यह समय उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव और सत्ता के बदलाव का था। यहां बतौर रिपोर्टर मैं पहली बार राजनीतिक खबरों से रूबरू हुआ। रायबरेली के मिजाज को करीब 8 महीनों तक समझने के बाद नवभारत टाइम्स ने मुझे वापस लखनऊ बुलाया और शहर की रिपोर्टिंग करने का मौका दिया। यहां विज्ञान, पर्यावरण, बाजार, लखनऊ विकास प्राधिकरण, आवास विकास और मेट्रो जैसी बीट पर जमकर काम किया। यह सफर अब पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिले मुरादाबाद तक पहुंच गया था, जहां मुझे दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित अखबार के लिए दो वर्षों तक रिपोर्टिंग करने का अवसर मिला। करीब दो वर्षों की पत्रकारिता के बाद अब मुझे देश की राजधानी की ओर रुख करना था और यह मौका अमर उजाला (डिजिटल) ने दिया। अखबारों की रिपोर्टिंग से निकलकर डिजिटल पत्रकारिता के अनुभव से मैं पहली बार रूबरू हो रहा था। यहां पर मुझे मेन डेस्क पर जिम्मेदारी मिली। जहां सबसे आगे रहते हुए सबसे सटीक खबरें आप तक पहुंचाना चुनौती भरा काम था, लेकिन पत्रकारिता की शुरुआत में मिले अनुभवों ने मेरा काम आसान बना दिया। यहां भी करीब दो वर्षों के बाद 2023 में मुझे टाइम्स ग्रुप से दोबारा जुड़ने का मौका मिला और टाइम्स नाउ नवभारत की मेन डेस्क पर मेरा सफर अब तक जारी है।</p>

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