Volcano Eruption Indonesia 2026 : इंडोनेशिया के एक दूरस्थ द्वीप पर स्थित माउंट डुकोनो ज्वालामुखी में विस्फोट से तीन पर्वतारोहियों की मौत हो गई। प्राधिकारियों ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। उत्तर हलमाहेरा के पुलिस प्रमुख एर्लिचसन पासारिबू ने बताया कि सुरक्षा प्रतिबंधों की अवहेलना करते हुए, लगभग 20 पर्वतारोही बृहस्पतिवार को हलमाहेरा द्वीप पर स्थित लगभग 1,355 मीटर (4,445 फुट) ऊंचे ज्वालामुखी पर चढ़ाई करने के लिए रवाना हुए।
पर्वतारोहियों को पता था कि चढ़ाई प्रतिबंधित है
इंडोनेशिया की भूवैज्ञानिक एजेंसी के अनुसार, स्थानीय समयानुसार सुबह सात बजकर 41 मिनट पर डुकोनो ज्वालामुखी में विस्फोट से लोग वहां फंस गए। पासारिबु ने एक टेलीविजन को दिए साक्षात्कार में कहा, "पर्वतारोहियों को पता था कि चढ़ाई प्रतिबंधित है, लेकिन वे आगे बढ़ते रहें।
14 पर्वतारोहियों को सुरक्षित निकाला
आपात संकेत मिलने के बाद बचाव दलों को मौके पर भेजा गया। पुलिस प्रमुख के अनुसार, घटनास्थल पर सिंगापुर के दो नागरिकों और इंडोनेशिया के एक नागरिक की मौत हो गई। शुक्रवार दोपहर तक सात विदेशी नागरिकों समेत 14 पर्वतारोहियों को सुरक्षित निकाल लिया गया, जिनमें पांच घायल बताए गए हैं। बचाव दल उन अन्य पर्वतारोहियों की तलाश में जुटे हैं जो नीचे उतरने की कोशिश कर रहे थे।
माउंट डुकोनो (Mount Dukono) इंडोनेशिया के सबसे सक्रिय ज्वालामुखियों में गिना जाता है। यह उत्तर मलुकु प्रांत के हलमाहेरा द्वीप पर स्थित है और 1933 से लगातार सक्रिय बना हुआ है। इंडोनेशिया “रिंग ऑफ फायर” क्षेत्र में आता है, इसलिए यहां ज्वालामुखी विस्फोट आम हैं।
अप्रैल 2026 की घटना
अप्रैल 2026 में भी ट्रेकिंग के दौरान अचानक विस्फोट हुआ।
हालांकि उस समय कोई मौत नहीं हुई थी।
इसके बाद प्रशासन ने इलाके में प्रवेश पर रोक लगा दी थी।
मई 2026 में भी हादसा
- 8 मई 2026 को ज्वालामुखी में बड़ा विस्फोट हुआ।
- करीब 20 पर्वतारोही प्रतिबंध के बावजूद ट्रेकिंग पर गए थे।
- तीन पर्वतारोहियों की मौत हो गई, जिनमें दो सिंगापुर के नागरिक बताए गए।
- राख का गुबार करीब 10 किलोमीटर तक आसमान में पहुंच गया।
- क्यों खतरनाक है माउंट डुकोनो?
- यह ज्वालामुखी लगातार राख और गैस छोड़ता रहता है।
- अचानक विस्फोट होने का खतरा बना रहता है।
- प्रशासन ने क्रेटर के 4 किलोमीटर दायरे में प्रवेश पर प्रतिबंध लगाया हुआ है।
