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जर्मनी में 3.2 मिलियन बुजुर्गों पर बढ़ा गरीबी का खतरा

जर्मनी में बुजुर्गों की जनसंख्या में पिछले काफी सालों में इजाफा हुआ है। साल 1991 में बुजुर्गों की 12 मिलियन आबादी थी, जो साल 2022 में बढ़कर 18.7 मिलियन हो गई।

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जर्मनी में बढ़ा गरीबी का खतरा (प्रतीकात्मक फोटो- Pixabay)

जर्मनी में बुजुर्गों को लेकर एक नई रिपोर्ट सामने आई है। यूरोस्टेट के आंकड़ों से पता चला है कि जर्मनी में 65 साल से अधिक उम्र के लगभग 3.2 मिलियन बुजुर्ग पर गरीबी का खतरा बढ़ गया है। समाचार एजेंसी सिन्हुआ ने जर्मन समाचार एजेंसी डीपीए के हवाले से बताया कि जर्मनी में वरिष्ठ नागरिकों की गरीबी की दर में हाल के वर्षों में स्थिरता बनी हुई है।

जर्मनी में बुजुर्गों की हालत खराब

साल 2023 में 3.245 मिलियन और 2022 में 3.157 मिलियन वरिष्ठ नागरिक प्रभावित हुए हैं। हालांकि, यह आंकड़ा 2013 के आंकड़े से काफी अलग है, जब जर्मनी में सिर्फ 2.4 मिलियन बुजुर्गों पर गरीबी का खतरा था। दरअसल, गरीबी के जोखिम को तब परिभाषित किया जाता है, जब किसी व्यक्ति की आय सामाजिक लाभों के बाद 60 फीसदी से कम होती है।

बुजुर्गों की जनसंख्या में वृद्धि

जर्मनी में बुजुर्गों की जनसंख्या में पिछले काफी सालों में इजाफा हुआ है। साल 1991 में बुजुर्गों की 12 मिलियन आबादी थी, जो साल 2022 में बढ़कर 18.7 मिलियन हो गई। फेडरल स्टैटिस्टिकल ऑफिस के अनुसार, इस जनसांख्यिकीय बदलाव का मतलब है कि बुजुर्ग आबादी देश की जनसंख्या का एक बड़ा हिस्सा बन गए हैं। इस बीच, देश में पेंशन सुधार को लेकर बुज़ुर्गों की गरीबी के मुद्दे पर बहस तेज हो गई है। जर्मन राजनीतिक दलों के बीच संभावित समाधानों पर काफी मतभेद हैं। डीपीए के मुताबिक, नई सरकार बनने से पहले बड़े बदलाव होने की संभावना नहीं है।

Shishupal Kumar
शिशुपाल कुमारauthor

शिशुपाल कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के न्यूज डेस्क में कार्यरत एक अनुभवी पत्रकार हैं, जिन्हें 13 वर्षों का अनुभव हासिल है। राजनीतिक, अंतरराष्ट्रीय और क्राइम रिपोर्टिंग में गहरी रुचि और मजबूत पकड़ के साथ वे समाचारों की बारीकियों को समझने और उन्हें प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करने के लिए जाने जाते हैं। शिशुपाल ने अपने करियर की शुरुआत एक इन्वेस्टिगेटिव जर्नलिस्ट के रूप में की, जहां उन्होंने प्रोडक्शन से लेकर ग्राउंड रिपोर्टिंग तक पत्रकारिता के कई महत्वपूर्ण पहलुओं में काम किया। फील्ड रिपोर्टिंग और डेस्क दोनों स्तरों पर उनकी दक्षता है। अब तक शिशुपाल कुमार 15,000 से अधिक खबरें प्रकाशित कर चुके हैं। वह ब्रेकिंग न्यूज, रियल-टाइम कवरेज, डेटा-आधारित विश्लेषण और एक्सप्लेनर लिखने में खास महारत रखते हैं। उनकी स्टोरीज तथ्यों की सटीकता और सहज भाषा की वजह से पाठकों पर मजबूत प्रभाव छोड़ती हैं।

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