Karnataka Cabinet Portfolios: कर्नाटक में विभागों को लेकर जारी सस्पेंस समाप्त हो गया है। मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने खुद के पास वित्त, कैबिनेट मामले, कार्मिक और प्रशासनिक सुधार, खुफिया, सूचना, कानून, न्याय और मानवाधिकार, संसदीय मामले, विधायी कार्य और कृषि विपणन विभाग रखे हैं। इसके अतिरिक्त, मुख्यमंत्री के पास वह विभाग भी रहेंगे, जो किसी मंत्री को नहीं सौंपे गए हैं।
प्राप्त जानकारी के मुताबिक, बी.जेड. जमीर अहमद खान को आवास विभाग, के.एच. मुनियप्पा को समाज कल्याण, यू.टी. खादर को अल्पसंख्यक कल्याण, हज और वक्फ, स्वास्थ्य और परिवार कल्याण, और एम.बी. पाटिल को वाणिज्य और उद्योग विभाग सौंपा गया है, जबकि कर्नाटक कैबिनेट मंत्री रामलिंगा रेड्डी को वन, पारिस्थितिकी और पर्यावरण विभाग भी जिम्मेदारी सौंपी गई।
पहली बार मंत्री बने नेताओं को भी अहम विभाग
शिवकुमार मंत्रिमंडल में पहली बार शामिल किए गए कई नेताओं को अहम जिम्मेदारी सौंपी गई है। इनमें रिजवान अरशद को खाद्य और नागरिक आपूर्ति विभाग, पी. एम. नरेंद्रस्वामी को कृषि, एच. सी. बालकृष्ण को नगरपालिका प्रशासन विभाग और के. एम. शिवलिंगेगौड़ा को आबकारी विभाग की जिम्मेदारी शामिल है। वहीं, के एच मुनियप्पा को खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग से स्थानांतरित कर समाज कल्याण विभाग सौंपा गया है।
किसे मिला कौन सा विभाग ?
| क्रमांक | मंत्रियों के नाम | विभाग |
| 1 | डी.के. शिवकुमार | वित्त, कैबिनेट मामले, कार्मिक और प्रशासनिक सुधार, खुफिया, सूचना, कानून, न्याय और मानवाधिकार, संसदीय मामले, विधायी कार्य और कृषि विपणन और अन्य आवंटित न किए गए विभाग |
| 2 | बी. जेड. जमीर अहमद खान | आवास |
| 3 | रामलिंगा रेड्डी | वन और पर्यावरण विभाग |
| 4 | लक्ष्मण सावदी | सहकारी और कृषि उपज विपणन विभाग |
| 5 | रुद्रप्पा लमानी | चीनी एवं कपड़ा |
| 6 | के. एच. मुनियप्पा | समाज कल्याण विभाग |
| 7 | शिवराज थंगदगी | पिछड़ा वर्ग और कन्नड़ संस्कृति विभाग |
| 8 | यू.टी. खादर | स्वास्थ्य, परिवार कल्याण, अल्पसंख्यक कल्याण विभाग, वक्फ विभाग |
| 9 | टी. रघुमूर्ति | अनुसूचित जनजाति कल्याण विकास |
| 10 | डॉ. अजय सिंह | लघु सिंचाई, विज्ञान और प्रौद्योगिकी |
| 11 | चेलुवरायस्वामी | प्रमुख एवं मध्यम सिंचाई |
| 12 | मधु बंगारप्पा | प्राथमिक एवं माध्यमिक शिक्षा |
| 13 | बसवराज राय रेड्डी | उच्च शिक्षा |
| 14 | के. एम. शिवलिंगेगौड़ा | आबकारी विभाग |
| 15 | पुत्तरंगाशेट्टी | पशुपालन एवं रेशम उत्पादन विभाग |
| 16 | विजयानंद कसाबन्नवर | लघु उद्योग और सार्वजनिक उद्यम |
| 17 | संतोष लाड | श्रम एवं रोजगार विभाग |
| 18 | के. एस. बसवंथप्पा | बंदरगाह और मत्स्य पालन और मुज़राई विभाग |
| 19 | एस.एस. मल्लिकार्जुन | खान एवं भूविज्ञान, बागवानी |
| 20 | रिजवान अरशद | खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति, उपभोक्ता मामले |
| 21 | नरेंद्र स्वामी | कृषि |
| 22 | एच.सी. बालकृष्ण | नगर प्रशासन |
| 23 | बी. नागेंद्र | योजना एवं सांख्यिकी |
मंत्रिमंडल में एक भी महिला मंत्री नहीं
शिवकुमार के नेतृत्व वाले इस मंत्रिमंडल में एक भी महिला मंत्री शामिल नहीं है। मुख्यमंत्री के रूप में पदभार संभालने के दो महीने बाद शिवकुमार ने तीन अगस्त को 19 नए मंत्रियों को शामिल करके अपने मंत्रिमंडल का विस्तार किया था जिससे मंत्रियों की कुल संख्या 33 हो गई है, जबकि एक पद अब भी खाली है। विभागों का यह आवंटन राज्य विधानमंडल के मानसून सत्र की शुरुआत से ठीक एक दिन पहले हुआ है।
सनद रहे कि शिवकुमार पिछले कुछ हफ्तों से लगातार दिल्ली का दौरा कर रहे थे ताकि जल्द से जल्द मंत्रिमंडल विस्तार और उसके बाद विभागों का बंटवारा कर सकें। हाल ही में शिवकुमार और कांग्रेस महासचिव रणदीप सुरजेवाला ने मंत्रिमंडल में जगह नहीं मिलने से नाराज विधायकों से भी मुलाकात की थी। हालांकि, उन्होंने इस मुलाकात को 'रणनीतिक चर्चा' का नाम दिया था।
