Astronaut Sunita Williams: नासा ने एक बार फिर स्टारलाइनर मानवयुक्त मिशन को ऑक्सीजन रिलीफ वाल्व में गड़बड़ी के चलते रद्द कर दिया है। सीएसटी-100 स्टारलाइनर अंतरिक्ष यान से नासा के अंतरिक्ष यात्री बुच विल्मोर और भारतीय मूल की सुनीता विलियम्स को लॉन्च किया जाना था। जब क्रू अंतरिक्ष यान में प्रवेश कर चुका था तो उसे रॉकेट के ऊपरी चरण में वाल्व में एक समस्या का सामना करना पड़ा।
नासा ने एक्स पर एक पोस्ट में बताया, आज के स्टारलाइनर लॉन्च को रद्द कर दिया गया है। टीमें ऑक्सीजन रिलीफ वाल्व की जांच कर रही हैं। इसमें कहा गया है कि हमारे अंतरिक्ष यात्री स्टारलाइनर से बाहर निकल गए हैं और क्वार्टर में लौट आएंगे। हालांकि, यह साफ नहीं हो पाया है कि स्टारलाइनर फिर से कब दुबारा लॉन्च हो सकता है।
पहले भी रद्द हो चुकी है स्टारलाइन की उड़ान
बोइंग के लिए यह झटका पहला नहीं है। इसके पहले भी स्टारलाइन की उड़ानों को रद्द करना पड़ा है। जानकारी के मुताबिक, 2014 और 2019 में भी कई कारणों से इसे रद्द करना पड़ा है। स्टारलाइनर ने 2019 में एक असफल प्रयास के बाद मई, 2022 ममें एक सफल अनक्रूड टेस्ट फ्लाइट भेजी थी। अगर यह उड़ान सफल होती तो यह अंतरराष्ट्रीय स्पेस स्टेशन (ISS) तक और वहां से चालक दल को परिवहन प्रदान करने वाली दूसरी निजी कंपनी बन जाती। बता दें, अभी तक सिर्फ एलन मस्क की क्रू फ्लाइट टेस्ट सफल रही है। 2020 में स्पेसएक्स ने पहली क्रू फ्लाइट टेस्ट आईएसएस पर भेजी थी, इसके बाद से 12 क्रू मिशन भेजे गए हैं। वहीं, स्टारलाइनर का उद्देश्य भविष्य में नासा के मिशनों के लिए अंतरिक्ष यात्रियों और कार्गो को पृथ्वी की निचली कक्षा और उससे आगे तक ले जाना है।
अंतरिक्ष में 322 दिन बिता चुकी हैं सुनीता विलियम्स
भारतीय मूल की अंतरिक्ष यात्री सुनीता विलियम्स 2006 और 2012 में दो बार अंतरिक्ष की यात्रा कर चुकी हैं। उन्होंने अब तक कुल 322 दिन अंतरिक्ष मे बिताए हैं। यह उनकी तीसरी उड़ान होती। बता दें, 2006 में सुनीता विलियम्स को इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन में भेजे गए 14वें शटल डिस्कवरी के साथ रवाना किया गया था। इसके बाद उन्होंने 2012 में दोबारा अंतरिक्ष की उड़ान भरी थी। उस समय उन्होंने कजाकिस्तान के बैकोनूर से रूसी रॉकेट सोयूज टीएमए-05एम से उड़ान भरी थी।
